By Lata Mishra
सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। भारत जैसे देशों में इसके मामले अधिक हैं। यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से फैलता है। समय पर टीका लगवाने और नियमित जांच कराने से इस बीमारी को रोका जा सकता है। सरकार भी इस दिशा में प्रयास कर रही है।
सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में महिलाओं के लिए एक बड़ा खतरा है। भारत जैसे देशों में इसके मामले अधिक हैं। यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से फैलता है। समय पर टीका लगवाने और नियमित जांच कराने से इस बीमारी को रोका जा सकता है। सरकार भी इस दिशा में प्रयास कर रही है।
By Lata Mishra
रोजी-रोटी की तलाश में हर साल लाखों लोग अपना गाँव छोड़कर बड़े शहरों की और पलायन करते हैं। लेकिन ये रोजगार अगर गाँव में ही मिल जाए, तो गाँव गुलजार रहेंगे और युवाओं पलायन नहीं करना पड़ेगा। एग्रो टूरिज्म से ऐसी ही राह दिखाई है महाराष्ट्र के कर्दे गाँव ने।
रोजी-रोटी की तलाश में हर साल लाखों लोग अपना गाँव छोड़कर बड़े शहरों की और पलायन करते हैं। लेकिन ये रोजगार अगर गाँव में ही मिल जाए, तो गाँव गुलजार रहेंगे और युवाओं पलायन नहीं करना पड़ेगा। एग्रो टूरिज्म से ऐसी ही राह दिखाई है महाराष्ट्र के कर्दे गाँव ने।
By Lata Mishra
‘द गुड हार्वेस्ट स्कूल’ ग्रामीण लड़कियों के लिए पढ़ाई का एक अलग ही मॉडल पेश कर रहा है, जहां क्लासरूम की दीवारें खेत हैं और किताबों के साथ कुदाल भी थमाई जाती है। इस स्कूल में बच्चियां हल चलाना, पौध तैयार करना, बीज चयन और जैविक खेती जैसे कौशल सीखती हैं।
‘द गुड हार्वेस्ट स्कूल’ ग्रामीण लड़कियों के लिए पढ़ाई का एक अलग ही मॉडल पेश कर रहा है, जहां क्लासरूम की दीवारें खेत हैं और किताबों के साथ कुदाल भी थमाई जाती है। इस स्कूल में बच्चियां हल चलाना, पौध तैयार करना, बीज चयन और जैविक खेती जैसे कौशल सीखती हैं।
By Lata Mishra
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए समझौता के जरिए यूरोप के 27 देशों में भारत की चाय, मसाले, फल और समुद्री उत्पादों पर टैक्स कम लगेगा, जिससे वहां भारतीय सामान सस्ता होगा और ज्यादा बिकेगा। खास बात यह है कि सरकार ने दूध (डेयरी) और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस लिस्ट से बाहर रखा है ताकि छोटे किसानों की कमाई पर कोई आंच न आए।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए समझौता के जरिए यूरोप के 27 देशों में भारत की चाय, मसाले, फल और समुद्री उत्पादों पर टैक्स कम लगेगा, जिससे वहां भारतीय सामान सस्ता होगा और ज्यादा बिकेगा। खास बात यह है कि सरकार ने दूध (डेयरी) और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस लिस्ट से बाहर रखा है ताकि छोटे किसानों की कमाई पर कोई आंच न आए।