प्रशासन की लापरवाही से मेन्था की फसल पानी में डूबी

प्रशासन की लापरवाही से मेन्था की फसल पानी में डूबीदेवखरिया पुरवा में किसानों की सैकड़ों बीघा मेंथा की फसल जलमग्न 

बाराबंकी। जिला मुख्यालय से 38 किमी उत्तर दिशा मे ब्लाक फतेहपुर के ग्राम देवखरिया पुरवा में बीते शुक्रवार को शारदा सहायक दरियाबाद शाखा नहर कट गई, जिससे किसानों की सैकड़ों बीघा मेंथा की फसल जलमग्न हो गई। जिसमें किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

नहर कटने से गाँव के रिहाइशी इलाके में भरा पानी

इसी गाँव के देवखरिया पुरवा निवासी सत्येंद्र वर्मा (45 वर्ष) ने हमें बताया, “इसकी शिकायत दो वर्ष पूर्व की गई थी, कि दोनों नहरों के बीच का बांध टूट गया है, जिससे एक तरफ पानी का बहाव बढ़ गया है,परंतु विभागीय अधिकारी आते और देखकर चले जाते।”

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सत्येंद्र ने बताया, “अभी दो तीन दिन पहले किसान यूनियन के लोगो द्वारा नहर में पानी खोला गया था , नहर मरम्मत के अभाव में कमजोर थी। पानी का बहाव तेज होने के कारण रात करीब दस बजे के आस-पास नहर कट गई। पानी खेतो में भरता हुआ गांव तक पहुंचा तब लोगों को इसकी जानकारी हुई,करीब 300 बीघा मेंथा फसल डूब चुकी थी।”

इसी गाँव के निवासी सत्यकेतु वर्मा (50 वर्ष) ने बताया, “काफी समय पहले ही बीच की पटरी कट चुकी थी, जिसकी सूचना प्रशासन व नहर विभाग के अधिकारीयों को दी गयी। फिर नहर विभाग की लापरवाही का आलम यह रहा कि, कोई स्थायी समाधान निकालने के बजाय विभाग के अधिकारीयों ने जर्जर पटरी के किनारे पर बांस बल्ली लगा कर खानापूर्ति कर दी।”

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बीते शुक्रवार को भी नहर पटरी से पानी रिसने की सूचना प्रशासन को दी गई, तब उनका जवाब मिला कि अभी कटी तो नहीं है। जब देर रात पानी गांव तक जा पहुंचा तो लोगों में हडकंप मच गया। तब आनन-फानन में जिलाधिकारी बाराबंकी को सूचना दी गई, करीब 1:30 बजे नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। रात भर की कवायद के बाद सुबह सात बजे नहर पटरी बांधी गयी। पानी से हुई तबाही में गांव के रामसजीवन का मकान गिर गया वही गांव के कई ग्रामीणों की फसल बर्बाद हो गयी।

तहसीलदार डीके श्रीवास्तव ने हमें बताया कि , “ सूचना के बाद नहर पटरी की मरम्मत का कार्य हो गया है । क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो को भेजकर क्षति का आकलन कराया जा रहा है, किसानों को हर सम्भव सरकारी सहायता दिलायी जायेगी। नहर विभाग की लापरवाही के चलते किसानों में विभागीय अधिकारीयों के प्रति आक्रोश व्याप्त है।”

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