यूपी: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दोबारा शादी कराने के चक्कर में दो ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

यूपी: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दोबारा शादी कराने के चक्कर में दो ग्राम विकास अधिकारी निलंबितवर-वधू के इंतजार में परिजन।

तिर्वा (कन्नौज)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दोबारा शादी कराने के चक्कर में दो ग्राम विकास अधिकारी निलंबित हो गए हैं। कोतवाली में वर-वधू समेत 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई है।

बीते महीने की 28 तारीख को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 160 किमी दूर जिला मुख्यालय कन्नौज के राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 102 जोड़ों को शादी के लिए पंजीकृत कर बुलाया गया था। उस दौरान तीन मुस्लिम लोगों ने भी निकाह कराया था। अन्य लोगों की शादी हिन्दू रीति-रिवाज के तहत हुई थी।

कुछ मंडप खाली होने, कुछ पर दूल्हा या दुल्हन के ही मिलने पर ‘गांव कनेक्शन’ ने इसकी पड़ताल की। परिजनों या रिश्तेदारों की ओर से बताया गया कि बेटी बोर्ड परीक्षा देने गई है। रोल नंबर न दे पाने, परीक्षा का गलत पेपर बताने को लेकर ‘गांव कनेक्षन’ ने संबंधित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर मामले की छानबीन की थी। तो पता चला कि संबंधित नाम की कोई भी परीक्षार्थी नहीं आई है। इस मामले को गाँव कनेक्शन डिजिटल में ‘ऐसा क्या हुआ कि फेरों से पहले मंडप से रफूचक्कर हो गईं कई दुल्हनें’ खबर प्रकाशित की थी।

ये भी पढ़ें- ऐसा क्या हुआ कि फेरों से पहले मंडप से रफूचक्कर हो गईं कई दुल्हनें

डीएम रवीन्द्र कुमार के बाबू विकास चैरसिया ने ‘गांव कनेक्शन’ संवाददाता को मोबाइल पर बताया कि ‘‘दो बार शादी कराने के आरोप में दो ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। ब्लॉक उमर्दा के सरवन कुमार पाल और मुकेश कटियार को डीडीओ ने निलंबित किया है।’’ उन्होंने आगे बताया कि ‘‘थाने में एफआईआर भी लिख गई है जो बीडीओ उमर्दा ने दर्ज कराई है।

‘‘मामले की जांच की गई तो पता चला कि तीन जोड़ों की शादी पूर्व में हो चुकी थी। तथ्य छिपाकर आवेदन किए गए हैं। आवेदन के सत्यापन ग्राम विकास अधिकारियों ने किए और आख्या लगाकर पात्र ठहराया। लड़के पक्ष को भी जानकारी थी, तभी अपने कागजात दिए, इसलिए वर और वधू पक्ष को भी आरोपी बनाकर हमने एफआईआर दर्ज कराई है। जांच एडीओ श्यामवरन ने की है।’
’राम आसरे, बीडीओ, उमर्दा- कन्नौज

जांच में एक वर्ष पहले माधुरी पुत्री विद्यासागर निवासी कल्यानपुर्वा फुलवारी उमर्दा की शादी हो चुकी थी। इसके लिए ग्राम विकास अधिकारी मुकेश कटियार को निलंबित किया गया। ज्योतिप्रभा व रिंकी पुत्रीगण रामकिशन निवासी बद्धापुर्वा ड्योढा की शादी छह महीने पहले हो चुकी थी। इसमें ग्राम विकास अधिकारी सरवन पाल को दोषी माना गया।’’

‘‘शादी के लिए 102 जोड़ों को बुलाया गया था, जिसमें तीन मुस्लिम जोड़े थे। कितने लोग आए, इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही बात सकती हूं।’’
संतोष पाठक,जिला समाज कल्याण अधिकारी

ये भी पढ़ें- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का ऐसे उठा सकते हैं लाभ

इनके खिलाफ हुई है रिपोर्ट

ज्योतिप्रभा पुत्री रामकिशन, रिंकी देवी पुत्री रामकिशन, रामकिशन पुत्र अज्ञात निवासीगण बद्धापुर्वा-कन्नौज, सरवन पाल ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत ड्योढा-कन्नौज, संदीप कुमार पुत्र जितवार सिंह निवासी कबरा भोज नैजा जिला कानपुर देहात, मलखान पुत्र सतीष चंद्र निवासी सिमरिया उमर्दा-कन्नौज, माधुरी देवी पुत्री विद्या सागर, विद्या सागर पुत्र अज्ञात निवासी कलियानपुर्वा फुलवारी-कन्नौज, नीरज पुत्र रतीराम निवासी बद्धापुर्वा, मुकेष कटियार ग्राम विकास अधिकारी फुलवारी- कन्नौज।

रिपोर्ट में ये हैं आरोप

अभियुक्तगणों की ओर से धोखाधड़ी करके सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शादी कर देना तथा सरकारी धन का लाभ ले लेना। धारा 419 व 420 के तहत जांच एसआई देशराज शुक्ल को दी गई।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Tags:    uttar pradesh 
Share it
Share it
Share it
Top