पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी पहाड़िया में फलों की आवाक और बिक्री पांच गुना बढ़ी 

Vinod SharmaVinod Sharma   25 Oct 2017 4:14 PM GMT

पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी पहाड़िया में फलों की आवाक और बिक्री पांच गुना बढ़ी फोटो प्रतीकात्मक 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

वाराणसी। डाला छठ पूजा के चलते पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी पहाड़िया में फलों की जबर्दस्त आवक के साथ फलों की भारी बिक्री शुरू हो गई है। जबर्दस्त बिक्री को देखते हुए मंडी परिषद ने मंगलवार बंदी के दिन भी मंडी को खोलने का फैसला लिया है। मंडी के एक अधिकारी की मानें तो आम दिनों में फल मंडी में रोजाना छह करोड़ की बिक्री होती है। अब यह बढ़कर तीन करोड़ पहुंच गयी है। पांच गुना बिक्री बढऩे से व्यापारी के साथ किसान भी काफी खुश है। मंडी शुल्क में इस बार रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गयी है।

मंडी सचिव बालचंद यादव ने बताया कि पांच गुना बिक्री बढ़ने से राजस्व वसूली का टारगेट भी पूरा हो जाएगा। सोमवार को मंडी में लगभग 60 ट्रक केला, 50 ट्रक सेब, 20 ट्रक संतरा, 15 ट्रक नाशपाति, 20 ट्रक नारियल के आलावा तमाम मौसमी फलों की आमद दर्ज हुई है। मंडी में गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़, वाराणसी के अलावा बिहार के व्यापारी खरीदारी करने के लिए पहुंच रहे हैं। बिक्री बढ़ने से फलों के दाम में भी अचानक उछाल आने लगे हैं।”

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पांच दिन पहले 100 रुपए कानी का केला 200 के ऊपर चढ़ गया। 10 रुपए का नारियल भी 20 रुपए में बिका। लो क्वालिटी के माल भी मिनटों में बिक गए। पिछले साल डाला छठ पर यहां सात से आठ करोड़ का कारोबार हुआ था। भोर में खुली मंडी दोपहर बाद भी खरीदारों से गुलजार रही। मंडी के प्रवेश और निकास द्वार पर कई बार जाम भी लगा। इसके चलते राजमार्ग वाराणसी-गाजीपुर पर लोग फंसे रहे। पिछले साल की तुलना में फलों के नाम औसतन इस बार पांच से दस फीसदी कम हैं।

पहाड़िया मंडी के अध्यक्ष किसान सोनकर का कहना है कि पिछले एक दशक में डाला छठ पर फलों के कारोबार में पांच गुने का इजाफा हुआ है। पिछले साल सेब इस समय 100 रुपए प्रति किलो था। इस बार 60 से 70 रुपए है।

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