Sheetal Devi: बिना हाथ एक गाँव की लड़की कैसे बनी नंबर-1 धनुर्धर?
15 साल तक न तो तीर-कमान देखा और न ही गाँव से बाहर निकलीं। लेकिन जब बिना हाथों की शीतल देवी ने धनुष उठाया तो हर निशाना सटीक लगा। किश्तवाड़ के एक गाँव की रहने वाली शीतल जब पैदा हुईं, तो लोगों ने कहा कि क्या कर पाएगी? लोग ताने मारते थे, उनकी माँ रोती थी। आज पैरा आर्चर शीतल देवी ओलंपिक तक का सफर तय कर चुकी हैं। आज वो एबल और डिसएबल दोनों कैटेगरी में खेलती हैं। देखें गाँव कनेक्शन के खास शो ‘Cross Connection with Manish Mishra’ में शीतल देवी ने अपनी यात्रा साझा की।
