ताकि डेंगू मलेरिया न लें लोगों की जान, आज से हर रविवार, मच्छरों पर वार

Deepanshu MishraDeepanshu Mishra   9 July 2017 2:23 PM GMT

ताकि डेंगू मलेरिया न लें लोगों की जान, आज से हर रविवार, मच्छरों पर वारडेंगू मच्छर।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। कई वर्षों से लगातार बढ़ रही डेंगू बीमारी को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई कदम उठाए हैं। पहले से अभियान चल रहा है, हर घर जाकर लोगों को जागरूक करने के लिए इसके बाद हर रविवार को एंटी मास्कीटो ड्राई डे के रूप में मनाए जाने की बात कही है।

संचारी निदेशक स्वास्थ्य विभाग डॉ. बद्री विशाल बताते हैं, "साल 2010 से लेकर 2016 तक अवधि में डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है, इस रोग से निपटने के लिए वर्ष 2016 में रेगुलेशन जारी कर इसे नोटीफाइड किया गया। इस नोटिफिकेशन की धारा 4 के अंतर्गत जनपदों के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नियंत्रण नियंत्रण प्रतिकार प्राधिकारी नामित किया गया नियंत्रक प्राधिकारी जनपद में डेंगू व अन्य व्यक्ति जनित रोगों के रोकथाम के लिए पूर्णतया उत्तरदायी बनाए गए हैं।"

इस अधिसूचना के अधिकार क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों के साथ साथ निजी चिकित्सक, निजी नर्सिंग होम व निजी पैथोलॉजी भी आएंगे जो कि डेंगू के संभावित और सुनिश्चित व्यक्त एक मरीज के संबंध में अनिवार्य रुप से जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित करेंगे। इसके अतिरिक्त मच्छर जनित परिस्थितियां उत्पन्न करने वाले प्रतिष्ठानों संस्थानों एवं भवन स्वामी भी इस के अधिकार क्षेत्र में आएंगे और निरीक्षण करता अधिकारियों द्वारा इन का निरीक्षण किया जा सकेगा मच्छर का लारवा पाए जाने पर इस रेगुलेशन के अनुसार दंड का प्रावधान है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार साल 2016 में उत्तर प्रदेश में 15033 लोग डेंगू की चपेट में आये थे, जिनमें से 42 लोगों की मौत हो गई थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी इस भयावह बीमारी की चपेट में आये थे और उनकी मौत हुई थी। साल 2010 में 960, 2013 में 1414 और साल 2015 में 3101 डेंगू के मामले सामने आये थे। आंकड़ा बताता है कि साल 2016 तक डेंगू के आंकड़ों में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी हुई है और 2017 की बात करें तो अभी तक सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों से प्राप्त सूचना के अनुसार कुल 89 व्यक्ति डेंगू से ग्रसित हुए हैं और जिस में से 2 की मृत्यु हो चुकी है।

हर रविवार को एंटी मास्क्यूटो ड्राई-डे के रूप में मनाया जायेगा

डेंगू से बचाव हेतु सबसे महत्वपूर्ण कार्य है जल के एकत्रीकरण रोकना है डेंगू के मच्छर साफ पानी में अंडे देते हैं अंडे लार्वा प्यूपा आदि में बदलकर 2 सप्ताह में पूर्व मच्छर बन जाते हैं इसलिए विभाग द्वारा एक निर्णय लिया गया जो कि हर रविवार मच्छर परिवार के नाम से जाना जाता है स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक सप्ताह के रविवार एंटी मास्क्यूटो ड्राई डे के रूप में मनाने का निर्णय लिया प्रत्येक रविवार को समस्त समूह जन समुदाय को अपने अपने घर एवं आसपास आवश्यक एकत्रित जल को हटाना है पानी के गड्ढों को भर देना है घर के कूलर चीज के पीछे की पानी की ट्रे गमलों के नीचे रखे पानी की प्लेट एवं पानी के अन्य बर्तनों को विशेष रुप से रगड़कर साफ करके सुखा देना है छत एवं आसपास के कबाड़ को साफ करें अथवा एकत्रित पानी फेंक कर वस्तुओं को पलट कर रख दें जिससे भविष्य में पानी एकत्रित ना हो ओवरहेड टैंक एवं पानी रखने के अन्य बर्तन को भी ढककर रखने की व्यवस्था करें।

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विद्यालय में नियुक्त होगा एक हेल्थ एजुकेटर

जनपद स्तर पर डेंगू से रोकथाम के लिए जिलाधिकारियों के अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति का गठन किया जा चुका है विद्यालय में एक अध्यापक को हेल्थ एजुकेटर के लिए नियुक्त कर उसे प्रशिक्षित कराए जाने तथा उसके द्वारा छात्रों को डेंगू से बचाव के विषय में जानकारी देने के लिए नामित करने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए जा चुके हैं सरकारी एवं निजी सभी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को पूरी आस्तीन के कपड़े माह जुलाई से दिसंबर तक पहनने के निर्देश दिए जाएंगे।

सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर डेंगू से बाचाव की व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए न्यूनतम 10 फीट का एक वार्ड आरक्षित किया जा रहा है चिकित्सालयों में मरीजों की सहायता के लिए फीवर हेल्प डेस्क गठित किए गए हैं सभी सरकारी चिकित्सालयों में डेंगू के मरीजों के उपचार की व्यवस्था की गई है डेंगू की विशेष जांच के लिए प्रदेश में 37 एसएसएच लाइव स्थापित की गई मरीजों के उपचार हेतु प्लेटलेट्स की आपूर्ति के लिए 39 ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित है।सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर पांच बेड का वार्ड स्थापित कर दिया गया है।

चल रहा प्रशिक्षण

विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के चिकित्सकों का प्रशिक्षण 12 जून से लेकर 14 जून तक करा दिया जाएगा मरीजों को एक रूप उपचार उपलब्ध कराने हेतु भारत सरकार द्वारा जारी स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल गाइडलाइंस समस्त जिलो में उपलब्ध करा दिए गए हैं इसके साथ-साथ कार्यक्रम को सुचारु रुप से चलाने के लिए 15 से 21 जून तक प्रदेश के समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी व्यक्तित्व और जिला मलेरिया अधिकारी को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

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