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देशभर में रहेगा मौसम का दोहरा असर: उत्तर में कड़ाके की ठंड, दक्षिण में तेज़ बारिश

Gaon Connection | Jan 07, 2026, 16:44 IST
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भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले 5–7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है और कई राज्यों में शीत दिवस व शीतलहर की स्थिति बनने की संभावना है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी और उससे सटे हिंद महासागर के ऊपर बने दबाव के कारण तमिलनाडु, केरल और माहे में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
IMD की चेतावनी: 5–7 दिन उत्तर भारत में घना कोहरा, तमिलनाडु में भारी बारिश
देश के बड़े हिस्से में मौसम की सख़्ती अभी कम होने के संकेत नहीं हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पाँच से सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और उत्तर-पूर्वी भारत के कई इलाकों में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रह सकता है। इसके साथ ही उत्तर भारत के कई राज्यों में शीत दिवस और कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह दौर लगातार बना रह सकता है, जिससे आम जनजीवन पर असर और गहरा हो सकता है।

बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति दर्ज की गई। अमृतसर, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर जैसे शहरों में कुछ समय के लिए दृश्यता शून्य या बेहद कम रही। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नज़र आए, ट्रेनों और उड़ानों में देरी हुई और हाईवे पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया। मौसम विभाग ने चेताया है कि आने वाले दिनों में भी सुबह के समय यात्रा जोखिमभरी बनी रह सकती है।

शीत दिवस और शीतलहर से बढ़ेगी ठंड की मार

IMD के अनुसार अगले दो–तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत (ओडिशा को छोड़कर) के कई हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति बनी रह सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में अगले दो दिनों तक तथा राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले तीन से पाँच दिनों के दौरान शीतलहर चलने की संभावना है। राजस्थान में कुछ स्थानों पर हाल के दिनों में अत्यधिक ठंडा दिन दर्ज किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी ठंडे दिन की स्थिति बनी रही है।

तापमान सामान्य से काफी नीचे

तापमान के आंकड़े सर्दी की गंभीरता को और स्पष्ट कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों में कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। विदर्भ, तेलंगाना, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफ़ी नीचे रिकॉर्ड किया गया है। देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में दर्ज किया गया।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत की ठंड के बीच दक्षिण भारत में मौसम की तस्वीर बिल्कुल अलग नज़र आ रही है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर बना अवदाब अगले 24 घंटों में और मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से 8 से 11 जनवरी के बीच तमिलनाडु में तथा 9 और 10 जनवरी को केरल और माहे में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 10 जनवरी को तमिलनाडु के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है।

पाला पड़ने और स्वास्थ्य जोखिम की चेतावनी

मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में 7 से 9 जनवरी के दौरान और मेघालय में 7–8 जनवरी को पाला पड़ने की संभावना जताई है। लगातार ठंड, कोहरा और शीतलहर के कारण स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ सकता है। लंबे समय तक ठंड और घने कोहरे के संपर्क में रहने से सांस संबंधी बीमारियां, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने कंपकंपी, सुन्नता और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।

किसानों और पशुपालकों के लिए अहम सलाह

IMD के अनुसार कम तापमान, पाला और शीतलहर का सीधा असर खेती और पशुपालन पर पड़ सकता है। उत्तर भारत और मध्य भारत के कई राज्यों में किसानों को खड़ी फसलों को ठंड से बचाने के लिए शाम के समय हल्की और बार-बार सिंचाई करने, मल्चिंग अपनाने और सब्ज़ियों की नर्सरी व नए पौधों को ढकने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी पशुओं को रात में शेड के अंदर रखने और मुर्गीपालन में अतिरिक्त गर्मी की व्यवस्था करने को कहा गया है।

सतर्कता और तैयारी ज़रूरी

कुल मिलाकर, मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान संकेत देता है कि देश में ठंड और बारिश—दोनों ही मोर्चों पर अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। उत्तर भारत में घना कोहरा और शीतलहर जहां जनजीवन को प्रभावित कर रही है, वहीं दक्षिण भारत में भारी बारिश से जनसुविधाओं और खेती पर असर पड़ सकता है। ऐसे में मौसम अपडेट पर लगातार नज़र रखना और आवश्यक सावधानियां अपनाना बेहद ज़रूरी है।

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