भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों के खिलाफ सूचना देने वालों को 60 हज़ार का मिलेगा इऩाम

भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों के खिलाफ सूचना देने वालों को 60 हज़ार का मिलेगा इऩामसाभार इंटरनेट।

स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

बाराबंकी। भूण हत्या रोकने के लिए योगी सरकार के ऐलान के बाद जिलों में प्रशासन सक्रिय हो गया है। सरकार इसके लिए आम लोगों का सहयोग लेगी और मुखबिर योजना के तहत गलत काम करने वालों की सूचना देने वालों को पुरस्कृत भी करेगी।

लिंग चयन, भ्रूण हत्या और अवैध गर्भपात के गैर कानूनी कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों, केंद्रों, संस्थाओं के सम्बन्ध में गोपनीय रूप से सूचना देने वाले व्यक्ति और ऐसे अल्ट्रासाउंड केंद्रों के बारे में जानकारी देने और या फिर उन्हें पकड़वाने में मदद करने वालों को नगर इनाम दिया जाएगा।

गर्भधारण पूर्व और प्रसूति पूर्व निदान तकनीक लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न मुद्दों पर कार्यवाही एवं समीक्षा हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न डायग्नोस्टिक सेंटर के नए पंजीकरण और नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार किया गया। इस दौरान जानकारी दी गई थी सफल डिक्वाय ऑपरेशन करवाने पर गोपनीय सूचना देने वाले व्यक्ति को 60,000 रुपये, मिथ्या ग्राहक को 1 लाख रुपये, तथा मिथ्या ग्राहक के सहायक को 40,000 रुपये की धनराशि पुरस्कार स्वरूप दी जायेगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि घटता हुआ बाल लिंगानुपात गंभीर चिंता का विषय है। शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि लिंग चयन और लिंग चयन के पश्चात लिंग के भ्रूण की हत्या के अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों,केंद्रों और संस्थाओं की गोपनीय रूप से सूचना प्राप्त की जाए और ऐसे केंद्रों , संस्थाओं, स्थलों पर डिक्वाय का ऑपरेशन के माध्यम से उनके विरुद्ध साक्ष्य इकठ्ठा करते हुए माननीय न्यायालय में दंडात्मक कार्यवाही हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाए।

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शासन के द्वारा निर्णय लिया गया है कि ऐसी अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु 1 जुलाई 2017 से डिक्वाय ऑपरेशन के माध्यम से निरीक्षण गतिविधियां संचालित के जाएंगी।

डिक्वाय ऑपरेशन की पूरी प्रक्रिया के पूर्व, दौरान और बाद में गोपनीय सूचना देने वाले मुखबीर की सूचना गुप्त रखे जाने के अधिकतम प्रयास किये जाएंगे।

मुखबिर अथवा मिथ्या ग्राहक सूचना देने के लिए राज्य स्तर पर पर सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उ प्र शासन,अध्यक्ष राज समुचित प्राधिकरण,पी सी पी एन डी टी,महानिदेशक परिवार कल्याण उ प्र,या राज्य नोडल अधिकारी पी सी पी एन डी टी,परिवार कल्याण महानिदेशालय उप्र से संपर्क करेंगे। जनपद स्तर पर जिलाधिकारी या मुख्य विकास अधिकारी से संपर्क करेंगे।

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