गाँव की अनोखी पहल: साथ भोजन, दूर अकेलापन
गुजरात के इस गाँव में जब रोज़गार की तलाश में युवा बाहर चले गए, तो कई बुजुर्ग अकेले रह गए। ऐसे में उन्होंने साथ रहने का फैसला किया। अब वे मिलकर खाना बनाते हैं, एक साथ बैठकर भोजन करते हैं और समय बिताने के लिए कीर्तन-भजन भी करते हैं। उनके खाने का ध्यान उनकी सेहत के अनुसार रखा जाता है, जिससे उन्हें अच्छा भोजन और एक-दूसरे का साथ दोनों मिलते हैं।
