एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को अमृत योजना का मिलेगा लाभ

एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को अमृत योजना का मिलेगा लाभपेयजल से जूझ रहे लोगों को निजात मिलेगी

यूपी के जिन शहरों की आबादी एक लाख से अधिक है उन कस्बों और शहरों में अमृत योजना के तहत पेयजल से जूझ रहे लोगों को निजात मिलेगी। कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ सहित प्रदेश के सभी मंडलों के जिलों से उन नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों का चयन किया गया है जहां की आबादी एक लाख से अधिक की है।

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औरैया जिले से एकल नगर पालिका का चयन हुआ है तो जालौन से उरई नगर पालिका का चयन हुआ है। दोनों जगह एएफएसी इंडिया ने पाईप लाईन बिछाने का काम भी शुरू कर दिया है। लाईन बिछने के बाद सर्वे कर प्रत्येक घर को निशुल्क में पानी का कनेक्शन दिया जायेगा।

केंद्र की एक अच्छी योजना

औरैया जिले की एकल नगर पालिका को एक लाख से अधिक आबादी में चयनित किया गया है। नगर पालिका के मोहल्ला सैनिक कालोनी और तिलक नगर में पेयजल की अधिक किल्लत है। सैनिक कालोनी निवासी महेंद्र कुमार निषाद (26वर्ष) बताते हैं, “अमृत योजना से सभी लोगों में व्याप्त पेयजल की समस्या दूर हो जायेगी। केंद्र की ये एक अच्छी योजना है।”

नहीं जूझना पड़ेगा पेयजल से

जालौन जिले में एक लाख की आबादी वाला शहर सिर्फ उरई है जिसका योजना के तहत चयन किया गया है। उरई के मोहल्ला इंद्रा नगर निवासी लक्ष्मणदास (35वर्ष) बताते हैं, “पानी की सप्लाई सही से नहीं थी आबादी ढाई हजार के करीब है हैंडपंप काम नहीं कर रहे है। योजना के तहत पाइप लाईन बिछाई जा रही है इससे लोगों को पेयजल से नहीं जूझना पडे़गा।”

एएफसी इंडिया करेगी जिले में काम

औरैया जिले में अमृत योजना का कार्य एएफसी इंडिया लिमिटेड करेगी। सहयोगी के लिए अरूणोदय एनजीओ को भी लगाया गया है। टीम पहले शहर और कस्बों में जाकर सर्वे शुरू करेगी। इसके बाद जहां लोगों को पीने के पानी की समस्या है वहां कनेक्शन करा पानी पहुंचायेंगे। इसके लिए जिले की एकल नगर पालिका ईओ और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

अमृत योजना का काम जिले में एएफसी इंडिया करेगी। सहयोग में अरूणोदय काम करेगी। बैठक कर तैयारी पूरी कर ली गई है संभवतः अगले माह से काम जिले में शुरू हो जायेगा।
संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद औरैया।

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

कस्बों का कायाकल्प करने वाली इस परियोजना का हर क्षेत्र में नियमित रूप से आडिट होगा।

बिजली, पानी का बिल, हाउस टैक्स सुविधाऐं ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुनिश्चित की जायेंगी।

जो राज्य बेहतर ढंग से इस परियोजना को आगे बढायेंगे उनके लिए बजट में 10 प्रतिशत तक का आवंटन किया जायेगा।

योजना एक लाख से ज्यादा जनसंख्या वाले कस्बों तथा उन छोटे शहरों में जहां से छोटी-छोटी नदियां गुजरती हो।

उन पहाडी इलाको व दीपो पर लागू होगी जहां पर्यटन का स्कोप ज्यादा है।

जिन राज्यों की सरकारें इसे अच्छे ढंग से आगे बढायेगी उनके लिए बजट का आवंटन बढा दिया जायेगा।

अमृत के अंर्तगत वो परियोजनाऐं भी आयेंगी जो जेएनएनयूआरएम के अंर्तगत अधूरी रह गई।

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