दुर्घटना बाहुल्य रेलवे क्रासिंग पर गेटमित्र की तरह काम करेंगे आरपीएफ के जवान

दुर्घटना बाहुल्य रेलवे क्रासिंग पर गेटमित्र की तरह काम करेंगे आरपीएफ के जवानप्रतीकात्मक फोटो

गाँव कनेक्शन/स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

इलाहाबाद। रेलवे क्रासिंग पर बढ़ती दुर्घटना को रोकने के लिए सादे कपड़ों में आरपीएफ के जवान तैनात किए जाएंगे। रेलवे सुरक्षा बल का इंटेलिजेंस नेटवर्क अब रेलवे रेलवे रूटों के फाटकों में से अधिक दुर्घटना वाले क्रासिंग फाटकों की पहचान कर इसकी सूची विभाग को सौंपेगा।

गेटमित्र के तौर पर तैनात होंगे जवान

तैनात जवान अनाधिकृत रूप से गेट पार करने वाले लोग और जानवरों को रेल लाइन पार कराने वाले लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करेंगे। गलत ढंग से रेल क्रासिंग और रेल लाइन पार करने की वजह से जिले में दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं जिसे रोकने के लिए रेल महाप्रबंधक की ओर से क्रासिंग पर रेल सुरक्षा बल के जवानों को तैनात करने की योजना तैयार की गई है।

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रेलवे क्रासिंग बन्द होने के बावजूद अगल-बगल और गेट के नीचे से क्रासिंग पार करने की वजह से जिले में आये दिन दुर्घटना हो रही है। रेलवे के उच्च पदस्थ अधिकारियों के मुताबिक इससे रेलवे को मुआवजे के तौर पर अधिक धनराशि चुकानी पड़ रही है। क्रासिंग पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे कई अन्य योजनाओं पर काम कर रहा है जिसे जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा। रेलवे की ओर से कार्यशाला आयोजित कर स्थानीय लोगों को रेल फाटक पार करने के तौर-तरीकों की भी जानकारी दी जाएगी।

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रेल फाटक पर सादे कपड़ों में तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवान, गेट बंद होने के दौरान नीचे और अगल-बगल से निकलने वाले लोगों के वाहन को जब्त करने के बाद उन पर कानूनी कार्रवाई करने का काम करेंगे। इसी तरह की कार्रवाई जानवरों को रेल लाइन पार कराने वाले लोगों पर भी की जाएगी। जानकारी के लिए बताते चले कि रेल लाइन के किनारे बड़ी संख्या में उगी घास को चराने के लिये लोग अपने जानवरों को छोड़ देते हैं, जिनसे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

रेलवे एनसीआर के जीएम एमसी चौहान कहते हैं, "मानव रहित फाटकों पर गेट मित्र तैनात किए जाएंगे जो की असावधानी पूर्वक फाटक पार करने वालो को रोकने का काम करेंगे। इसके साथ ही फाटकों पर गेट के पास ब्रेकर बनाया जायेगा और वहां ग्रेडिएंट और सड़क की सतह सुधारा जाएगा।"

जीएम की ओर से तीनों मंडल के डीआरएम को निर्देशित करते हुए कहा है कि रेलवे ट्रैक पर जीरो मिसिंग फिटिंग सुनिश्चित की जाए।

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