गोंडा में पंद्रह वर्ष से नहर में नहीं आया पानी

Harinarayan ShuklaHarinarayan Shukla   30 Jun 2017 12:51 PM GMT

गोंडा में पंद्रह वर्ष से नहर में नहीं आया पानीनहर में उग आई है घास।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गोंडा। किसानों ने नहर बनाने के लिए अपने खेत की जमीन दे दी। उन्हें उम्मीद थी नहर आने से खेतों को भरपूर पानी मिलेगा, जिससे फसल लहलहायेगी और उत्पादन बढ़ेगा, लेकिन सरयूनगर खंड चार मनकापुर शाखा से कल्यानपुर माइनर का हाल चौपट है। इस नहर की टेल 15 साल से नहीं चल पा रही है, जिससे दस हजार किसानों के खेत को पानी नहीं मिल पा रहा है।

मनकापुर मुख्य शाखा में पानी आ गया है, जिससे मुख्य नहर में पानी मिलने लगा है लेकिन मनकापुर से चिलबिला माइनर व कल्यानपुर माइनर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कारण कल्यानपुर माइनर की डिजाइनिंग ही ऐसी हुई, जिससे 15 साल से सिंचाई नहीं हो पा रही है। सदर तहसील के विकास खंड रूपईडीह के फरेंदाशुक्ल से यह माइनर गौसिंहा से होते हुए लालापुरवा, रूकमंगतपुर होते हुए कल्याणपुर राजस्व गाँव जाती है। इस बीच धान की अच्छी पैदावार होती अगर यहां पर नहर का पानी आ जाता, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।

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किसान राजेंद्र मिश्र (55 वर्ष) का कहना है, “इस माइनर की शिकायत किसान बंधु की बैठक में की गई। डीएम ने अधिशाषी अभियंता को पानी पहुंचाने के लिए आदेशित किया। थोड़ी सफाई दो साल पहले हुई, लेकिन पानी का बहाव नहीं शुरू हो पाया।” वहीं किसान बालमुकुद शुक्ल (45वर्ष) का कहना है, “नहर में पानी न आने से हर साल हजारों रुपए का डीजल सिंचाई के नाम पर खर्च हो जाता है।”

एसडीओ एसके सिंह ने बताया अभी मुख्य शाखा में पानी आया है और टेल तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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