कानपुर: रात भर चली नोटों की गिनती में अभी तक 96 करोड़ 62 लाख रुपए बरामद 

कानपुर: रात भर चली नोटों की गिनती में अभी तक 96 करोड़ 62 लाख रुपए बरामद अभी तक 96 करोड‍़ 62 लाख रुपए बरामद किए गए हैं।

भारत सरकार की नोटबंदी के 14 महीने पूरे हो चुके हैं और अब पुराने नोटों को बदलने के रास्ते बंद भी हो चुके हैं लेकिन उसके बाद भी कुछ मनी एक्सचेंजर पैसे बदल रहे हैं। कानपुर पुलिस, एनआईए, क्राइम ब्रांच की छापेमारी के दौरान मनीचेंजरों के पास से बरामद पुरानी करेंसी की गिनती में 96 करोड़ 62 लाख के 500 व 1 हजार के नोट मिले हैं। बाकी दूसरे ठिकानों से इकट्ठा की गई पुरानी करेंसी की गिनती की जा रही है।

कानपुर नगर में करोड़ों रुपए के पुराने 500 और 1000 के नोट बरामद किए गए हैं जिसमें से लगभग आधा पैसा कानपुर के एक नामी बिल्डर आनंद खत्री का भी है। एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) क्राइम ब्रांच और कानपुर पुलिस ने मंगलवार को कानपुर के 80 फीट रोड स्थित होटल गगन प्लाजा से वाराणसी के संत कुमार, संजय सिंह, अमरावती महाराष्ट्र के अनिल ,सहारनपुर के विजय प्रकाश व ओमप्रकाश दायम को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने होटल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए हैं।

ये भी पढ़ें- ‘अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव का सटीक आकलन कर पाना मुश्किल’

कानपुर नगर के एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि "कपड़ा कारोबारी एवं बिल्डर आनंद खत्री के यहां से पुराने नोटों की बड़ी मात्रा में खेप बरामद की गई है और साथ ही DAV कॉलेज के प्रोफेसर संतोष यादव और मोहित भी पकड़े गए हैं एवं 7 अन्य लोग भी गिरफ्तार किए गए हैं। पकड़े गए लोगों में दो हैदराबाद के व्यक्ति भी हैं इनके पास से विदेश की कंपनी के माध्यम से रुपए बदलने की बात सामने आ रही है।

ये भी पढ़ें- एक वर्ष पहले हुई नोटबंदी के भारत में होंगे शानदार लाभ : आईएमएफ

शहर में पकड़े गए लोगों के अन्य प्रतिष्ठानों पर अभी छापेमारी की जा रही है। आयकर विभाग के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं । रकम की गिनती के बाद ही कुल रकम की जानकारी स्पष्ट हो पाएगी।" पुरानी करेंसी रखने पर जेल जाने के साथ-साथ आरोपियों को बरामद रकम का 5 गुना आयकर को देना होगा ऐसा ना करने पर आयकर की अदायगी के लिए उनकी चल संपत्ति कुर्क की जा सकती है।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

संबंधित खबरें- डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए नोटबंदी के बाद अब ‘चेकबंदी’ भी कर सकती है सरकार!

नोटबंदी का असर : छोटे किसानों की ज़मीनें बिकने से बच गईं

Share it
Share it
Share it
Top