Read latest updates about "आजीविका कनेक्शन" - Page 1

  • और जब लिफाफे बनाने वाली महिला बनी जनरल स्टोर की मालिक

    सिल्ली(रांची)। नीली साड़ी पहने मीरा देवी की आँखों ये बताते हुए आज भी आंसू थे, 'गरीबी की वजह से मैं नहीं पढ़ पाई पर कैसे भी करके मेरे बच्चे पढ़ जाएं। इसलिए मैंने आज तक अपने लिए कोई नई साड़ी नहीं खरीदी है।' लेकिन आज वही मीरा समूह से जुड़कर अपने घर का खर्च निकाल लेती हैं। छह बहन और एक भाई में मीरा...

  • फसल को कीट-पंतगों से बचाने के लिए करें नीमास्त्र का छिड़काव

    नयनतारा, सामुदायिक पत्रकार पलामू। अगर आपकी फसल में कीट-पतंग लगे हैं तो आप अपने घर पर देसी तरीके से नीमास्त्र बना सकते हैं। इससे न तो आपकी फसल जहरीली होगी और न ही पैसा खर्च होगा।झारखंड में सखी मंडल से जुड़ी महिलाएं कीटनाशक दवाइयों से लेकर खाद तक सब घर पर ही बनाती हैं। कृषक मित्र का प्रशिक्षण के...

  • ग्रामीण महिलाएं सलाहकार बनकर सिखा रहीं बेहतर खेती का तरीका

    मुनिया देवी, कम्युनिटी जर्नलिस्ट गिरीडीह। चेतारों गांव के लोग महिला कृषक मंडल अंजू देवी की चर्चा करते नहीं थकते हैं। ये वही अंजू देवी है जो कभी घर के बाहर कदम नहीं निकालती थी, लेकिन आज ये अपने गाँव के किसानों को बेहतर खेती करने का हुनर सिखा रही हैं। अंजू 15 अप्रैल 2015 को दुर्गा आजीविका...

  • महिलाओं के प्रयास से झारखंड एक साल पहले हुआ खुले में शौच मुक्त

    रूबी खातून कम्युनिटी जर्नलिस्ट रांची। ग्रामीण महिलाओं ने रानी मिस्त्री का हुनर सीखकर न केवल शौचालय निर्माण किया बल्कि उसकी उपयोगिता पर भी जोर दिया। इन महिलाओं के प्रयास से झारखंड अपने 18वें स्थापना दिवस पर एक साल पहले ही खुले में शौच मुक्त हो गया है। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन को पूरा...

  • बांस के झाड़ू बनाने को महिला ने बनाया रोजगार का जरिया

    बबिता कुम्हारी मंडल, कम्यूनिटी पत्रकारबाह्मनी (झारखंड)। झारखंड की कई ग्रामीण महिलाएं झाड़ू बनाने के काम को अपना रोजगार का जरिया बना रही हैं। बांस के झाड़ू बनाकर कई महिलाएं 1200-1500 रुपए महीने कमा रही हैं। झारखंड में रांची से 55 किलोमीटर दूर सिल्ली प्रखंड के बाह्मनी गांव में रहने वाली गंगो देवी...

  • झारखंड के दुर्गम गांव की खबरें खुद लिखेंगी सखी मंडल की महिलाएं

    रांची (झारखंड)। 'हमारे गाँव में जो अखबार आता है उसमें नेताओं की या मारपीट की ही खबरें होती हैं। पर कभी उसमें हमारे गाँव की खबरें नहीं दिखाई देती। लेकिन अब हम खुद पत्रकार बनकर अपने गाँव की खबरें लिखेंगे।' ये बात चार दिवसीय सामुदायिक पत्रकार प्रशिक्षण में वीना देवी (40 वर्ष) ने आत्मविश्वास के साथ...

  • Journey of a woman: From daily wager to a successful farmer

    West Singhbhumi (Jharkhand): Gulbari Go, a tribal female farmer of hilly forest area, smiles looking at crops flourishing in her farm. She says 'It was hard to imagine profitable farming on land which we took on lease. Now we get a daily income of 1500 Rupees after selling vegetables.'Gulbari Go...

  • लाखों महिलाओं के लिए उदाहरण है डॉ. दीदी की कहानी, झारखंड दिवस पर मिला सम्मान

    रांची (झारखंड)। झारखंड के 18वें स्थापना दिवस पर पांचवीं पास डॉ. दीदी बलमदीना तिर्की को 'झारखंड सम्मान 2018' से सम्मानित किया गया। इनकी सफलता की कहानी लाखों महिलाओं के लिए उदाहरण है।'झारखंड सम्मान 2018' से राज्य के उन दस रत्नों को सम्मानित किया गया जो जिन्होंने देशदुनिया में प्रदेश का नाम रौशन किया...

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