यहां सड़क पर नहीं नाव पर चलती हैं माेटरसाइकिलें

यहां सड़क पर नहीं नाव पर चलती हैं माेटरसाइकिलेंनाव से पुल पार करते लोग।

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

गुगरापुर (कन्नौज)। सद्दुपुर निवासी रिंकू (28 वर्ष) का कहना, “हम लोग आज भी अपनी जान जोखिम में डाल कर यहां से नाव के सहारे हरदोई के हरपालपुर ब्लॉक के तमाम गाँवों में जाते हैं। नाव में अपनी मोटरसाइकिल और साइकिल रखकर पार करते हैं। जब बीच धारा में पहुंचते है तो बहुत डर लगता है।”

जिला मुख्यालय से 28 किमी दूर गुगरापुर ब्लॉक के गौरी बांगर, सद्दुपुर बांगर तथा चियासर गंगा घाटों पर कई गाँवों के सैकड़ों लोग पुल न होने की वजह से अब भी नाव का सफर कर रहे हैं। हरदोई जिले के हरपालपुर ब्लॉक के चौंसार निवासी सीता देवी (45 वर्ष) का कहना, “हम कन्नौज जिले के रहने वाले हैं। हमारी शादी हरदोई के चौंसार गाँव में हुई है। जब हम अपने मायके जाते हैं तो नाव में बैठ के जाना पड़ता है। बहुत डर लगता है। अगर पुल बन जाए तो बहुत लोगों को फायदा हो जाए।”

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सद्दुपुर घाट के ठेकेदार प्रेम चंद्र मिश्रा (76 वर्ष) का कहना, “यह घाट एक वर्ष के लिए ठेके पर दिया जाता है और हम जिन लोगों को नाव से पार कराते हैं, उनसे प्रति व्यक्ति 10 रुपए लेते हैं। मोटर साइकिल, साइकिल के भी 10 रुपए लेते हैं।”

कन्नौज, सदर विधायक अनिल दोहरे बताते है सपा सरकार में कुसुमखोर गाँव में पुल बनवाया गया था। इस पुल को भाजपा सरकार बनवाए। यदि भाजपा नहीं बनवाती है तो जब हमारी सरकार आएगी हम यहां पुल बनवाएंगे।

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