किसानों के लिये खुशखबरी, मौसम विभाग के अनुसार इस बार होगी झमाझम बारिश

किसानों के लिये खुशखबरी, मौसम विभाग के अनुसार इस बार होगी झमाझम बारिशइस वर्ष अनाज की बंपर पैदावार होने की उम्मीदें बढ़ गई है।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

लखनऊ। भारतीय मौसम विभाग से जारी किए गए मानसून के दूसरे पूर्वानुमान में इस वर्ष देश में 98 फीसदी वर्षा होने की उम्मीद जताई गई है। अच्छे मानसून के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में किसान धान की बुवाई शुरू कर चुके हैं। ऐसे में इस वर्ष अनाज की बंपर पैदावार होने की उम्मीदें बढ़ गई है।

अच्छी बारिश से किसानों को इस वर्ष जबरदस्त फायदा होने की बात कहते हुए फैज़ाबाद स्थित नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के क्रॉप फिज़ियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. एएच खान ने बताया ,“उत्तर प्रदेश में 77 फीसदी कृषि भूमि पर धान की खेती होती है। धान की खेती में 80 फीसदी से अधिक सिंचाई मानसूनी वर्षा पर ही निर्भर होती है। इस बार 98 फीसदी वर्षा का मतलब है कि करीब 1200 से 1500 मीमी. वर्षा होगी यानी की खेतों में दो से ढाई इंच तक पानी भरा रहेगा,जो कि धान के लिए बहुत ज़रूरी माना जाता है।’’

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा मंगलवार को जारी की रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष देश में करीब 98 फीसदी वर्षा होने की उम्मीद है।भारत में कृषि के 50 प्रतिशत भू-भाग की सिंचाई बारिश पर निर्भर है। ऐसे में धान, मक्का और गन्ने की खेती कर रहे किसानों को अच्छी बारिश से प्रति एकड़ 15 प्रतिशत अधिक लाभ मिल सकता है।

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“इस वर्ष बारिश अच्छी होगी, इसलिए किसान इसका अधिक से अधिक फायदा उठाएं। धान की खेती करने वाले किसान अभी से ही नर्सरी तैयार करना शुरू कर दें। अभी बारिश कम हो रही है, खेत की गहरी जुताई करें और घास व खरपतवार हटा दें।’’ डॉ. एएच खान आगे बताते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार इस बार मानसून की बारिश अधिक अवधि तक चलेगी। क्षेत्रवार वर्षा की बात की जाए तो पश्चिमोत्तर भारत में 96 फीसदी, दक्षिण प्रायद्वीप में 99 फीसदी, मध्य भारत में 100 फीसदी और पूर्वोत्तर में 96 फीसदी वर्षा होगी।

इसमें गुजरात, महाराष्ट्र ओडिशा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में 100 फीसदी बारिश होने का अनुमान है। उत्तरप्रदेश में 96 से 98 प्रतिशत वर्षा हो सकती है।

बाराबंकी जिले के सूरतगंज ब्लॉक के बसारी गाँव के किसान विजय कुमार ( 50 वर्ष) 20 बीघा खेत में धान की खेती करते हैं। उनके गाँव के अधिकतर किसान पंप लगाकर खेत की सिंचाई करते हैं। अधिक वर्षा को किसानों के लिए लाभदायक बताते हुए विजय कुमार कहते हैं,’’ बरसात बढ़िया होगी तो सिंचाई का खर्चा बच जाएगा। अभी तेज धूप हो रही है, इसलिए जुताई का काम जल्दी खत्म करे ले रहे हैं, ताकि रोपाई के लिए पूरा समय मिले।’’

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20 जून तक यूपी में पहुंच जाएगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष अलनीनो के कमज़ोर होने से मानसून के पहले चरण में अलनीनो का कोई खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन मानसून खत्म होने तक अलनीनो का थोड़ा असर मानसूनी बारिश पर पड़ सकता है। यानी कि मानसून खत्म होने के समय वर्षा में थोड़ी कमी आ सकती है। देश में जून के अंत से सितंबर के शुरूआती दिनों तक झमाझम बारिश हो सकती है।

उत्तर प्रदेश में मानसून की शुरूआत होने की बात पर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक देवेंद्र प्रधान बताते हैं, “भारत में इस वर्ष दक्षिण पश्चिम क्षेत्रों में मानसून 30 मई को ही पहुंच गया था। यानी कि 13 से 14 जून तक मानसून की शुरूआत मुंबई, बिहार, झारखंड और बंगाल में जाएगी। उत्तर प्रदेश में मानसून 20 जून तक हर हालत में पहुंच जाएगा।’’

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