गन्ने के लिए आफत बना ये परजीवी, फसल को पहुंचा रहा नुकसान 

Sundar ChandelSundar Chandel   7 July 2017 7:45 PM GMT

गन्ने के लिए आफत बना ये परजीवी,  फसल को पहुंचा रहा  नुकसान गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा रहे निमेटोड। फाइल फोटो

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

मेरठ। वेस्ट यूपी की मुख्य फसल गन्ना की मिठास को मिट्टी में रहने वाला निमेटोड परजीवी चट करने लगा है। माना जा रहा है कि निमेटोड की वजह से गन्ने की उपज 30 फिसदी तक कम हो गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञ डॉ. संदीप चौधरी ने गन्ने की फसल क्षेत्र में लगातार घटने के बाद सरधना और मवाना ब्लॉक के 10-10 गाँवों की मिट्टी की जांच की। डॉ. संदीप चौधरी बताते हैं, "पूरी तरह से गन्ने पर निर्भर ये निमेटोड गन्ने की फसल को लगातार नुकसान कर रहे हैं। होप्लोलेमस, रोटेलेंचस, रेनिफाम्र्स, हेलीकाटिलेन्चस, डीहिस्टेरा सहित करीब छह प्रजातियों के निमेटोड मिट्टी में बहुतायत से मिले हैं।"

मेरठ ब्लॉक के गाँव कुंडा निवासी रोहित (42वर्ष) बताते हैं, "पिछली बार जिस खेत में गन्ना 45 कुंतल प्रति बीघा निकला था। इस बार 30 कुंतल ही निकला। इसके बाद कई गांव के किसान खेती अनुसंधान केन्द्र पहुंचे और संबंधित समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया।"

क्या है निमेटोड

निमेटोड सूक्ष्म, कृमि के समान जीव है जो पतले धागे के समान होते है। इन्हें केवल माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। 95 फीसदी किसानों को इसके विषय में कोई जानकारी नहीं होती। इनका शरीर लंबा, बेलनाकार व पूरा शरीर बिना खंडो का होता है। इनका आकार 0.2 मिमी.-10 मिमी. तक हो सकता है। इस प्रकार के परजीवियों में प्रमुख रूप से नुकसान पहुंचा रहा फसल परजीवी सूत्रकृमि है, जोकि मृदा में या पौधे की उत्तकों में रहते है।

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डॉ. संदीप चौधरी ने बताया, "पहले ये निमेटोड सब्जियों पर हावी थे, लेकिन अब धीरे-धीरे गन्ने पर भी लगने लगे हैं। जबकि किसानों को इसकी भनक तक नहीं है। जिन कैमिकल को गन्ने की वृद्धि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वह इन निमेटोड की वृद्धि में सहायक है। विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर और मार्च में ये निमेटोड सर्वाधिक सक्रिय रहते हैं।" निमेटोड के कारण गन्ने की फसल 30 फिसदी तक कम हो रही है। गन्ने के पोषक तत्व को पूरी तरह से खत्म कर देते हैं। यदि मिट्टी का तापमान अधिक हो या फिर उसमें नमी रहे तो ये निमेटोड की वृद्धि नहीं हो पाती हैं।

ऐसे करें बचाव

डॉ. संदीप चौधरी के अनुसार मिट्टी में कैमिकल फर्टिलाइजर्स की बजाय बायो फर्टिलाइजर्स का उपयोग करें तो इनसे निजात पाई जा सकती है। साथ ही मिट्टी में जिंक कॉपर और आयरन से भी ये निमेटोड निष्क्रिय रहते हैं।

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