नरसिंहपुर में किसानों यशवंत सिन्हा का धरना, आवाज बुलंद करने पहुंचेंगे शत्रुघ्न सिन्हा 

नरसिंहपुर में किसानों यशवंत सिन्हा का धरना, आवाज बुलंद करने पहुंचेंगे शत्रुघ्न सिन्हा पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा

नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी संयंत्र के लिए भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का धरना आज चौथे दिन भी चल रहा है। इस धरने की अगुवाई पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा कर रहे हैं। यशवंत सिन्हा के समर्थन में भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा आज धरना स्थल पर पहुंचेंगे।

किसान नेता शिव कुमार शर्मा ने बताया कि यशवंत सिन्हा का धरना रविवार को चौथे दिन भी जारी है। उनके धरने का समर्थन करने देर शाम को भाजपा सांसद शत्रुघन सिन्हा भी यहां आ रहे हैं। वह दोपहर साढ़े चार बजे नियमित उड़ान से मुंबई से जबलपुर आएंगे और वहां से लगभग सात बजे नरसिंहपुर पहुंचेगे जहां वह आमसभा को संबोधित करेंगे।

ये भी पढ़ें- चने के दाम में भारी गिरावट, पिछले साल के मुकाबले आधे दाम पर बिक रहा चना

जिलाधिकारी कार्यालय के सामने चल रहे इस धरने का आज चौथा दिन है।

गाडरवारा में स्थापित हो रहे एनटीपीसी संयंत्र के लिए कई किसानों की जमीन को अधिग्रहित किया गया। उन्हें मुआवजा दिए जाने के साथ नौकरी देने का भी वादा किया गया। जब नौकरी नहीं दी तो किसानों ने प्रदर्शन किया। बाद में इन किसानों पर एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।

ये भी पढ़ें- चूल्हे पर काम करने से भी हो सकता है कैंसर

यशवंत सिन्हा किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने सहित किसानों की अन्य मांगें पूरी कराने के लिए धरना दे रहे हैं। वह रात में भी धरना स्थल पर ही सोते हैं। प्रशासन ने लगातार उनसे धरना खत्म करने की गुजारिश की मगर वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। वहीं प्रशासन उन्हें अपनी मजबूरियां बता रहा है कि दर्ज प्रकरणों को वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने पर ही खत्म किया जा सकता है।

यशवंत सिन्हा के धरने को आम आदमी पार्टी का भी समर्थन मिल चुका है। आप के प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल भी उनके साथ शनिवार से धरने पर बैठ गए हैं।

ये भी पढ़ें- ए2, ए2+एफएल और सी2, इनका नाम सुना है आपने ? किसानों की किस्मत इसी से तय होगी

मध्यप्रदेश नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा के किसान साल में तीन फसल लेते हैं। एनटीपीसी ने यहां पावर प्लांट की स्थापना के लिए सात सौ किसानों की लगभग 1800 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। किसानों को एक एकड़ जमीन के बदले पंद्रह लाख रुपए देने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर किसानों ने विरोध जताया। तत्कालीन केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुआवजा राशि बढ़ाकर अठारह लाख रुपए कर दी थी। साथ ही किसानों को हर वर्ष तीस हजार रुपए प्रति एकड़ का बोनस तीस साल तक देने का लिखित वादा व प्लांट में परिवार के एक सदस्य को स्थाई नौकरी देने का वादा किया था। पर ये वादे पूरे नहीं हुए है।

ये भी पढ़ें- ढेर सारी सरकारी योजनाओं के मायाजाल में उलझा किसान, नहीं अपनाना चाहता ई-नाम

मध्य प्रदेश से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एप

भाजपा के बागी नेता यशवंत सिन्हा ने 30 जनवरी को एक नई पार्टी राष्‍ट्रीय मंच बनाई है। यह पार्टी किसानों के मुद्दों को लेकर आंदोलन करेगी और इसके साथ दूसरे महत्‍वपूर्ण मुद्दों पर सरकार की ग़लत नीतियों को उजागर करेंगी।

पिछले चार दिसंबर को भी महाराष्ट्र के विदर्भ के अकोला में कपास उत्पादक किसानों के आंदोलन के समर्थन में पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अगुवाई की थी।

ये भी पढ़ें- बटाईदार किसान मतलब, केवल नुकसान का हिस्सेदार

इनपुट आईएएनएस

फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top