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'नशा छोड़ कर करिए एक नए जीवन की शुरुआत'

नशे की लत से हर साल खत्म होती लाखों जिंदगियों को बचाने के लिए गाँव कनेक्शन फाउंडेशन और राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सोशल डिफेंस) के साझा प्रयास से उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में 02 से 29 दिसम्बर के बीच नशा मुक्ति कार्यक्रम किये गए।

नशा छोड़ कर करिए एक नए जीवन की शुरुआतबांदा जिले के बदौसा ग्राम पंचायत में नशामुक्ति जागरुकता कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल। फोटो : गाँव कनेक्शन

कुशी नगर/गोंडा/बांदा (उत्तर प्रदेश)। "मैं पहले बहुत शराब पीता था, मेरे शराब पीने की वजह से घर में रोज झगड़ा होता। यह सब मेरे बच्चे भी देखते। नशे की वजह से हमेशा घर में कलह बनी रहती," हाथ में माइक लेकर दिहाड़ी पर मजदूरी करने वाले महेश प्रसाद यह सब सामने बैठे ग्रामीणों को बता रहे थे।

"फिर एक दिन मैंने बहुत सोचा और प्रण किया कि अब कोई नशा नहीं करूँगा। वो दिन था और आज का दिन है, तब से घर में सब खुश हैं, जो पैसा नशे में बर्बाद करता था, वही अब बच्चों के काम आता है, घर परिवार में भी शांति है। इसलिए मेरी सभी से अपील है कि नशे को छोड़ दीजिए और अपने जीवन की नई शुरुआत कीजिए," महेश प्रसाद कहते हैं।

महेश गाँव कनेक्शन फाउंडेशन और राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ सोशल डिफेंस) के साझा प्रयास से 12 दिसम्बर को कुशी नगर जिले के अड़रौना गाँव में हुए नशा मुक्ति जागरुकता कार्यक्रम में ग्रामीणों के साथ मंच से अपने अनुभव साझा कर रहे थे। इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा भी शामिल रहे।

कुशी नगर में कार्यक्रम के दौरान अपने जादू के जरिये नशे के दुष्प्रभावों के बारे में ग्रामीणों को जानकारी देते जादूगर संदीप शर्मा। फोटो : गाँव कनेक्शन

गाँव कनेक्शन फाउंडेशन और एनआईएसडी की ओर से 02 से 29 दिसम्बर तक उत्तर प्रदेश के 20 जिलों में नशामुक्ति जागरुकता कार्यक्रम किये गए। इन कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों ने अपनी सहभागिता निभाई। इस अवसर पर न सिर्फ ग्रामीण युवाओं को न सिर्फ नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया, बल्कि नशे से दूर रहने के लिए ग्रामीणों को संकल्प भी दिलाया गया।

कुशी नगर के अड़रौना गाँव में कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता फूल बदन कुशवाहा ने कहा, "कई लोग ऐसे हैं जो नशे की लत पाल कर पूरी तरह नशे के आदी हो जाते हैं, उनके लिए वापस लौटना और जिंदगी की नयी शुरुआत करना मुश्किल होता है, क्योंकि उनमें इतना मनोबल भी नहीं होता कि नशा छोड़ने के लिए संकल्प ले सकें, इसलिए जरूरी है कि नशे से हमेशा दूर ही रहें, इसके अलावा और लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करें।"

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के फरेन्दा शुक्ल गाँव में 16 दिसम्बर को नशामुक्ति जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर जादूगर संदीप शर्मा ने ग्रामीणों को अपने दिलचस्प जादू के जरिये ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया।

गोंडा जिले के फरेन्दा शुक्ल गाँव में कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण। फोटो : गाँव कनेक्शन

इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्त्ता हरि नारायण शुक्ल ने कहा, "देश का भविष्य और देश की उन्नति देश के कर्णधार पर टिकी होती है। अगर देश के युवा ही अगर गलत रास्ते पर चले जाएँ तो निश्चित तौर पर उनका भविष्य अंधकार में चला जाता है। कई युवा नशा करना अपनी शान समझते हैं, मगर धीरे-धीरे यह आपको अंधकार में ले जाता है, इसलिए जरूरी है कि समय रहते नशे का त्याग कर दें।

इससे पहले पांच दिसम्बर को बांदा जिले के बदौसा ग्राम पंचायत में नशामुक्ति जागरुकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस बीच वैश्विक महामारी को लेकर सामाजिक दूरी का भी विशेष तौर पर ख्याल रखा गया।

बांदा में कार्यक्रम के दौरान इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक कर चुके महावीर पटेल ने कहा, "आज की युवा पीढ़ी अपने दैनिक काम के पैसे शराब पीने में लगा देती है और सिर्फ क्षणिक सुख के लिए युवा न सिर्फ अपना समय बर्बाद करते हैं बल्कि अपनी सेहत को भी नुकसान पहुंचाते हैं। नशे से दूर रहना है तो हम सब को प्रतिज्ञा लेनी चाहिए कि हम लोग गाँव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक करें कि कोई भी व्यक्ति नशा न करे।"

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