खून की एक जांच से आठ कैंसर की होगी पहचान 

खून की एक जांच से आठ कैंसर की होगी पहचान रक्त परीक्षण

लखनऊ/सिडनी। एक ऐसी शोध आई है जिसमें आप एक बार के रक्त परीक्षण से आठ तरह के कैंसर का पता कर सकेंगे।

आज विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) भी है। ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक शोध में बताया कि एक नए रक्त परीक्षण से आठ तरह के सामान्य कैंसर के शरीर में फैलने और मरीजों के जीवन को जोखिम होने से पहले ही शुरुआती अवस्था में ही पहचान हो सकेगी।

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समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के वाल्टर एंड एलिजा हॉल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च ने कहा कि नया परीक्षण अंडाशय, लीवर, पेट, पैंक्रियाज, ऑसोफोगस, आंत, फेफड़ों और स्तन को प्रभावित करने वाले कैंसर का शुरुआत में ही पता लगाने में सक्षम होगा।

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संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर जेयने टाई ने कहा, "इस परीक्षण में कई ट्यूमर प्रकारों के लिए वन-स्टॉप परीक्षण बनने की संभावना है, जिसे वृहद पैमाने पर स्वीकार किया जाना चाहिए।"

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लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के हेमेटो ऑन्कोलॉजी (ब्लड कैंसर विशेषज्ञ) डॉ एके त्रिपाठी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया, “खून की जांच से कई प्रकार के कैंसर का पता लग जाता है। खून की जांच के खून के कैंसर के का पता तो चलता ही है इसके साथ आँतों के कैंसर, पेट का कैंसर, लीवर का कैंसर, प्रोटेस्ट कैंसर, ओवरियन कैंसर के साथ कई और कैंसर का पता चल जाता है। इन कैंसर का पता खून में बायोमार्कर्स के जरिए होता है। सिर्फ यहीं कहना कि खून की जांच से कैंसर का पता चल जाता है ऐसा नहीं है, कैंसर कंफर्म करने के लिए खून के अलावा भी कई और जांचें करवाई जाती हैं।”

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डॉ एके त्रिपाठी आगे बताते हैं कि, "इसके अलावा एक नई तकनीक फ्री डीएनए से भी कैंसर का पता लगाया जा सकेगा। इस प्रक्रिया में डीएनए से कैंसर का पता लगाया जा सकेगा। इस प्रक्रिया को अभी प्रयोग नहीं किया जा रहा है लेकिन जल्द ही इसे प्रयोग में लाया जाएगा। लोगों को इसके बारे में जानकारी भी दी जाएगी।"

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कैंसर हो जाने पर मरीज के जिंदा बचने की दर सीधे इससे जुड़ी है कि परीक्षण के दौरान मरीज का कैंसर किस अवस्था में है। जितनी शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलता है, मरीज के बचने की दर भी उतनी ही अधिक होती है। इसका मतलब यह है कि वर्तमान में ऐसे रक्त परीक्षण की अत्यंत जरूरत है, जो शुरुआती अवस्था में ही कैंसर की सटीकता से पता लगा सकें।

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नए रक्त परीक्षण के बारे में साइंस जर्नल में जानकारी प्रकाशित हुई है।

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