दिल्ली में जल्द ही होगी अत्याधुनिक सुविधाओं वाली ई-मंडी

Update: 2018-04-22 16:56 GMT
फोटो: गाँव कनेक्शन

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली सरकार की पहल पर दिल्ली में जल्द ही 70 एकड़ के रकबे में अत्याधुनिक सुविधाओं वाली एक ई-मंडी बनने जा रही हैं, जहां किसानों और मजदूरों की जरुरतों को ध्यान में रखकर खानपान, ठहरने के लिए गेस्ट हाऊस और स्वास्थ्य संबंधी देखरेख सहित तमाम सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जाएगा।

एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट मार्केट कमेटी (एपीएमसी) बोर्ड के सदस्य और आजादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने पीटीआई-भाषा को बताया, "इस मंडी में किसान बगैर कोई मंडी शुल्क दिए अपने फल सब्जियों को बेच सकेंगे। बिचौलियों से निजात दिलाने के लिए मंडी में सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे और शीत भंडारगृह (कोल्ड स्टोरेज) की सुविधा भी उपलब्ध होगी।"

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उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार की पहल पर कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) ने टीकरी खामपुर के पास 70 एकड़ की भूमि पर इसे विकसित करने के लिए परामर्शक नियुक्त किया है। परामर्शक द्वारा दिए गए नक्शे को बोर्ड की मंजूरी मिल गई है, और विभिन्न अन्य प्राधिकारों से मंजूरी लेने की प्रक्रिया चल रही है। इसका निर्माण इसी वर्ष शुरु होने की उम्मीद है।"

अहमद खान ने कहा, "यह मंडी आकार में एशिया की सबसे बड़ी सब्जी और फल मंडी आजादपुर जितनी बड़ी नहीं होगी पर इसमें लगभग सभी सुविधाएं होंगी। दुनिया की आधुनिकतम मंडियों का अध्ययन करने के बाद इस मंडी में स्वास्थ्य देखरेख, चिकित्सा सुविधाओं, आराम करने के लिए किसान शेड और मजदूर शेड बनाये जायेंगे। यह पूरी तरह से अत्याधुनिक होगी और इसे केन्द्र सरकार की इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) परियोजना से जोड़ा जायेगा।

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उन्होंने कहा कि इस मंडी में अत्याधुनिक कैंटीन बनाये जायेंगे तथा इसमें कचरा प्रबंधन संयंत्र भी लगाया जायेगा। यह पूरी तरह से डिजिटल और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी। उन्होंने कहा कि "गाजीपुर स्थित मुर्गा, पॉल्ट्री, मछली और फूल मंडियों के लिए अस्थायी ढांचे हैं, जिन्हें एपीएमसी इसी साल स्थायी ढांचों में तब्दील करने जा रहा है। इस संबंध में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के साथ (पैनल्टी संबंधी) कुछ विवादों को सुलझा लिया गया है।"

खान ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसानों और उपभोक्ताओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर नजफगढ़, मुंडका, नरेला, मटियाला, मेहरौली जैसी जगहों पर छोटी फुटकर मंडियों को विकसित करने के मकसद से राजस्व विभाग को प्रदेश के ग्राम सभाओं की जमीन की पहचान करने के लिए कहा है।

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