गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, प्रदेश सरकार ने दिए 5535 करोड़ रुपए

गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, प्रदेश सरकार ने दिए 5535 करोड़ रुपए

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने सोमवार को विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया। यह बजट करीब 35 हजार करोड़ रुपए का था। इस बजट में सबसे ज्यादा ध्यान किसानों के लिए रखा गया। कुल बजट में से 7336 करोड़ रुपए किसानों के लिए है। इसमें से 5535 करोड़ रुपए गन्ना किसानों के लिए दिया गया है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को हंगामे के बीच पहला अनुपूरक बजट विधानसधा में पेश किया। यह बजट प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के साथ केंद्र सरकार की योजनाओं को रफ्तार देने वाला होगा। प्रदेश मंत्रिपरिषद से अनुपूरक बजट का मसौदा पहले ही मंजूर हो चुका है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट के जरिए किसानों के लिए खजाना खोला है। गन्ना किसानों को खुश करने के लिए 5536 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इसमें से पेराई सत्र 2017-18 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के 500 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों के खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी। वहीं फसली ऋण मोचन योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए किसानों के लिए 1500 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है।

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अनुपूरक बजट में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के निकट रक्षा परिपथ विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रस्ताव किया गया है । वहीं वाजपेयी की याद में आगरा के बटेश्वर में अलग अलग जगहों के विकास के लिए दस करोड़ रुपए , कानपुर के डीएवी कालेज को उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रस्ताव है। वाजपेयी की याद में चल रहे सांस्कृतिक महोत्सवों के आयोजन और स्मृति संकुल के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। इसके साथ ही बलरामपुर में केजीएमयू का सैटेलाइट केन्द्र स्थापित करने के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रस्ताव है। संत कबीर नगर अकादमी के लिए पांच करोड रुपए और उन्नाव में सूर्यकांत त्रिपाठी निराला अकादमी के लिए पांच करोड़ रुपए का प्रस्ताव है।

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विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच पेश हुआ अनुपूरक बजट

उत्तर प्रदेश विधान परिषद में प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर विपक्षी सदस्यों के जोरदार हंगामे के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट पेश किया। हालांकि शोर शराबे के कारण इस पर कोई चर्चा नहीं हो सकी और सदन की कार्यवाही आज तक के लिये स्थगित कर दी गयी। पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के सदस्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था खराब होने के आरोप लगाते हुए सदन के बीचोबीच आ गये और नारेबाजी करने लगे। इसी शोर-शराबे के बीच नेता सदन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने वित्त वर्ष 2018-19 के अनुपूरक अनुदानों को प्रस्तुत किया। इसके अलावा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह ने 11 अधिनियमों को सदन की मेज पर रखा।

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