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    गोदाम में रखी फसल से भी मिल सकता है बैंक लोन
    गोदाम में रखी फसल से भी मिल सकता है बैंक लोन

    By Swati

    खेती के लिए पैसों की ज़रूरत है, लेकिन फसल कम दाम पर नहीं बेचना चाहते? ऐसे में वेयरहाउस रसीद पर लोन आपके काम आ सकता है। इस वीडियो में आसान भाषा में जानिए कि गोदाम में रखी फसल के आधार पर बैंक से लोन कैसे मिलता है, कौन इसका लाभ ले सकता है, कितनी रकम मिलती है और इसके लिए किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है। यूट्यूब पर देखिए हमारे शो 'गाँव बाज़ार' का एपिसोड 8।

    खेती के लिए पैसों की ज़रूरत है, लेकिन फसल कम दाम पर नहीं बेचना चाहते? ऐसे में वेयरहाउस रसीद पर लोन आपके काम आ सकता है। इस वीडियो में आसान भाषा में जानिए कि गोदाम में रखी फसल के आधार पर बैंक से लोन कैसे मिलता है, कौन इसका लाभ ले सकता है, कितनी रकम मिलती है और इसके लिए किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है। यूट्यूब पर देखिए हमारे शो 'गाँव बाज़ार' का एपिसोड 8।

    Weather Update : कैसा रहने वाला है मौसम?
    Weather Update : कैसा रहने वाला है मौसम?

    By Swati

    अगले 2-3 दिनों में कैसा रहने वाला है मौसम? कहाँ होगी बारिश और कहाँ खुला रहेगा मौसम? जानिए पूरी रिपोर्ट

    अगले 2-3 दिनों में कैसा रहने वाला है मौसम? कहाँ होगी बारिश और कहाँ खुला रहेगा मौसम? जानिए पूरी रिपोर्ट

    Pearl Farming: भारत में तेजी से बढ़ रहा ये बिजनेस
    Pearl Farming: भारत में तेजी से बढ़ रहा ये बिजनेस

    By Swati

    मोतियों की खेती आज अच्छी कमाई का मौका बन गई है। फैशन, कपड़ों और ज्वेलरी में मोतियों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि भारत ही नहीं, विदेशों में भी मोतियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। वीडियो में जानिए मोती की खेती क्यों इतनी फायदेमंद है।

    मोतियों की खेती आज अच्छी कमाई का मौका बन गई है। फैशन, कपड़ों और ज्वेलरी में मोतियों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि भारत ही नहीं, विदेशों में भी मोतियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। वीडियो में जानिए मोती की खेती क्यों इतनी फायदेमंद है।

    छत्तीसगढ़ के बालोद से दुनिया को सीखने की ज़रूरत
    छत्तीसगढ़ के बालोद से दुनिया को सीखने की ज़रूरत

    By Swati

    बारिश का पानी अगर सही तरीके से बचाया जाए, तो वही पानी खेती, पीने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकता है। छत्तीसगढ़ का बलोद जिला इस बात की बेहतरीन मिसाल है। यहां लोगों की भागीदारी से रिचार्ज पिट, चेक डैम, कंटूर ट्रेंच, सामुदायिक बांध और वर्षा जल संचयन जैसी कई पहलें की गईं। इन प्रयासों से भूजल स्तर बढ़ने, सिंचाई में सुधार और करोड़ों लीटर वर्षा जल के संरक्षण की उम्मीद है। इस पोस्ट में जानिए कैसे बलोद ने जल संरक्षण का एक सफल मॉडल तैयार किया और क्यों यह पहल पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही है।

    बारिश का पानी अगर सही तरीके से बचाया जाए, तो वही पानी खेती, पीने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा सहारा बन सकता है। छत्तीसगढ़ का बलोद जिला इस बात की बेहतरीन मिसाल है। यहां लोगों की भागीदारी से रिचार्ज पिट, चेक डैम, कंटूर ट्रेंच, सामुदायिक बांध और वर्षा जल संचयन जैसी कई पहलें की गईं। इन प्रयासों से भूजल स्तर बढ़ने, सिंचाई में सुधार और करोड़ों लीटर वर्षा जल के संरक्षण की उम्मीद है। इस पोस्ट में जानिए कैसे बलोद ने जल संरक्षण का एक सफल मॉडल तैयार किया और क्यों यह पहल पूरे देश के लिए प्रेरणा बन रही है।

    एक पेड़, 5 किस्म के आम! किसान का कमाल
    एक पेड़, 5 किस्म के आम! किसान का कमाल

    By Swati

    क्या एक ही पेड़ पर 4-5 तरह के आम उगाए जा सकते हैं? जी हां! सही तकनीक अपनाकर एक ही पेड़ पर अलग-अलग किस्म के आम लगाए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, करीब 500 रुपये के एक पौधे से लाखों रुपये तक की कमाई भी की जा सकती। जानिए कैसे एक किसान ने ग्राफ्टिंग तकनीक की मदद से एक ही पेड़ पर कई किस्म के आम तैयार किए।

    क्या एक ही पेड़ पर 4-5 तरह के आम उगाए जा सकते हैं? जी हां! सही तकनीक अपनाकर एक ही पेड़ पर अलग-अलग किस्म के आम लगाए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, करीब 500 रुपये के एक पौधे से लाखों रुपये तक की कमाई भी की जा सकती। जानिए कैसे एक किसान ने ग्राफ्टिंग तकनीक की मदद से एक ही पेड़ पर कई किस्म के आम तैयार किए।

    यूपी में अनुदान पर बीज वितरण का 93% लक्ष्य पूरा
    यूपी में अनुदान पर बीज वितरण का 93% लक्ष्य पूरा

    By Swati

    उत्तर प्रदेश में खरीफ़ सीज़न से पहले अनुदानित बीज वितरण अभियान का 93 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। कृषि विभाग के अनुसार, 1,97,575 क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले 1,83,104 क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों तक पहुँचाए जा चुके हैं। धान और ढैंचा के बीजों का लगभग पूरा वितरण हो गया है, जबकि दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के बीज भी बड़े पैमाने पर किसानों तक पहुँचे हैं। सरकार का कहना है कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, फसल बीमा और एमएसपी पर खरीद जैसी व्यवस्थाओं को मज़बूत कर खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

    उत्तर प्रदेश में खरीफ़ सीज़न से पहले अनुदानित बीज वितरण अभियान का 93 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। कृषि विभाग के अनुसार, 1,97,575 क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले 1,83,104 क्विंटल प्रमाणित बीज किसानों तक पहुँचाए जा चुके हैं। धान और ढैंचा के बीजों का लगभग पूरा वितरण हो गया है, जबकि दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के बीज भी बड़े पैमाने पर किसानों तक पहुँचे हैं। सरकार का कहना है कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, फसल बीमा और एमएसपी पर खरीद जैसी व्यवस्थाओं को मज़बूत कर खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है।

    पहली नज़र में लगेगी एकदम असली...हूबहू तस्वीर जैसी चिड़िया
    पहली नज़र में लगेगी एकदम असली...हूबहू तस्वीर जैसी चिड़िया

    By Swati

    पहली नज़र में लगेगी एकदम असली... उज्जैन के कलाकार त्रिलोक ठाकुर सिर्फ एक तस्वीर के आधार पर ऐसी चिड़िया बनाकर तैयार करते हैं, जिन्हें देखकर असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। उनकी बनाई हर चिड़िया रंग, आकार और बारीकियों के साथ इतनी जीवंत दिखती है कि पहली नजर में बिल्कुल असली लगती है। जानिए उनकी इस अनोखी कला और उसे बनाने की खास तकनीक के बारे में।

    पहली नज़र में लगेगी एकदम असली... उज्जैन के कलाकार त्रिलोक ठाकुर सिर्फ एक तस्वीर के आधार पर ऐसी चिड़िया बनाकर तैयार करते हैं, जिन्हें देखकर असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। उनकी बनाई हर चिड़िया रंग, आकार और बारीकियों के साथ इतनी जीवंत दिखती है कि पहली नजर में बिल्कुल असली लगती है। जानिए उनकी इस अनोखी कला और उसे बनाने की खास तकनीक के बारे में।

    आखिर क्यों बदल रहा है भारत का मॉनसून?
    आखिर क्यों बदल रहा है भारत का मॉनसून?

    By Swati

    भारत में बदल रहा है मॉनसून का मिजाज़! कहीं रिकॉर्ड बारिश हो रही है, तो कहीं लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इंतज़ार कर रहे हैं। आखिर मॉनसून का यह बदला हुआ व्यवहार क्यों देखने को मिल रहा है? क्या इसके पीछे जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और बदलते मौसम के पैटर्न जिम्मेदार हैं? आइए समझते हैं

    भारत में बदल रहा है मॉनसून का मिजाज़! कहीं रिकॉर्ड बारिश हो रही है, तो कहीं लोग बूंद-बूंद पानी के लिए इंतज़ार कर रहे हैं। आखिर मॉनसून का यह बदला हुआ व्यवहार क्यों देखने को मिल रहा है? क्या इसके पीछे जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और बदलते मौसम के पैटर्न जिम्मेदार हैं? आइए समझते हैं

    बड़ी, महंगी, अनोखी मछलियां: बंगाल का मशहूर मछली बाज़ार
    बड़ी, महंगी, अनोखी मछलियां: बंगाल का मशहूर मछली बाज़ार

    By Swati

    क्या आपने कभी ऐसा मछली बाज़ार देखा है, जहाँ आपको सबसे भारी से लेकर सबसे महंगी मछली तक सब एक ही जगह मिल जाए? आइए चलते हैं पश्चिम बंगाल के कोलकाता के मशहूर मछली बाज़ार में, जहाँ आपको मिलेगी हर तरह की मछली।

    क्या आपने कभी ऐसा मछली बाज़ार देखा है, जहाँ आपको सबसे भारी से लेकर सबसे महंगी मछली तक सब एक ही जगह मिल जाए? आइए चलते हैं पश्चिम बंगाल के कोलकाता के मशहूर मछली बाज़ार में, जहाँ आपको मिलेगी हर तरह की मछली।

    भारी बारिश का अलर्ट; जानिए कहाँ बरसेंगे बादल
    भारी बारिश का अलर्ट; जानिए कहाँ बरसेंगे बादल

    By Swati

    देशभर में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। जानिए किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, कहाँ ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है और अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

    देशभर में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। जानिए किन राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, कहाँ ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है और अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।