गांधी पार्क की दुर्दशा देख भड़के मण्डलायुक्त

Diti BajpaiDiti Bajpai   4 Aug 2017 6:46 PM GMT

गांधी पार्क की दुर्दशा देख भड़के मण्डलायुक्तपार्क में पायी गयी गन्दगी, टूटे मिले झूले, बन्द मिले शौचालय।

मोहम्मद आमिल, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

अलीगढ़। पिछले वर्ष मण्डलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा ने व्यक्तिगत रूचि लेकर महानगर के गांधी पार्क का जीर्णोद्धार कराया था, पार्क में लोग मनोरंजन कर सके इसके लिए करोड़ों की लागत से उसमे झूले व अन्य सौंदर्यीकरण के काम कराए, लेकिन एक वर्ष से पहले ही नगर निगम की लापरवाही से पार्क की दुर्दशा हो गयी, मण्डलायुक्त को जब गांधी पार्क की याद आई तो उन्होंने उसका औचक निरीक्षण किया, पार्क की दुर्दशा देख वह गुस्सा तो हुए साथ ही भावुक भी हो गए, उन्होंने इस सम्बन्ध में एक शिकायती पत्र नगर निगम के नगर आयुक्त को लिखकर पार्क की देखभाल करने को कहा।

औचक निरीक्षण में मण्डलायुक्त ने देखा कि पार्क में बडी संख्या में महिलाएं और बच्चे पार्क में घूमने आये थे और झूलों व मशीनो पर अधिक भीड़ थी। पार्क में आरओ और वाटर कूलर स्थापित है, लेकिन जनसुविधा केन्द्र पर पेयजल नहीं आ रहा था। महिला एवं पुरूष के बाथरूमों में ताला बन्द था, बताया गया कि यह कभी नहीं खुलता जनसुविधा केन्द्र बनाने के बावजूद भी जनता को सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।

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निरीक्षण के दौरान गांधी पार्क के अन्दर कहीं पर भी प्रकाश व्यवस्था नहीं पाई गयी। शाम होते ही चारो-ओर अंधेरा होने लगा था। फाइव स्टार सिक्योरिटी के कर्मचारी स्विच बोर्ड रूम को ताला लगाकर गायब हैं और उनका स्टाफ रात्रि आठ बजे के बाद उपस्थित होता है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह बेहद गंभीर स्थिति है। दिन में दोनो वक्त सफाई होनी चाहिये पार्क के अन्दर और बाहर पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखे जाने चाहिये लेकिन पार्क की सफाई व्यवस्था बहुत खराब पाई गयी।

नगर निगम के उद्यान विभाग द्वारा पार्क की घास, फुलवारी, वृक्ष एवं मेडिसनल प्लांट की नियमित देखभाल नहीं हो रही है , न तो पार्क में घास की नियमित कटिंग हो रही है और न ही इसमें पानी दिया जा रहा है। पराग डेयरी का बूथ संचालित पाया गया। पार्क में अव्यवस्था देख मण्डलायुक्त काफी नाराज हुए उन्होंने नगर निगम के नगर आयुक्त को सभी शिकायतों को एक पत्र में बड़े ही भावुक शब्दों में लिखा।

मण्डलायुक्त ने शिकायती पत्र में लिखा

कमिश्नर सुभाष चन्द्र शर्मा ने नगर निगम के नगर आयुक्त को लिखे शिकायती पत्र में कहा कि "बड़ी लागत एवं मेहनत से गांधी पार्क का जीर्णोद्धार कराया गया है। कई कीमती उपकरण, मशीने एवं झूले आदि सथापित किये गये हैं। इसे सामान्य पार्को की तरह न देखा जाये और कमियों के लिये जिम्मेदारी तय की जाये जिससे जनता को पार्क की सुविधा सही भावना एवं पूर्णता में मिल सके।"

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साथ ही उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से केवल दो होमगार्ड़ो को पार्क के मुख्य गेट पर इधर-उधर घूमते हुये पाया। जबकि चौकी इंचार्ज के अनुसार कुल 6 होमगार्ड पार्क की सुरक्षा व्यवस्था के लिये तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरे कम से कम 15 दिन में अवश्य चेक किये जाने चाहिये। सांयकाल में अप्रैल से सितम्बर तक पार्क बन्द होने का समय रात्रि 8:30 बजे होना चाहिये लेकिन प्रकाश व्यवस्था आवश्यक रूप से दुरस्त रहे।

सम्पूर्ण पार्क में स्वीकृत सोलर लाईट, फुटपाथ, बागवानी आदि सभी अधूरे कार्य पूर्ण कराने चाहिये। कमिश्नर ने सुझाव दिया है कि एक वरिष्ठ अधिकारी महानगर के पार्को के रखरखाब हेतु नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करे जो सप्ताह में 2 दिन पार्क की विभिन्न व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण अवश्य करे। पार्क में एक शिकायत रजिस्टर भी रखा जाये जिसमें नोडल आफिसर अपने भ्रमण की उपस्थिति भी दर्ज करे।

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