जिंदगी-मौत के बीच छात्र, प्रबंधन की बेशर्म हंसी

जिंदगी-मौत के बीच छात्र, प्रबंधन की बेशर्म हंसीस्कूल के बाहर हंसते हुए अभिभावक से मिलने जाते ब्राइटलैंड स्कूल के डायरेक्टर और प्रिंसिपल 

लखनऊ। एक तरफ स्कूल में सीनियर छात्रा द्वारा घायल किया गया कक्षा एक का छात्र अस्पताल में ज़िंदगी-मौत से जूझ रहा है, वहीं स्कूल के बाहर अभिभावकों से मिलने के लिए आए प्रिंसिपल और डायरेक्टर की हंसी से स्कूली बच्चों के प्रति उनकी बेपरवाही साफ झलकती है।

लखनऊ के त्रिवेणीनगर में ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज के छात्र पर हुए हमले के बाद गुरुवार को अभिभावकों ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं जब डायरेक्टर और प्रिंसिपल अभिभावकों से मिलने आए तो उनके चेहरों पर शिकन तक नहीं था।

वहीं, कॉलेज के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभिभावक सुनील सिंह ने कहा, “हम कैसे मान लें कि स्कूल प्रशासन अब बच्चों को सुरक्षित रखेगा। पहली बात स्कूल ने पुलिस को उसी दिन क्यों नहीं बताया कि बच्चे के ऊपर चाकू से हमला हुआ है?” दूसरे अभिभावक कमलेश कुमार यादव ने कहा, “स्कूल प्रशासन और पुलिस दोनों कुछ छिपा रहे हैं।

स्कूल इतना ही सक्रिय होता तो जब बच्चे को लेकर अस्पताल में गए थे, तो पुलिस को भी सूचित कर सकते थे।” “अगर कोई कार्रवाई नहीं गई और हम लोगों को यह साफ नहीं किया गया कि मामला क्या था? तो हम अपने बच्चों का नाम कटवा लेंगे। एक साल खराब होगा कोई बात नहीं बच्चों की जान बच जाएगी,” दूसरे अभिभावक सुमित कुमार ने गुस्से में कहा।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घायल बच्चे से मिलने पहुंचे

गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घायल बच्चे ऋतिक से मिलने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस ने ब्राइटलैंड इंटर कॉलेज के डायरेक्टर रचित मानस और उनके भाई रोहन मानस को हिरासत में ले लिया है।

लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि जिस लड़की ने कक्षा एक के छात्र ऋतिक शर्मा को मारने की कोशिश की थी उसके अभिभावकों से पता चला है कि लड़की इससे पहले भी दो बार घर से पैसे लेकर भाग चुकी थी। छात्रा को हिरासत में ले लिया गया है। स्कूल की प्रिंसिपल रीना मानस जब नारेबाजी कर रहे अभिभावकों से मिलने बाहर आईं तो उनके सामने सवालों की झड़ी लग गई।

चाकू स्कूल के अंदर कैसे गया? घटना अगर परसों हुई तो एफआईआर क्यों नहीं दर्ज़ कराई गई, 100 नंबर की गाड़ी क्यों नहीं बुलाई गई? हमारे बच्चे स्कूल के अंदर सुरक्षित कैसे हैं? सुरक्षा की क्या व्यवस्था आगे करवाई जाएगी? पहले बच्चे को लेकर निजी अस्पताल क्यों पहुंचा स्कूल?

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छात्रा को भेजा सुधार गृह

आरोपी लड़की को कोर्ट ने बाराबंकी के बाल सुधार गृह भेज दिया है। छात्रा के वकील शुक्रवार को जुवेनाइल बोर्ड एप्लीकेशन पेश करेंगे। ब्राइटलैंड स्कूल के प्रिंसिपल रचित मानस को जमानत मिल गई है। स्कूल प्रशासन ने दो दिनों के लिए स्कूल बंद कर दिया है।

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प्रद्युम्न का मर्डर स्कूल के टॉयलेट में हुआ था और ऋतिक के ऊपर भी हमला टॉयलेट में हुआ। प्रद्युम्न की उम्र सात वर्ष थी और ऋतिक की उम्र छह वर्ष है। प्रद्युम्न पर हमला धारदार हथियार से हुआ था और ऋतिक के उपार भी हमला धारदार हथियार से हुआ। प्रद्युम्न के ऊपर हमला सीनियर छात्र ने किया था और ऋतिक क्र ऊपर हमला सीनियर छात्र ने ही किया है। प्रद्युम्न का मर्डर एग्जाम और पीटीएम टालने के लिए हुआ था और ऋतिक के ऊपर हमला छुट्टी को लेकर हुआ है।

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