Big Cats Conservation: शेर, बाघ, चीता समेत बड़ी बिल्लियों को बचाने के लिए सरकार चला रही ये बड़े प्रोजेक्ट
Preeti Nahar | May 13, 2026, 15:27 IST
भारत सरकार बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। Ministry of Environment, Forest and Climate Change,National Tiger Conservation Authority,Wildlife Institute of Indiaऔर राज्य वन विभाग मिलकर शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता जैसी प्रजातियों के संरक्षण पर काम कर रहे हैं। जानिए बिग कैट्स के संरक्षण के लिए सरकार किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
Big Cats को बचाने की मुहिम, सरकार ने शुरू किए कई बड़े अभियान
भारत बिग कैट संरक्षण में ग्लोबल लीडर बन रहा है और International Big Cat Alliance (IBCA) के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय देशभर में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इन कार्यक्रमों का फोकस भारत में पाई जाने वाली पाँच प्रमुख जंगली बड़ी बिल्ली प्रजातियों जैसे- बाघ, एशियाई शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता पर रहेगा। इनके जरिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से संरक्षण के क्षेत्र में हासिल की गई सफलताओं, मौजूदा चुनौतियों और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से किए जा रहे प्रयासों को सामने लाया जाएगा।
भारत ने International Big Cat Alliance (IBCA) की शुरुआत कर वैश्विक स्तर पर बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में नई पहल की है। इसका उद्देश्य शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता जैसी सात प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। इसके जरिए संरक्षण तकनीक, नीति निर्माण, रिसर्च और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत ने न सिर्फ अपने वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने में सफलता हासिल की है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी संरक्षण मॉडल के रूप में उभर रहा है। आइए जानते हैं अलग-अलग जीवों के संरक्षण के लिए कौन-कौन सी परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।
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एशियाई शेर केवल भारत में पाए जाते हैं और इनका प्रमुख आवास गुजरात का Gir National Park है। शेरों की घटती संख्या को देखते हुए सरकार ने Project Lion शुरू किया, जिसका उद्देश्य इनके दीर्घकालिक संरक्षण और नए आवास क्षेत्रों का विकास करना है। इसके तहत शेरों की वैज्ञानिक गणना, बीमारी की निगरानी, शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ाना और गिर के बाहर भी उनके आवास का विस्तार किया जा रहा है। मानव-शेर संघर्ष को कम करने के लिए रेस्क्यू टीमों को सक्रिय किया गया है। गुजरात सरकार मालधारी समुदाय को संरक्षण प्रक्रिया में जोड़ने के साथ पशुधन नुकसान पर मुआवजा भी दे रही है।
भारत दुनिया के 70 प्रतिशत से ज्यादा जंगली बाघों का घर है। Project Tiger और National Tiger Conservation Authority के तहत देशभर में बाघ अभयारण्यों को मजबूत किया गया है। महाराष्ट्र के Chandrapur समेत विदर्भ क्षेत्र में बाघ संरक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कैमरा ट्रैप, M-STrIPES तकनीक, एआई आधारित मॉनिटरिंग, एंटी-पोचिंग फोर्स और वन्यजीव कॉरिडोर की सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है। कई क्षेत्रों में गाँवों को स्वैच्छिक रूप से स्थानांतरित कर बाघों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित किया गया है। इससे बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
तेंदुए भारत में सबसे अधिक फैलाव वाली बड़ी बिल्ली प्रजातियों में शामिल हैं और अक्सर मानव बस्तियों के आसपास देखे जाते हैं। Bhubaneswar में होने वाले कार्यक्रम में मानव-तेंदुआ सहअस्तित्व पर जोर दिया जाएगा। सरकार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल बनाए हैं। घायल तेंदुओं के बचाव और पुनर्वास के लिए विशेष केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि तेंदुओं के साथ संघर्ष की घटनाएं कम हो सकें।
हिम तेंदुआ हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र का बेहद अहम हिस्सा है। जलवायु परिवर्तन और घटते आवास के कारण यह प्रजाति ख़तरे में है। Snow Leopard Population Assessment in India (SPAI) कार्यक्रम के तहत हिम तेंदुओं की गणना की जा रही है। Gangtok और अन्य हिमालयी राज्यों में स्थानीय समुदायों को संरक्षण अभियान से जोड़ा गया है। सरकार ईको-टूरिज्म, वैकल्पिक आजीविका और शिकार प्रजातियों के संरक्षण पर भी काम कर रही है।
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भारत ने Project Cheetah के तहत दुनिया की पहली अंतरमहाद्वीपीय चीता पुनर्वास परियोजना शुरू की। Bhopal और Kuno National Park में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों को बसाया गया है। इनके लिए घास के मैदान विकसित किए जा रहे हैं, शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ाई जा रही है और सैटेलाइट कॉलर के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है। फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस: वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत
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एशियाई शेर
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3 तेंदुआ संरक्षण: मानव बस्तियों के बीच सहअस्तित्व की कोशिश
तेंदुआ- इंसानों के साथ सह-अस्तित्व में रहने वाली बिग कैट प्रजाति
4 हिम तेंदुआ संरक्षण: हिमालय का प्रहरी बचाने की मुहिम
जलवायु परिवर्तन के कारण खतरे में हिम तेंदुआ
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KP-2 Cheetah