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Lata Mishra

    WEST BENGAL ELECTION 2026: बंगाल के 'सोने की चिड़िया' से संघर्ष की जमीन बनने की दास्तान
    WEST BENGAL ELECTION 2026: बंगाल के 'सोने की चिड़िया' से संघर्ष की जमीन बनने की दास्तान

    By Lata Mishra

    एक समय था जब बंगाल भारत की आर्थिक राजधानी था। राजनीतिक बदलावों और 1947 के बंटवारे ने इसकी अर्थव्यवस्था को तोड़ दिया। जूट उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ। लाखों शरणार्थी आए, जिससे संसाधनों पर भारी बोझ पड़ा। 1971 के युद्ध ने स्थिति को और बिगाड़ा। यह सब बंगाल के पीछे छूटने का कारण बना।

    एक समय था जब बंगाल भारत की आर्थिक राजधानी था। राजनीतिक बदलावों और 1947 के बंटवारे ने इसकी अर्थव्यवस्था को तोड़ दिया। जूट उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ। लाखों शरणार्थी आए, जिससे संसाधनों पर भारी बोझ पड़ा। 1971 के युद्ध ने स्थिति को और बिगाड़ा। यह सब बंगाल के पीछे छूटने का कारण बना।

    Mango Farming : आम पर बैगिंग, कीटनाशकों की छुट्टी, फसल के दुगुने दाम, निर्यात में आसान
    Mango Farming : आम पर बैगिंग, कीटनाशकों की छुट्टी, फसल के दुगुने दाम, निर्यात में आसान

    By Lata Mishra

    अगर किसानों को आम की फलत अच्छी और मंडी में अच्छा दाम मिलने के साथ ही निर्यात में आसानी चाहिए तो फलों की बैगिंग जरूर करनी जाहिए। इससे फल कीटों और कीटनाशकों से सुरक्षित रहता है। बैगिंग पर थोड़ा खर्च करके बाजार में रेट अच्छा मिल जाता है।

    अगर किसानों को आम की फलत अच्छी और मंडी में अच्छा दाम मिलने के साथ ही निर्यात में आसानी चाहिए तो फलों की बैगिंग जरूर करनी जाहिए। इससे फल कीटों और कीटनाशकों से सुरक्षित रहता है। बैगिंग पर थोड़ा खर्च करके बाजार में रेट अच्छा मिल जाता है।

    Cervical Cancer: एक टीका कैसे बचा सकता है लाखों महिलाओं की ज़िदगी?
    Cervical Cancer: एक टीका कैसे बचा सकता है लाखों महिलाओं की ज़िदगी?

    By Lata Mishra

    सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। भारत जैसे देशों में इसके मामले अधिक हैं। यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से फैलता है। समय पर टीका लगवाने और नियमित जांच कराने से इस बीमारी को रोका जा सकता है। सरकार भी इस दिशा में प्रयास कर रही है।

    सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। भारत जैसे देशों में इसके मामले अधिक हैं। यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से फैलता है। समय पर टीका लगवाने और नियमित जांच कराने से इस बीमारी को रोका जा सकता है। सरकार भी इस दिशा में प्रयास कर रही है।

    AGRO-TOURISM: समंदर किनारे चूल्हे का खाना, मेहमाननवाज़ी के साथ कमाई भी ज़्यादा
    AGRO-TOURISM: समंदर किनारे चूल्हे का खाना, मेहमाननवाज़ी के साथ कमाई भी ज़्यादा

    By Lata Mishra

    रोजी-रोटी की तलाश में हर साल लाखों लोग अपना गाँव छोड़कर बड़े शहरों की और पलायन करते हैं। लेकिन ये रोजगार अगर गाँव में ही मिल जाए, तो गाँव गुलजार रहेंगे और युवाओं पलायन नहीं करना पड़ेगा। एग्रो टूरिज्म से ऐसी ही राह दिखाई है महाराष्ट्र के कर्दे गाँव ने।

    रोजी-रोटी की तलाश में हर साल लाखों लोग अपना गाँव छोड़कर बड़े शहरों की और पलायन करते हैं। लेकिन ये रोजगार अगर गाँव में ही मिल जाए, तो गाँव गुलजार रहेंगे और युवाओं पलायन नहीं करना पड़ेगा। एग्रो टूरिज्म से ऐसी ही राह दिखाई है महाराष्ट्र के कर्दे गाँव ने।

    Agriculture Education: इस स्कूल में धनिया-प्याज उगाने की होड़
    Agriculture Education: इस स्कूल में धनिया-प्याज उगाने की होड़

    By Lata Mishra

    ‘द गुड हार्वेस्ट स्कूल’ ग्रामीण लड़कियों के लिए पढ़ाई का एक अलग ही मॉडल पेश कर रहा है, जहां क्लासरूम की दीवारें खेत हैं और किताबों के साथ कुदाल भी थमाई जाती है। इस स्कूल में बच्चियां हल चलाना, पौध तैयार करना, बीज चयन और जैविक खेती जैसे कौशल सीखती हैं।

    ‘द गुड हार्वेस्ट स्कूल’ ग्रामीण लड़कियों के लिए पढ़ाई का एक अलग ही मॉडल पेश कर रहा है, जहां क्लासरूम की दीवारें खेत हैं और किताबों के साथ कुदाल भी थमाई जाती है। इस स्कूल में बच्चियां हल चलाना, पौध तैयार करना, बीज चयन और जैविक खेती जैसे कौशल सीखती हैं।

    भारत और यूरोप के बीच व्यापार समझौता: किसानों और व्यापारियों को क्या फायदा होगा?
    भारत और यूरोप के बीच व्यापार समझौता: किसानों और व्यापारियों को क्या फायदा होगा?

    By Lata Mishra

    भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए समझौता के जरिए यूरोप के 27 देशों में भारत की चाय, मसाले, फल और समुद्री उत्पादों पर टैक्स कम लगेगा, जिससे वहां भारतीय सामान सस्ता होगा और ज्यादा बिकेगा। खास बात यह है कि सरकार ने दूध (डेयरी) और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस लिस्ट से बाहर रखा है ताकि छोटे किसानों की कमाई पर कोई आंच न आए।

    भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए समझौता के जरिए यूरोप के 27 देशों में भारत की चाय, मसाले, फल और समुद्री उत्पादों पर टैक्स कम लगेगा, जिससे वहां भारतीय सामान सस्ता होगा और ज्यादा बिकेगा। खास बात यह है कि सरकार ने दूध (डेयरी) और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस लिस्ट से बाहर रखा है ताकि छोटे किसानों की कमाई पर कोई आंच न आए।