सपा और बसपा के नाम पर पश्चिम में बंटे वोट

Update: 2017-02-10 21:15 GMT
फोटो: कार्तिकेय

मुख्य संवाददाता
मुजफ्फरनगर। पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुसलमान सपा कांग्रेस गठबंधन और बसपा के बीच बंटे नजर आ रहे हैं। यहां फिर वही पुराना फार्मूला लागू हो रहा है। भाजपा को हराने वाले को वोट दो। स्थिति ये है कि जहां भी बसपा ने मुसलमानों को टिकट नहीं दिया है, वहां मुस्लिम सपा के साथ हैं। जबकि बसपा के साथ मुसलमान टिकट पाने वाले उम्मीदवार को मुसलमानों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है।


पश्चिम उत्तर प्रदेश की सीटों पर 25 से 35 फीसदी तक मुसलमान वोटर हैं,जिनके बीच मेें अगर कोई नेता सबसे मशहूर है तो वह अखिलेश यादव हैं। अखिलेश यादव के नाम पर यहां मुसलमानों के बीच साइकिल दौड़ती नजर आ रही है। पुरकाजी के किसान मोहम्मद शोएब बताते हैं कि अखिलेश ने अच्छा काम किया है। उनको हम वोट देंगे। पिता और पुत्र के झगड़े को लेकर शोएब का मानना है कि ये पारिवारिक मामला है। इसमें कोई अंतर नहीं पड़ेगा। मुसलमानों के बीच सपा का अच्छा रुतबा बन रहा है। यहां मुसलमानों को 73 सीटों पर सपा ने 25 उम्मीदवार मुसलमान उतारे।

जहां हाथी पर सवार मुसलमान, वहां साइकिल भूले


जहां भी बहुजन समाज पार्टी से मुसलमान उम्मीदवार है, वहां मुसलमानों ने हाथी का सवार करना मुफीद लग रहा है। जिससे लड़ाई त्रिकोणीय हो गई है। राजनैतिक मामलों के जानकार मेरठ के शिक्षक राकेश सिंह का कहना है कि लंबे समय से बसपा ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर भरोसा किया है, जिसका असर साफ नजर आ रहा है। बीएसपी ने सौ उम्मीदवार पूरे प्रदेश में मुसलमान उतारे हैं। जिसका असर कई जगह पश्चिम उत्तर प्रदेश में नजर आ रही है।

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