मनरेगा : उत्तर प्रदेश में बैंक खाते से जुड़े 65 फीसदी जॉब कार्ड  

मनरेगा : उत्तर प्रदेश में बैंक खाते से जुड़े 65 फीसदी जॉब कार्ड  मनरेगा मजदूर 

गाँव कनेक्शन/स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। सरकार की मंशा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने और इसमें और पारदर्शिता लाने की है। इसी क्रम में मनरेगा में पंजीकृत श्रमिकों के जॉब कार्ड को श्रमिकों के बैंक खाते और आधार से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान समय में करीब 91 लाख मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं, जिनमें से करीब 65 फीसदी जॉब कार्ड को बैंक के खाते से जोड़ा जा चुका है।

कई बार देखने में आता है कि पंचायत कर्मचारियों और प्रधान की मिलीभगत से एक व्यक्ति के दो-दो मनरेगा के जॉब कार्ड बनवा लेते हैं। कई जगहों पर फर्जी हाजिरी लगाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इसी भ्रष्टाचार को रोकने के लिए श्रमिकों के जॉब कार्ड को श्रमिकों के बैंक खाते जोड़ा जा रहा है।

मनरेगा मजदूरों का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में होता है। ऐसे में विभाग जॉब कार्ड को बैंक खाते और आधार से लिंक करा रहा है। बरेली के भोजिपुरा ब्लाक के गाँव बिलवा निवासी श्रमिक हरिशंकर (45 वर्ष) का कहना है, “सचिव ने जॉब कार्ड नंबर को बैंक के खाते से जोड़ने के लिए बैंक ले गए थे। मैंने अपना जाब कार्ड अपने बैंक के खाते से जोड़वा दिया है।”

वहीं गोरखपुर के पिपराइच ब्लाक के रक्षवापार गाँव के रामचरन (60 वर्ष) का कहना है, “मैंने भी जॉब कार्ड को खाते से लिंक करा दिया है। अब काम का इंतजार है।”

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मनरेगा श्रमिकों के बैंक खातों को जॉब कार्ड नंबर से जोड़ा जा रहा है। ग्रामीण स्तर पर अभियान चलाकर जो श्रमिक छूट गए हैं उनके बैंक खातों को जोड़ा जाएगा।
फूलचंद्र जायसवाल, संयुक्त निदेशक, मनरेगा, यूपी

मनरेगा के तहत होने वाले कार्य

गाँव में मनरेगा के तहत खेल के मैदान, तालाब की खोदाई, सड़क का निर्माण, पौधरोपण समेत कई अन्य कार्य किए जाते हैं।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

  1. 91 लाख जॉब कार्डधारक हैं पूरे प्रदेश में
  2. 65 फ़ीसदी श्रमिकों का जॉब कार्ड बैंक खाते से लिंक हुआ
  3. 06 माह से चल रहा लिंक का काम

रोजगार सेवक और ग्राम पंचायत अधिकारी को जिम्मेदारी

सभी रोजगार सेवकों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मजदूरों का जॉब कार्ड उनके बैंक खाते से लिंक कराने में मदद करें। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग भी दी गई है। बैंक द्वारा जॉब कार्डधारी का रजिस्ट्रेशन नंबर को उसका बैंक खाते को जोड़ा जा रहा है। इसके बाद मजदूरों को आधार नंबर से भुगतान होगा। मजदूरों का खाता आधार नंबर जिस बैंक से जोड़ा जायेगा, उसका भुगतान उसी बैंक में होगा। श्रमिकों को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायत एवं विकासखंड स्तर के साथ ही बैंकों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।

शासनादेश मिलने के बाद श्रमिकों के जॉब कार्ड को बैंक खाते से लिंक कराया जा रहा है। ज्यादातर श्रमिकों के खाते लिंक हो चुके हैं।
कमलेश कुशवाहा, सचिव, शाहाबाद हरदोई

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