ग्रामीणों के दस्तावेज ही नहीं बनें, फिर कैसे मिले योजनाओं का लाभ

ग्रामीणों के दस्तावेज ही नहीं बनें, फिर कैसे मिले योजनाओं का लाभअपनी समस्या को बयां करते ग्रामीण।

इश्त्याक खान/प्रतीक्षा दीक्षित

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

मुरादगंज/औरैया। विकास खंड औरैया स्थित जसवंतपुर में ग्राम प्रधान व अधिकारियों की उदासीनता के कारण सरकारी योजनाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। हालात यहां तक बदतर है कि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अभी तक ग्रामीणों के पास राशन कार्ड व अन्य दस्तावेज भी ज्यादातर के पास नहीं है। ऐसे में अब जबकि इस गांव में राशन कार्ड व अन्य दस्तावेज बनवाने के लिए थोड‍़ी जागरूकता आयी है तो अब ग्राम प्रधान ही राशन कार्ड बनवाने के नाम पर उनसे रुपये ऐठने में लगा है।

प्रधान ने इस गांव में अभी तक न तो राशन कार्ड बनवाए हैं व न ही किसी को पीएम आवास के फायदे ही दिए और न ही शौचालय बनवाया है। यही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास के नाम पर उनसे रुपए मांग रहे हैं।

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आवास पास कराने के लिए प्रधान द्वारा रुपये मांगे जाने की जानकारी मुझे नहीं है। अगर ऐसी बात है तो मैं इसकी जांच करवाउंगा। मामला सही होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
आदित्य कुमार, खंड विकास अधिकारी, सदर ब्लाक

लोगों का कहना है कि उन्हें किसी भी योजना का फायदा नहीं मिल रहा। गांव वालों की पीड़ा तब और बढ़ गई जब विधायक और सांसद ने भी उनकी समस्याएं नहीं सुनी। गांव की वृद्ध महिलाओं ने बताया कि पेंशन बंधवाने तक में प्रधान पैसा मांग रहे है। महिलाओं ने इस बार महिला कुसमा को प्रधान चुना था कि योजनाओं का लाभ मिलेगा। लेकिन प्रधानी की डोर प्रधानपति रिंकू के हाथ में ही है जोकि गांव के लोगों को कोई सुविधा नहीं मिलने देता।

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जसवंतपुर की एक महिला के सामने इतनी बड़ी समस्या है कि वह टीम के सामने बताने में ही उसके आंसू छलक आए। महिला रन्नो देवी (38वर्ष) ने बताया,“ मेरे पास न मकान है, न शौचालय और न ही राशन कार्ड। गरीब होने की वजह से मेरी कोई सुन नहीं रहा है।”

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जसवंतपुर गांव निवासी मनोज कुमार (45वर्ष) का कहना है,“ प्रधान ने राशन कार्ड तक गरीबों के नहीं बनवाए है। जिससे सस्ता गल्ला मिलने पर गुजर बसर हो सके।” जसवंतपुर गांव निवासी दशरथ सिंह (30वर्ष) का कहना है, गांव के गरीब लोग कच्चे मकान और फूस की झोपड़ी में रहते हैं। प्रधान ने उन्हें आवास तक नहीं मुहैया कराए है। प्रधानपति अपने मनमर्जी से काम कर रहे हैं।”

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