राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा रहे रायबरेली के छोटे से कस्बे से निकले खिलाड़ी

राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा रहे रायबरेली के छोटे से कस्बे से निकले खिलाड़ीलालगंज में मार्शल आर्ट संघ नाम की संस्था की शुरुआत साल 1993 में हुई थी|

चंदर वर्मा/स्वयं कम्युनिटी जर्नलिस्ट

लालगंज (रायबरेली)। जिले का छोटा सा कस्बा लालगंज जहां न तो कोई स्टेडियम है और न ही खिलाड़ियों के लिए कोई संसाधन, लेकिन फिर भी यहां के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले का नाम कर रहे हैं।

लालगंज में मार्शल आर्ट संघ नाम की संस्था की शुरूआत साल 1993 में रायबरेली जिले के छोटे से कस्बे लालगंज से की गई थी। इस संस्था के शुरु करने का श्रेय कस्बे के चिकमण्डी गाँव के अताउर्र रहमान को जाता है। अताउर्र रहमान बताते हैं, “जब मैने इस संस्था की शुरूआत की थी तब सिर्फ तीन बच्चे सीखने आते थे, इन्हीं तीन बच्चों को एक साल तक प्रशिक्षण दिया फिर धीरे-धीरे लोगों का जुड़ना शुरू हुआ।”

इस संस्था में मार्शल आर्ट की चार विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है, जिनमें ताइक्वाण्डों, किक बॉक्सिंग, वुशू, बॉक्सिंग जैसे आत्म रक्षा वाले खेल शामिल है। उन्होंने बताया इस चारों खेलों में यहां कई दर्जन खिलाड़ियों ने नेशनल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर पदक जीते है। यहां के सात खिलाड़ियों को अलग-अलग सरकारी विभागों में खेल कोटे से नौकरी मिली अब वह खिलाड़ी अपने विभागों की तरफ से खेल रहे है। इस संस्था के आठ खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय की तरफ से पुरस्कार भी मिला।

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साल 2016 में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस संस्था की दो खिलाड़ी डिम्पी तिवारी व सलमा बानों को रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

संस्था के सचिव अताउर्र रहमान कहते हैं, “हमारे खिलाड़ियों ने भले ही कई बार नेशनल प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर प्रदेश का नाम रोशन किया हो पर सरकारी सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है, इतने नेशनल खिलाडी होते हुए भी यहां खिलाड़ियों के लिए एक भी स्टेडियम नहीं है। कई बार यहां की सासंद सोनिया गांधी, राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी को स्टेडियम के लिए प्रार्थना पत्र दिया पर किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।”

संस्था की प्रमुख विशेषताएं

  • बॅाक्सिंग, वुशू, ताइक्वाण्डों, किकबाक्सिंग खेल का होता है प्रशिक्षण।
  • संस्था के नौ खिलाड़ियों को खेल निदेशालय से छह लाख पांच हजार रुपए का मिला नगद पुरस्कार।
  • सात खिलाड़ियों को खेल से अलग-अलग विभागों में सरकारी नौकरी मिली।
  • इस संस्था के कोच गाँव-गाँव जाकर लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देते हैं।
  • इस संस्था की दो खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश सरकार ने रानी लक्ष्मी बाई पुरुस्कार से सम्मानित किया।

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उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय द्वारा सम्मानित खिलाड़ी

  • अनामिका सिंह
  • पूनम लता
  • डिम्पी तिवारी
  • आशीष श्रीवास्तव
  • शैलेश कुमार
  • चांदनी बानो
  • प्रतिष्ठा वर्मा
  • यामिनी सिंह

ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी

  • दिवाकर सोनी
  • डिम्पी तिवारी
  • रोशनी बानो
  • प्रशांत शुक्ला
  • चन्द्रप्रकाश तिवारी
  • अश्वनी प्रजापति
  • जीतेन्द्र प्रजापति

रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी

  • डिम्पी तिवारी
  • सलमा बानो

खिलाड़ी

सरकारी नौकरी में खेल कोटे में भर्ती हुए खिलाड़ी

  • संगीता देवी
  • पवन
  • मनीष सिंह
  • अमरेन्द्र बहादुर सिंह
  • दुर्गेश सिंह
  • सोनम सिंह
  • शबाना बानो

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