खोखले साबित हो रहे महिला सुरक्षा के दावे 

खोखले साबित हो रहे महिला सुरक्षा के दावे प्रतीकात्मक तस्वीर

अनिल चौधरी, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

पीलीभीत। जनपद की पुलिस लगातार दावे कर रही है कि जनपद में महिला अपराधों में कमी आई है, लेकिन देखा यह जा रहा है कि पिछले एक महीने से महिला अपराधों की बाढ़ सी आ गई है। शहर से लेकर गाँव तक महिलाओं के खिलाफ अपराध और छेड़छाड़ के कई मामले सामने आए।

शहर के स्टेशन चौराहा निवासी चिंता देवी पत्नी स्व. छोटेलाल बताती हैं, “एक महीने पहले मेरी नाबालिग लड़की को कुछ आपराधिक प्रवृति के युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। जिसकी लिखित शिकायत थाना सुनगढ़ी में की। पुलिस ने केस भी पंजीकृत किया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।” महिला लगातार पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रही है, लेकिन अभी तक उनको अपनी पुत्री का कहीं कोई पता नहीं चल सका है।”

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वहीं कुछ दिन पहले सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले रॉक जिम पर एक युवती को सरेआम एक युवक द्वारा पीटा गया और जबरदस्ती उसका अपहरण करने का प्रयास भी किया गया। 17 जून को सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ही एक गाँव में एक युवती से तीन युवकों ने दुष्कर्म का प्रयास किया और दुष्कर्म में असफल रहने पर दिनदहाड़े युवती को जहर देकर मारने की वारदात की गई।

इसके अलावा बीसलपुर में मंदिर में पूजा करने गई एक विवाहिता से मोहल्ले के ही एक युवक ने छेड़खानी की और विरोध करने पर उसकी पिटाई लगा दी। विवाहिता ने बताया, “वह शनिवार की शाम मोहल्ले में ही स्थित एक मंदिर में पूजा करने गई थी। वहां पहले से ही घात लगाए खड़े मोहल्ले के ही एक युवक ने उससे छेड़खानी की, जिसका विरोध करने पर युवक ने विवाहिता की लात-घूंसों से पिटाई कर दी। शोर सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई। भीड़ में शामिल लोग जब तक माजरा समझ पाते तब तक युवक वहां से भाग गया।” विवाहिता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना मेडिकल परीक्षण कराकर कोतवाली में आरोपी के विरुद्ध नामजद तहरीर दे दी है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।

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सीओ निशांक शर्मा ने बताया क्राइम महिला अपराध को रोकने के लिए पुलिस प्रभावी कार्रवाई करती है। शिकायत मिलने पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। महिला सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना की पूरी गम्भीरता से जांच की जाती है, जिससे महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोका जा सके।

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