‘कृषि आविष्कारों को लैब से लैंड तक पहुचाना होगा’

‘कृषि आविष्कारों को लैब से लैंड तक पहुचाना होगा’राधा मोहन सिंह।

भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में दो दिवसीय (23-25 फरवरी) किसान मेले का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय कृषि मंत्री ने इस कृषि मेले के माध्यम से किसानों को होने वाले लाभों एवं वर्ष 2022 तक कृषि से आय दुगुनी करने की संकल्पना को साकार करने की दिशा में प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी, यह मेला उसी की कड़ी है।

इस किसान मेले का आयोजन भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी द्वारा पौध किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण, नई दिल्ली; कृषि एवं सहकारी विभाग, कृषि एवं किसान मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली; कृषि विभाग उत्तर प्रदेश सरकार एवं एपीआईवी, वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।

ये भी पढ़ें- आपातकाल जैसे हालात, किसानों की बात सरकार सुनना ही नहीं चाहती

राधा मोहन सिंह ने देशभर के कृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों को उन्नत कृषि तकनीकियों एवं अधिक उपज वाले बीजों के माध्यम से हरित क्रांति द्वारा देश में खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता लाने के लिए सराहना की, साथ ही साथ उन्होने मृदा परीक्षण स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना, उद्यानिक फसलों की खेती, मत्स्य पालन, प्रयोगशाला से खेत तक कार्यक्रम, मधुमक्खी पालन, जल संचयन एवं जल प्रबंधन, टपक सिंचाई योजना, ई-नाम नियंत्रित बाजार, किसान उत्पादक संगठनों, फसलों के उत्पादन लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य निर्धारण जैसे महत्वाकांक्षी परियोजना की परिचर्चा की।

बनारस-जौनपुर सीमा पर अमूल प्लांट का जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

ये भी पढ़ें- एलोवेरा की खेती का पूरा गणित समझिए, ज्यादा मुनाफे के लिए पत्तियां नहीं पल्प बेचें, देखें वीडियो

कृषि मंत्री ने भारत सरकार की देश के किसानों के लिये जो पूरी दुनिया का पेट भरने में सक्षम है इन अन्नदाता किसानों के जेब भरने के लिए कई योजनायें एवं क्षेत्र विशेष के अनुरूप कृषि शिक्षा, शोध व प्रसार के कार्यक्रमों को बताया। उन्होंने कहा कि बनारस-जौनपुर सीमा पर अमूल प्लांट का निर्माण कार्य जल्द प्रारम्भ होने वाला है जिससे यहां के किसानों को दूध का सही दाम मिलेगा, नीम कोटेड यूरिया के माध्यम से किसानों ने खेती की उत्पादकता के साथ ही अपनी आय को भी बढ़ाया है, किसान अगर देश के लोगों का पेट भरता है तो देश को उसकी जेब भरनी चाहिए।

देश में हो चुका है 4500 फार्मर प्रोडयूसर आर्गेनाइजेशन का निर्माण

अब तक देश में 4500 फार्मर प्रोडयूसर आर्गेनाइजेशन का निर्माण हो चुका है जिससे किसानों को एक ही स्थान से बीज, सामान आदि लेने की सुविधा मिल रही है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देशी प्रजातियों के जानवरों पर जोर दिया जा रहा है अब तक 14 राज्यों में 18 गोकुल ग्रामों का निर्माण हो चुका है, पहला गोकुल ग्राम वाराणसी में ही बना था। इसके अतिरिक्त कृषि मंत्री ने सब्जी ज्ञान मोबाइल एप्प का शुभारंभ किया, इसके माध्यम से किसान वैज्ञानिकों से सीधे जुड़कर अपने प्रश्नों का समाधान प्राप्त कर सकता है।

ये भी पढ़ें- सिंचाई के लिए कमाल का है यह बर्षा पंप , न बिजली की जरूरत और न ही ईंधन की 

इस कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आलू उत्पादक किसानों के लाभ के लिए आलू विकास बोर्ड की स्थापना की जानकारी दी। इसके साथ ही साथ उन्होने वैदिक खेती की महत्ता एवं फसल बीमा योजना के अन्तर्गत मिर्च एवं केले की खेती को समावेशित करने की महत्ता प्रतिपादित की।

मेले में किसानों को किया गया सम्मानित

इस मेले में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चण्डीगढ़ एवं नई दिल्ली से आये हुये किसानों की कृषि से खाद्य पोषण एवं आजीविका सुरक्षा के माध्यम से कृषि से आय दुगुनी करने के उपायों की विस्तृत जानकारी एवं कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं एवं चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक व तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस समारोह में केन्द्रीय, राजकीय एवं निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में कृषि प्रदर्शनियों को लगाया इस मौके पर राष्ट्रीय स्तर का स्वर्ण पदक पंजाब के प्रगतिशील किसान प्रद्युम्न सिंह, रजत पदक जम्मू कश्मीर के गौहर अहमद गनी एवं हिमाचल प्रदेश के हरिमन शर्मा; कास्य पदक राजस्थान के चमन सैनी एवं महाराष्ट्र के रमेश जोड़े को दिया गया।

ये भी पढ़ें- मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में रूई (कॉटन) की कीमतों में तेजी

Share it
Top