इस बार बिना पंजीकरण के किसानों से नहीं खरीदा जाएगा धान

इस बार बिना पंजीकरण के किसानों से नहीं खरीदा जाएगा धानफोटो: प्रतीकात्मक 

नवीन द्विवेदी/स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट

उन्नाव। इस बार बिना पंजीकरण के किसानों से धान नहीं खरीदा जाएगा। बिचौलियों पर लगाम लगाने के लिए शासन ने खरीद में नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब किसानों को विभागीय वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

पंजीकरण कराने के दौरान अन्नदाता को खेती संबंधित कागजात जमा करने होंगे। जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू होगी। इसके लिए प्रशासन और खाद्य विपणन विभाग आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है। खरीद में दलालों का दखल समाप्त करने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। आनलाइन पंजीकरण के दौरान किसानों को जमीन संबंधी कागजात, बैंक पासबुक व आधारकार्ड की फीडिंग भी करानी होगी। किसान किसी भी नेटकैफे में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे।

ये भी पढ़ें- चीन के किसान ने छत पर किया तरबूज का बंपर उत्पादन, धान और सब्जियों की भी होती है अच्छी पैदावार

यही नहीं उन्हें क्रय केंद्रों पर भी पंजीकरण कराने की सुविधा दी जाएगी। जिले को 22300 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। धान खरीद के लिए जिले में 16 क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं। इसमें विपणन विभाग के 6, पीसीएफ के 3, एसएफसी के 5 और यूपी एग्रो व एफसीआई के एक-एक केंद्र शामिल हैं। किसानों को सामान्य धान के लिए 1550 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 1590 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। खरीद के लिए किसान को केंद्र पर किसान बही या खतौनी के साथ ही बैंक खाते की डिटेल भी बतानी होगी। किसानों को उनकी उपज का भुगतान आरटीजीएस के जरिए खातों में किया जाएगा।

ये भी पढ़ें- एक बीघा धान की खेती में लागत से लेकर मुनाफे तक का पूरा गणित, समझिए यहां...

खरीद की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। एक नवंबर से केंद्र खोले जाएंगे। खरीद के लिए 736500 रुपये रिजर्व रखे गए हैं। किसानों को खरीद के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी।
अनुराग पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी उन्नाव

कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं शिकायतें

किसानों की समस्याओं की समाधान के लिए जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कार्यालय में कंट्रोलरूम खोला गया है। किसान कंट्रोलरूम के नंबर 0515-2826022 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोलरूम का नंबर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चालू रहेगा।

ये भी पढ़ें- कैंसर, पीलिया, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों की रोकथाम में कारगर धान की ‘कालाभात’ किस्म

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

Share it
Top