पैसे दीजिए प्रेम पत्र लिखवाइए : बेंगलुरु के इंजीनियर ने ‘प्यार भरा’ खत लिखने को बनाया व्यवसाय

पैसे दीजिए प्रेम पत्र लिखवाइए : बेंगलुरु के इंजीनियर ने ‘प्यार भरा’ खत लिखने को बनाया व्यवसायचिट्इी लिखते अनुभव।

लखनऊ। अगर आप किसी से प्यार करते हैं और उसके सामने की बोलने की हिम्मत नहीं पड़ रही है। और लिखने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं तो चिंता न कीजिए बेंगलुरु के युवा इंजीनियर आपकी सेवा कर सकते हैं। प्रेमी-प्रेमिका के अलावा चिट्टी लिखने वाले लोगों को बस अपने रिश्तेदार का नाम और भावनाएं बताएं, ये उसे शब्दों में उतार देंगे।

वैसे ख़त गुजरे जमाने की बात है। ईमेल, व्हाट्सएप और सराहा के जमाने में लंबे खत नहीं बल्कि अच्छे-भले शब्द भी शॉट कट में लिखे जाने लगे हैं, लेकिन लोगों का कहना है लंबी-लंबी चिट्ठियों में जो प्रेम और अपनापन था वो कहीं नहीं। बेंगलुरु के कुछ युवा चिट्ठी लिखने की परंपरा को जिंदा रखने के लिए नया तरीका खोज निकाला है। तरीका भी ऐसा जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे।

जब गाँव कनेक्शन ने इनमें से एक युवक अनुभव से बात की तो उन्होंने बताया कि अनुभव और उनके दोस्त टेक्नोलॉजी कंपनी में काम करते थे। छुट्टियों में जब हम तीनों दोस्त मिलते थे तो ये सोचते थे कि आज डिजिटाइजेशन के दौर में हम कुछ ऐसा नहीं कर पा रहे हैं कि किसी के दिल को छुए। अनुभव ने बताया, “मैं बचपन में चिट्ठियां लिखता था। हम दादा, मामा सबको चिट्ठी लिख कर पोस्ट करते थे। फिर हमने सोचा कि क्यों न एक ऐसा ब्लॉग साइट शुरू करें जिसमें लोग आ कर हमसे बोलें चिट्ठियां लिखने के लिए कहें। ये शुरुआत हमने एक शौक के रूप में की थी।जो अब व्यवसाय बन गया।”

साल 2015 में ब्लॉग की करी शुरुआत

फिर हमने साल 2015 में अपना ब्लॉग शुरू किया और उसमें लिखा कि अगर किसी को किसी भी तरह की चिट्ठी लिखवानी है तो हमें बताएं हम आपके बताए पते पर चिट्ठी लिखकर भेजेंगे।

तीन हफ्ते में आई 140 रिक्वेस्ट

इसके करीब तीन हफ्ते के अंदर लगभग 140 रिक्वेस्ट आई कि आप किसा भाषा में ख़त लिखते है, कितने दिन में ख़त पहुंचेगा, इसकी पेपर क्वालिटी क्या होगी। जब हमारी इन लोगों से बात हुई तो हमें पता चला कि आज भी व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के दौर में चिट्ठी का भी क्रेज है। इसके बाद हमने तकरीबन छह-सात महीने इस पर और रिसर्च की।

ये भी पढ़िए- नीलेश मिसरा की मंडली की सदस्या शिखा द्विवेदी की कहानी पढ़िए: ‘प्यार की उम्र’

साल 2016 में हुई द इंडियन हैंडरिटन लेटर कार्पोरेशन की शुरुआत

अनुभव ने गाँव कनेक्शन से बातचीत के दौरान बताया कि साल 2016 में हमनें द इंडियन हैंडरिटन लेटर कार्पोरेशन नाम से इस साइट की शुरूआत की। इस साइट के टेक्स्ट में जाइये और जिनके लिए आप लिखवाना चाहते हैं उनका नाम, उनसे संबंध और किस विषय पर ख़त लिखवाना चाहते है साथ ही उनका पता हमें भेज दीजिए। हम उस ख़त को लिखकर उस पते पर भेज देंगे।

इस साइट के टेक्स्ट में जाइये और जिनके लिए आप लिखवाना चाहते हैं उनका नाम, उनसे संबंध और किस विषय पर ख़त लिखवाना चाहते है साथ ही पता भेज दीजिए। ये लोग खत लिखकर सही आदमी तक पहुंचा देंगे।

यह भी पढ़ें- नेपोलियन बोनापार्ट ने अपनी प्रेमिका डिजायरी को लिखा था ये ख़त

गर्लफ्रेंड का नहीं बताएंगे पता

अनुभव के मुताबिक कई बार हमारे पास रिक्वेस्ट आती है कि हमारी गर्लफैंड के लिए एक ख़त लिख दो लेकिन हम उसका पता नहीं बताएंगे। ऐसे में उस ख़त को सही जगह तक पहुंचाने में परेशानी होती है। वैसे बतौर अनुभव अगर प्रतिदिन 100 लोगों की रिक्वेस्ट आती है तो उनमें से लगभग 70 रिक्वेस्ट प्रेम पत्र के लिए ही आती है।

कंपनियों के लिए भी लिखते हैं ख़त

अनुभव ने बताया कि हम निजी ख़त के अलावा कंपनियों के लिए भी लिखते हैं। अगर कंपनी अपने ग्राहक के लिए भी कुछ लिखवाती है तो वो भी हम लिखते हैं।

यह भी पढ़ें-

2.50 पैसे प्रति शब्द लेते है चार्ज

अनुभव बताते हैं कि अगर ग्राहक केवल ये बताता है कि लेटर किसे लिखना है और किस विषय में लिखना है तो हम उससे 2.50 रुपए प्रति शब्द के हिसाब से जार्च करते है। लेकिन अगर ग्राहक हमें कंटेंट लिखकर देता है तो हम उससे 1 रुपए प्रति शब्द चार्ज करते है क्योंकि वो तो डिजिटली लिखेगा। हमें उसे मैनुअली ही लिखना पड़ेगा।

ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।

संबंधित ख़बरें- पुराना ख़त : विष्णु प्रभाकर का पत्र उनकी पत्नी सुशीला के नाम

पुराना ख़त : महात्मा गांधी ने हिटलर को लिखा था...

डाक दिवस विशेष : ग़ालिब का एक ख़त

किसी ने तेजाब से जलाया, किसी ने प्यार से अपनाया

Share it
Share it
Share it
Top