UP BOARD RESULT 2018 : 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 5 साल में रहा सबसे कम, देखिए आंकड़े

UP BOARD RESULT 2018 : 10वीं और 12वीं का रिजल्ट 5 साल में रहा सबसे कम, देखिए आंकड़ेघोषित हो गए यूपी बोर्ड के रिजल्ट।

लखनऊ। इंतजार की घड़ियां खत्म हो गई हैं। यूपी बोर्ड के नतीजे घोषित हो गए हैं। पिछले कई वर्षों की तरह इस बार बेटियों ने बाजी मारी है। 12वीं बाराबंकी के आकाश मौर्य और फतेहपुर के रजनीश मौर्य ने संयुक्त रुप से टॉप किया है ,जबकि हाईस्कूल में इलाहाबाद की अंजली वर्मा ने टॉप किया है।

यहां देख सकते हैं रिजल्ट

हाईस्कूल और इंटर दोनों कक्षाओं के नतीजे एक साथ किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://upresults.nic.in/ पर नतीजे जारी करेगा। इसके साथ ही http://upmspresults.up.nic.in/ , indiaresults.com , और results.nic.in पर भी रिजल्ट देख सकते हैं।

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बेटियों ने फिर मारी बाजी। फोटो प्रतीकात्मक।

मैसेज द्वारा ऐसे देखें अपना 10वीं या 12वीं का परीक्षा परिणाम

अगर आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, यूपी बोर्ड मैसेज द्वारा भी रिजल्ट बताने की सुविधा दे रहा है। नीचे दी गई प्रक्रिया को करके आप अपने रिजल्ट को मोबाइल पर कुछ ही देर में देख सकेंगे।

UP10<स्पेस> रोलनंबर- लिखकर इसे 56263 पर सेंड कर सकते हैं।

UP12<स्पेस>रोलनंबर- लिखकर इसे 56263 पर सेंड कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए अगर आप को 10वीं का रिजल्ट देखना है और रोल नंबर 10000 है तो आप को ऐसे मैसेज भेजना होगा। UP10 (स्पेस) 10000 और उसे 56263 पर भेजना होगा।

हाईस्कूल रिजल्ट के पिछले 5 वर्षों के आंकड़े, 2016 में सबसे ज्यादा परीक्षार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जबकि 2018 में सबसे कम 75.16 फीसदी रहा। वहीं, इंटरमीडिएट के 5 साल के आंकड़े, वर्ष 2013 में सबसे ज्यादा कुल 92.68% परीक्षार्थियों ने परीक्षा उतीर्ण की। जबकि सबसे कम 2018 में रहा। वर्ष 2017 में इस वर्ष करीब 66.37 लाख छात्रों ने यूपी बोर्ड की परीक्षाएं देने के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें 10वीं की परीक्षाओं में 36,55,691 छात्र शामिल हुए हैं और 12वीं की परीक्षाओं में 29,81,327 छात्र शामिल हुए हैं। इस बार नकल विहीन परीक्षा के लिए उठाए गए कदमों के तहत बड़ी संख्या में छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी थी।

इस बार यूपी बोर्ड इस वजह से चर्चा का विषय रहा क्योंकि पहले पेपर की परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। ऐसा इसलिए क्योंकि नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सरकार ने कई सख्त कदम उठाए।

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