खाद संकट या लापरवाही? यूरिया के लिए किसानों की लंबी कतार
यूरिया के लिए परेशान किसान, खाद वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल। किसानों का आरोप है कि यूरिया लेने के लिए उन्हें घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, लेकिन कई बार इंतजार के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही। कुछ किसानों ने दावा किया कि मजबूरी में उन्हें यूरिया ब्लैक में 400-500 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है। सहकारी समिति केंद्र की पड़ताल में सचिव मौजूद नहीं मिले, वहां केवल कंप्यूटर ऑपरेटर मौजूद था। किसानों ने आरोप लगाया कि तय कीमत 266.50 रुपये की जगह यूरिया ज्यादा दाम में दी जा रही है। जांच के दौरान स्टॉक और रजिस्टर में भी अंतर सामने आया। 28 तारीख की एंट्री नहीं होने के बावजूद कई किसानों को खाद दिए जाने की बात कही गई। इस पूरे मामले को लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर से भी सवाल किए गए। देखिए किसानों की परेशानी और खाद वितरण व्यवस्था की पूरी पड़ताल। इसी क्रम में 'गाँव कनेक्शन' ने बाराबंकी ज़िले की बी-पैक्स समिति लिमिटेड, निंदूर का भी जायज़ा लिया। यहाँ किसानों ने खाद की कमी, वितरण में देरी और निजी दुकानों पर अधिक दाम वसूले जाने जैसी समस्याएँ बताईं। वहीं समिति में खाद वितरण, स्टॉक रजिस्टर की प्रविष्टियों और कर्मचारियों की ज़िम्मेदारियों को लेकर भी कई सवाल उठे। किसानों और समिति कर्मचारियों से बातचीत के दौरान खाद वितरण व्यवस्था से जुड़ी कई बातें सामने आईं।
