गाज़ियाबाद : गाँव में जागरूकता लाने के लिए किया गया पर्यावरण कार्यशाला का आयोजन

Pankaj TripathiPankaj Tripathi   19 July 2017 2:14 PM GMT

गाज़ियाबाद : गाँव में जागरूकता लाने के लिए किया गया पर्यावरण कार्यशाला का आयोजनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

गाजियाबाद। जिले में लगातार घटते जलस्तर और बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए लोनी ब्लाक के मेवला भटठी गांव के प्रधान ब्रिजेश (37वर्ष) और लोनी प्रधानसंघ के अध्यक्ष महेश गूर्जर ने संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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इस मौके पर गाँव के साथ ही आस-पास के लोगों ने इस कार्यक्रम के माध्यम से पेड़-पौधों की उपयोगिता को जाना । कार्यक्रम में आए पर्यावरण विशेषज्ञ अरविंद पांडेयने बताया,“ धरती पर जीवन आबाद रहे, इसके लिए प्रकृति ने मानवों के साथ ही पेड़-पौधों की भी रचना की। उसे पता था कि दोनों एक दूसरे पर आश्रित होंगे। यहसहजीवन जितना सहज होगा दुनिया में उतनी खुशहाली-हरियाली रहेगी। ”

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उन्होंने आगे कहा, “आज के समय में इंसानी आबादी विस्तार लेने लगी और पेड़-पौधों को काटा जाने लगा, इससे वातावरण प्रदूषित होने लगा। अब अपनी भूल को सुधारने का यही सही समय है जब मानसूनी बारिश ने देश की धरती को नम कर दिया है। पौधारोपण का यही सही समय भी है। हर आदमी का यह दायित्व बनता है कि वह अपने हिस्से की आक्सीजन के लिए पौधारोपण करे।”

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वहीं महेश गुर्जर ने बताया,“ राष्ट्र के निर्माण में पौधों का महत्व किसी से कम नहीं है। पेड़-पौधे मिटटी के कटान, जलवायु सुधार, जलापूर्ति जैविक नियंत्रण जैसे न जानेकितने उपयोगी काम करने के बाद भी काटे जा रहे हैं, जो कि सही नहीं है। पेड़-पौधे धूप की अल्ट्रा वायलेट किरणों के असर को 50 फीसद तक कम कर देते हैं। येकिरणें त्वचा के कैंसर के लिए जिम्मेदार होती हैं। इसलिए हमने अपने गाँव के स्कूल में पेड़-पौधों और बगीचों की खास व्यवस्था कर रखी है। ”

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प्रधान ब्रिजेश ने बताया,“ घर के आस पास पेड़ लगाने से वाष्पीकरण बहुत कम होता है और नमी भी बनी रहती है। ” गाँव के मास्टर भलराम सिंह (55वर्ष) का कहना है,“ इस तरह के कार्यक्रम से बच्चों के साथ ही बड़े बुजुर्गों को भी काफी कुछ जानने समझने को मिलता है।”

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