ऐतिहासिक कदम- अब ग्रामीण खुद ही बनाएंगे अपने गाँव की योजना 

ऐतिहासिक कदम- अब ग्रामीण खुद ही बनाएंगे अपने गाँव की योजना प्रतीकात्मक चित्र 

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

सिद्धार्थनगर। 14वें वित्त आयोग के निर्देश को मानते हुए सरकार ने ग्राम पंचायत विकास योजना को ज़मीन पर उतारने की शुरुआत कर दी है। इस योजना के लागू हो जाने से अब गाँव के वंचित लोग ग्राम पंचायत की कार्ययोजना में शामिल होकर अपनी समस्याओं को हल कर सकते हैं।

दरअसल 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के लागू हो जाने के बाद अब ग्राम पंचायतों के खाते में सीधा केंद्र सरकार से पैसा आ रहा है। ग्राम पंचायतों को पैसे का आवंटन भी बढ़ गया है। ऐसे में वित्त आयोग ने ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए कई सिफारिशें कीं। आयोग की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की नींव रखी। जीपीडीपी की प्रक्रिया पूरी होने पर ग्राम सभा का कोई भी सदस्य गाँव की योजना निर्माण प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेगा।

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पंचायती राज विभाग उप्र के निदेशक विजय किरण आनंद ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर जीपीडीपी के तहत ज़िला स्तर पर प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश दिया है। प्रदेश की सभी 59073 ग्राम पंचायतों तक जीपीडीपी पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण का तीन स्तरीय ढांचा तैयार किया गया है। प्रथम चरण में लखनऊ में पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में स्टेट रिसोर्स ग्रुप के तहत राज्य स्तरीय प्रशिक्षक तैयार किये गये हैं, जो अब ज़िलों में डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रुप के प्रशिक्षक तैयार करेंगे। ज़िला स्तरीय प्रशिक्षक ग्राम पंचायत की टास्क फोर्स बनाएंगे, जिसकी ज़िम्मेदारी गाँव में क्रांति लाने की होगी।

दीपावली के बाद प्रशिक्षण का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। शीघ्र ही इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
अनिल सिंह,जिला पंचायत राज अधिकारी

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