लखनऊ के माल ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, खतरे में कुर्सी 

लखनऊ के माल ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित, खतरे में कुर्सी उत्तर प्रदेश 

स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

के के बाजपेयी/दीपिका रस्तोगी।

लखनऊ । सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रदेश में जगह जगह पिछली सरकार में चुने गए ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कवायद तेज हो गयी है। कई जनपदों में पुराने ब्लॉक प्रमुखों को कुर्सी छोड़नी पड़ी है, मुख्यतया ब्लॉक प्रमुख का पद पूर्ण रूप से सत्ता और धनबल पर केंद्रित है। हर बार सरकार बदलने पर सत्ता पक्ष की सबसे पहली कोशिश ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी छिनने की होती है। बी के टी ब्लॉक में बसपा सरकार के दौरान ब्लॉक प्रमुख मुस्सन की कुर्सी वर्ष 2012 में सपा सरकार आते ही सपा के तत्कालीन बाहुबली नेता शिवदर्शन यादव ने सत्ता के बल पर छीन ली थी, यही नही पूरे जनपद की ब्लॉक प्रमुख की कुर्सियों पर सपाइयों का कब्जा हो गया था।

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लखनऊ जनपद के माल क्षेत्र पंचायत प्रमुख पद के लिए जिलाधिकारी के समक्ष आज हलफनामे दाखिल होने के बाद अविश्वास की कवायद तेज हो गयी है।छियासी सदस्यों वाली क्षेत्रपंचायत के बावन सदस्यों ने अपने हलफनामे दाखिल किये है। हालांकि वर्तमान प्रमुख ने अविस्वास के मामले में अपनी पेशबंदी को खास तरजीह नहीं दी है।

माल ब्लाक प्रमुख पद के अविस्वास प्रस्ताव की रूपरेखा विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद से ही शुरू हो गयी थी। काफी समय तक प्रत्याशी तय करने को लेकर मंथन होता रहा। चूंकि प्रमुख राजकुमारी यादव से सस्पन निवासी दिलावर की पत्नी खातूना चुनाव हारी थीं इसलिये उन्हें मैदान में लाने पर आम राय बनाई गयी। वर्तमान सांसद के करीबियों के सहयोग से चुनाव लड़ी खातूना की हार का दर्द भुला न पाने को लेकर उन्हें ही दोबारा मैदान में लाने की कसरत की गयी। जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं को सफलता भी मिली।

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सत्ता से अलग रहने का खामियाजा कोई नहीं उठाना चाहता, लिहाजा छियासी में से बावन बीडीसी सदस्यों ने वर्तमान प्रमुख के खिलाफ अविस्वास की हामी भर दी। अब आगामी नौ जून को ब्लाक सभागार में शक्तिपरिक्षण होना है। एसडीएम की उपस्थिति में प्रस्तावित इस परिक्षण को लेकर समूचे क्षेत्र की निगाहें टिकी हैं।

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वर्तमान प्रमुख राजकुमारी के पति रामप्रसाद यादव ने कहा कि सदस्यों की उपस्थिति में यदि अविस्वास प्रस्ताव पारित हो जायेगा तो हम इस्तीफा देकर प्रक्रिया से बाहर होना बेहतर समझते हैं। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान प्रमुख की कार्यशैली ख़राब होने या भ्रष्टाचार की बात होती तो हम जवाब देते। जब सदस्य महज सत्ता परिवर्तन की बयार में बह रहे हों तो क्या किया जा सकता है।

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उधर भाजपा समर्थित प्रत्याशी खातूना के आलावा दूसरे विकल्पों की जमीन भी तैयार की जा रही है। इसके लिए बतौर विकल्प माल क्षेत्र पंचायत से सदस्य पुष्पा चौरसिया के नाम पर भी भाजपा नेता विचार कर रहे है। ब्लाक में पहली बार लाये जा रहे अविस्वास प्रस्ताव को लेकर सभी की निगाहे लगी हैं।

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