ओवरलोडिंग, तेज़ हवा के चलते ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही बिजली

ओवरलोडिंग, तेज़ हवा के चलते ग्रामीणों को नहीं मिल पा रही बिजलीसाभार: इंटरनेट 

सिद्धार्थनगर। तहसील मुख्यालय को 20 घंटे बिजली देने की सोच पर ओवर लोडिंग, तेज हवा और रोस्टिंग कटौती भारी पड़ रहा है। इससे शासन का आदेश हवा में उड़ने लगा है। बगैर शेड्यूल के बिजली आपूर्ति हो रहे आंख मिचैली के इस खेल से जनता परेशान हो उठी है।

क्षेत्र के राकेश वर्मा (50वर्ष) ने बताया,“फीडर पर बैठने वाले एसएसओं मनमर्जी करते हैं। धीमी हवाओं को भी तेज हवा बताकर सप्लाई रोके रहते हैं।” सप्ताह के 168 घंटे में 90 घंटे से भी कम आपूर्ति लोगों के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। कटौती का खेल इसी तरह चलता रहा तो जनता का आक्रोश सड़क पर फूट सकता है।

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तहसील मुख्यालय के साथ अन्य सब स्टेशनों पर भी बिजली आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति है। आपूर्ति सही कराने का प्रयास जारी है। विद्युत मंत्री को भी क्षेत्र की बिजली समस्या से अवगत करा दियागया है। सप्लाई को हाईटेक करने के लिए जल्दी ही एमडी का दौरा कराया जाएगा।
चौधरी अमर सिंह, विधायक ,शोहरतगढ़

सूबे के मुखिया ने 14 अप्रैल से तहसील मुख्यालयों को 20 घंटे बिजली आपूर्ति का फरमान भी सुनाया लेकिन मुखिया के चहेते नगर तहसील मुख्यालय शोहरतगढ़ में यह आदेश धराशाई हो गया है। परसियां सब स्टेशन से आपूर्ति हो रही बिजली आंख मिचैली खेल रही है। वहीं कस्बे के निवासी पशुपति रौनिया(27) का कहना है,“ बिजली आपूर्ति बगैर शेड्यूल के चल रही है।

बिजली कटौती में लोकल फाल्ट बड़ी समस्या बनी है। कुछ चीजें सही कराने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्दी ही सभी व्यवस्थाएं सही हो जाएंगी।
अनिल यादव, जेई ,शोहरतगढ़

20 घंटा आपूर्ति का आदेश हवा में उड़ रहा है। यही हाल रहा तो आंदोलन को विवश होना पड़ेगा।” बगैर शेड्यूल के चल रही बिजली के न तो आने का समय निर्धारित है और न ही जाने का। दिन तो दिन रात में भी भयंकर कटौती जारी है। सब स्टेशन से कटौती के लिए रोस्टिंग कटौती बड़ा कारण बताया जा रहा है, जबकि ओवर लोडिंग और तेज हवा भी कटौती का हिस्सा बना है।

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