उत्तर प्रदेश के किसानों को बीज के लिए दूसरे राज्यों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भर

उत्तर प्रदेश के किसानों को बीज के लिए दूसरे राज्यों पर नहीं रहना पड़ेगा निर्भरप्रदेश के किसानों को बीज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

लखनऊ। प्रदेश के किसानों को समय से उत्नतशील बीज मिल सके और इसके लिए उन्हें दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना न पड़े इसके लिए फैजाबाद स्थित नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय में सीड हब बनाया जाएगा। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहयोग से 50 एकड़ में सीड हब बनाने की योजना पर काम शुरू होने जा रहा है।

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इस बारे में जानकारी देते हुए नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डा. अख्तर हसीब ने बताया '' प्रदेश के किसानों को हर परिक्षेत्र के अनुसार गुणवत्तयुक्त बीज उपलब्ध हो सके इसके लिए यहां पर सीड हब बनने जा रहा है। सीड हब में विश्वविद्यालय के कषि वैज्ञानिक बेहतर बीज को तैयार करेंगे जिसको सरकार के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा। ''

उत्तर प्रदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया '' सीड हब बनाने के लिए 50 एकड़ भूमि शीघ्र प्राप्त कर लिया जाए, इसके लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। जमीन मिलते की सीड हब का काम शुरू हो जाएगा। ''

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डा. अख्तर हसीब ने बताया कि सीड हब में पर्याप्त मात्रा में अच्छे बीज का उत्पादन कर किसानों को सस्ते दाम में दिया जाएगा साथ ही सीड हब से किसानों को जोड़ने के लिए किसानों को भी बीज तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और किसानों से बीज खरीदा भी जाएगा। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विश्वविद्यालय कानपुर, मेरठ, फैजाबाद, बांदा और इलाहाबाद में उनकी स्थिति के अनुसार सेंटर आफ एक्सिलेंस की स्थापना करने का आदेश दिया है। जिससे किसानों को उन्नतशील बीज उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सेंटर पर 2.5 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

धान की बेड़ लगाते किसान।

नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय में सीड हब में सबसे ज्यादा धान की बीजों को विकसित किया जाएगा। डा. अख्तर हसीब ने बताया कि उत्तर प्रदेश के धान उत्पादक क्षेत्रों में धान किसानों तक उच्च गुण्वत्ता वाली और अधिक पैदावार देने वाले बीज तैयार हो सके इसके लिए विशेष रूप से काम किया जाएगा।

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उत्तर प्रदेश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों में अभी बीज उत्पादन यूनिट बनाई गई है और वहां पर बीज का उत्पादन भी होता है लेकिन संसाधनों के अभाव बीज के उत्पादन की मात्रा कम होती है। ऐसे में प्रदेश के किसानों को जितने बीज की जरूरत होती है उसकी आपूर्ति के लिए दूसरों राज्यों से बीज मंगाना पड़ता है। सीड हब बनने से बीज के मामले में प्रदेश आत्म निर्र बन जाएगा।

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देश में दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए पिछले दिनों केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने देशभर में लगभग 150 सीड हब सेंटर विकसित करने की घोषणा की है। जिसमें प्रत्येक सीड सेंटर को 1.5 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। इस योजना को सफल बनाने के लिए कृषि विश्वविद्यालय और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भी सहयोग कर रहे हैं।

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