शादी अनुदान की आस लगाए आवेदकों को मायूसी 

शादी अनुदान की आस लगाए आवेदकों को मायूसी प्रतीकात्मक तस्वीर।

नवनीत अवस्थी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

उन्नाव। पिछले छह महीने से शादी अनुदान की आस लगाए बैठे करीब पांच सौ आवेदनकर्ताओं को मायूसी मिली है। पूर्व में अनुदान के लिए जारी की गई धनराशि को शासन ने वापस ले लिया है। ऐसे में आवेदनकर्ताओं को तगड़ा झटका लगा है। वहीं समाज कल्याण विभाग अब शासन से नई गाइडलाइन आने का इंतजार कर रहा है।

गरीब व बेसहारा परिवार की बेटियों के विवाह में रुकावट न आए, इसके लिए शासन से अनुदान दिया जाता है। नियमानुसार, ग्रामीण क्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले आवेदकों को अभी तक प्रदेश सरकार शादी अनुदान के नाम पर 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देती थी। मौजूदा समय में विभाग के पास शादी अनुदान के 482 आवेदन पत्र रखे हुए हैं। इसमें अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के आवेदनकर्ता शामिल हैं। पूर्व में आवेदकों को अनुदान के लिए 96 लाख रुपए की धनराशि जारी कर दी गई है। इसमें एससी वर्ग के लिए 64 लाख और सामान्य वर्ग को 32 लाख रुपए दिए जाने थे। पिछले कई माह तक यह पैसा समाज कल्याण विभाग के खाते में डंप रहा। अब शासन से डंप पड़ी इस धनराशि को वापस ले लिया है। इसके चलते चार सौ आवेदनकर्ताओं को तगड़ा झटका लगा है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी अलख निरंजन मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया, “शासन ने शादी अनुदान का पैसा वापस ले लिया है।”

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क्या है शादी अनुदान योजना योग्यता

  • शादी अनुदान योजना में वो लोग भाग ले सकते हैं जो गरीबी रेखा से नीचे आते हैं, अर्थात जिनकी सालाना कमाई 46080 रुपए (ग्रामीण क्षेत्रों के लिए) से 56460 रुपए (शहरी क्षेत्रों के लिए) हो।
  • वो आवेदक जिनको वृद्धापेंशन, विदवा पेंशन, विकलांग पेंशन और भी किसी तरह की पेंशन मिलती हो उन आवेदको कों इनकम सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी।
  • अन्य पिछड़ी जाति के लोगों को आवेदन करने के लिए तहसीर द्वारा ऑनलाइन प्राप्त जाति प्रमाणपत्र के क्रमांक को शादी अनुदान योजना के एप्लीकेशन फॉर्म में अंकित करना अनिवार्य होता है।
  • लड़कियों के विवाह के लिए किये गये आवेदन में पुत्री की उम्र शादी तक 18 साल और होने वाले दूल्हे की उम्र 21 साल होनी अनिवार्य है।
  • शादी अनुदान योजना एक परिवार के सिर्फ 2 पुत्रियों के लिए ही मान्य होगा।

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पिछले वर्ष के सात सौ आवेदकों को भी नहीं मिला था अनुदान

पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में जिले में कुल 1646 लोगों ने अनुदान के लिए आवेदन किया था। उस समय तत्कालीन सपा सरकार ने एक करोड़ 75 लाख रुपए की धनराशि जारी की थी। जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से आए आवेदनों की जांच-पड़ताल कराई गई। इसके बाद पहले चक्र में 875 आवेदकों को 20 हजार रुपए के हिसाब से पैसा जारी कर दिया गया। शेष बचे आवेदकों के लिए पैसे की मांग का प्रस्ताव लखनऊ मुख्यालय भेज दिया गया। पैसा जारी भी हुआ लेकिन बीच में विधानसभा चुनाव आ जाने से मामला ठप हो गया। मार्च में सूबे में नई सरकार आई और शासन ने शेष बचे आवेदकों को तगड़ा झटका लेते हुए जारी धनराशि को वापस ले लिया।

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