बिजली चोरी रोकने के लिए यूपी में स्थापित किये जाएंगे बिजली थाने 

बिजली चोरी रोकने के लिए यूपी में स्थापित किये जाएंगे बिजली थाने बिजली चोरी रोकने के लिए यूपी में स्थापित किये जाएंगे बिजली थाने 

लखनऊ (भाषा)। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि राज्य में बिजली चोरी रोकने के लिये हर जिले में 'बिजली थाने' की स्थापना बहुत जल्द होगी। इस बारे में गृह विभाग की तमाम आशंकाओं को दूर कर लिया गया है।

उन्होंने आज कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-दो माह में बिजली थानों की स्थापना कर ली जाएगी। इस बारे में गृह विभाग की कुछ आशंकाएं थीं, जिनका निपटारा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि बिजली थानों का संचालन उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधीन होगा और इन थानों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। बिजली थानों की स्थापना से सम्बन्धित प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

मालूम हो कि श्रीकांत शर्मा ने पिछले साल ऊर्जा विभाग का जिम्मा सम्भालने के बाद हर जिले में बिजली थाने गठित करने का एलान किया था, मगर गृह विभाग ने इसके लिये पुलिस बल की कमी का मुद्दा उठाया था।

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शर्मा ने कहा कि उनके विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिये कई प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं। अब पांच किलोवॉट से अधिक की चोरी की सूचना देने वाले को कम्पाउंडिंग फीस का 10 प्रतिशत बतौर इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा सतर्कता टीम को भी 10 फीसद धनराशि पुरस्कार के तौर पर दी जाएगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के काम में हस्तक्षेप करने वालों पर गुंडा एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बिजली चोरी रोकने के लिये गठित प्रवर्तन दलों की संख्या को 33 से बढ़ाकर 88 कर दिया है। बड़े जिलों में दो-दो दल तैनात होंगे।

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उन्होंने कहा कि उनका विभाग 'उपभोक्ता देवो भवः' के मूल मंत्र पर काम कर रहा है और सम्पूर्ण ढांचे को पारदर्शी बनाया जा रहा है। आज ही हर बिजलीघर के बाहर एक बोर्ड लगाने के निर्देश दिये गये हैं, जिस पर बिजली की दरों, सरकार की योजनाएं और उनका लाभ लेने की प्रक्रिया, मंत्री से मिलने का समय, विद्युत उपकेन्द्र से सम्बन्धित अधिकारियों के नाम पद और मोबाइल नम्बर, शिकायत दर्ज कराने के नम्बर इत्यादि लिखे होंगे। इसके अलावा विभाग ने हर फीडर पर एनर्जी ऑडिट की व्यवस्था भी शुरू की है।

शर्मा ने कहा कि विभाग ने 1912 सेवा शुरू की है जिस पर अब तक पांच लाख से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। अब कोई भी बिजली कर्मी या अधिकारी उपभोक्ता से छल नहीं कर सकता। ऊर्जा मंत्री ने निजी क्षेत्र से मिलने वाली बिजली की ऊंची कीमतों के बारे में पूछे गये सवाल पर कहा कि वह निजी क्षेत्र से मिलने वाली बिजली के बारे में रोज समीक्षा कर रहे हैं। कोशिश है कि सरकार को कम से कम दाम पर बिजली मिले।

शर्मा ने बजाज एनर्जी लिमिटेड का जिक्र करते हुए कहा कि यह कम्पनी पूर्व में 7.80 रुपये प्रति यूनिट बिजली देती थी। उसे मायावती और अखिलेश यादव सरकारों ने बढ़ावा दिया। हमने उसे नोटिस दिया। अब यही कम्पनी 4.20 रुपये प्रति यूनिट बिजली दे रही है।

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उन्होंने बताया कि उनका विभाग नेशनल थर्मल पॉवर कॉरपोरेशन के साथ जल्द ही 1200 मेगावॉट बिजली के लिये करार करने जा रही है। इसके तहत उसे तीन रुपये 20 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'सौभाग्य योजना' के तहत दिसम्बर 2018 तक उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 57 लाख नये बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य है। उसके सापेक्ष अब तक 32 लाख 21 हजार 808 कनेक्शन दिये जा चुके हैं।

शर्मा ने प्रदेश में सरकारी विभागों पर 10 हजार करोड़ रुपये का बिजली बिल बाकी होने के सवाल कहा कि यह पिछली सरकारों की काहिली का नतीजा है। हर विभाग को अपना बिजली का बकाया चुकाना होगा। उन्हें मौजूदा बिल तो देना ही होगा, मगर एरियर किस्तों में भी दिया जा सकेगा। गर्मी के मद्देनजर प्रदेश में बिजली की मांग में आने वाले उछाल की तैयारियों के बारे में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश में 'पॉवर इम्पोर्ट' की क्षमता 8100 मेगावॉट से बढ़ाकर 10500 मेगावॉट कर दी गयी है। इसके अलावा बिजली वितरण एवं पारेषण की व्यवस्था बेहतर की जा रही है और बिजली चोरी पर सख्ती से लगाम लगायी जा रही है। विभाग की कोशिश है कि मार्च 2019 तक पूरे प्रदेश में 24 घंटे नर्बिाध बिजली दी जाए।

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