'टचस्क्रीन के बेतहाशा इस्तेमाल से बच्चों को पेंसिल पकड़ पाने में हो सकती है दिक्कतें'

टचस्क्रीन के बेतहाशा इस्तेमाल से बच्चों को पेंसिल पकड़ पाने में हो सकती है दिक्कतें‘टचस्क्रीन के बेतहाशा इस्तेमाल से बच्चों को पेंसिल पकड़ पाने में हो सकती है दिक्कतें’

लंदन (भाषा)। ब्रिटेन के चिकत्सिकों का कहना है कि फोन और टैबलेट के बेतहाशा इस्तेमाल से बच्चों की अंगुलियों की मांसपेशियां सही ढंग से विकसित नहीं हो पाती हैं जिससे उन्हें पेंसिल या पेन पकड़ने में मुश्किल आ सकती है।

ब्रिटेन के हॉर्ट ऑफ इंग्लैंड फाउंडेशन एनएचएस ट्रस्ट की प्रधान पीडियाट्रिक थेरेपस्टि सैली पायने ने कहा, ''उतने मजबूत एवं निपुण हाथों वाले बच्चे स्कूल में नहीं आ रहे हैं जो 10 साल पहले देखने को मिलती थी।'' उन्होंने कहा, ''पेंसिल पकड़ने और चलाने के लिए आपकी अंगुलियों की बारीक मांसपेशियों पर आपका मजबूत नियंत्रण होना चाहिए। इन कौशलों को विकसित करने के लिए बच्चों को बहुत मौकों की जरूरत पड़ती है।''

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समाचार-पत्र गार्डियन ने पायन के हवाले से कहा है, ''बच्चों को ब्लॉक बनाने, खिलौने या रस्सियां खींचने जैसे मांसपेशियां बनाने वाले खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित करने की बजाए उन्हें आईपैड पकड़ा देना ज्यादा आसान होता है।'' लंदन की ब्रूनेल यूनिवर्सिटी में एक रिसर्च क्लिनिक चलाने वाली मेलिसा प्रूंटी ने कहा कि तकनीक के अत्याधिक इस्तेमाल के चलते कई बच्चों में लिखने का हुनर देर से विकसित हो सकता है। यह क्लिनिक लिखावट समेत बचपन में सीखे जाने वाले अन्य कौशल की जांच करता है।

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