By Divendra Singh
देश के करोड़ों की किसानों की नज़रें एक फरवरी पर टिकी हुईं कि इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे में से उनके लिए क्या निकलता है।
देश के करोड़ों की किसानों की नज़रें एक फरवरी पर टिकी हुईं कि इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिटारे में से उनके लिए क्या निकलता है।
By Divendra Singh
नागालैंड के एक युवा किसान ने ऐसा सोलर ड्रायर बनाया है, जिसने पहाड़ी इलाकों में फसल खराब होने की समस्या को कमाई के अवसर में बदल दिया है। बिना बिजली, कम लागत और पर्यावरण के अनुकूल इस तकनीक से सैकड़ों किसान अपनी उत्पादन सुरक्षित रखकर बढ़िया दाम पा रहे हैं।
नागालैंड के एक युवा किसान ने ऐसा सोलर ड्रायर बनाया है, जिसने पहाड़ी इलाकों में फसल खराब होने की समस्या को कमाई के अवसर में बदल दिया है। बिना बिजली, कम लागत और पर्यावरण के अनुकूल इस तकनीक से सैकड़ों किसान अपनी उत्पादन सुरक्षित रखकर बढ़िया दाम पा रहे हैं।
By Divendra Singh
आज देश के कई इलाकों में बारिश हुई है, भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में अभी बारिश और बर्फ़बारी हो सकती है। ऐसे में किसानों के जानना ज़रूरी है कि वो इस समय नुकसान से बचने के लिए क्या करें?
आज देश के कई इलाकों में बारिश हुई है, भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में अभी बारिश और बर्फ़बारी हो सकती है। ऐसे में किसानों के जानना ज़रूरी है कि वो इस समय नुकसान से बचने के लिए क्या करें?
By Divendra Singh
अविशान भेड़ भारत में विकसित की गई एक ऐसी नस्ल, जो अपनी प्रजनन क्षमता और बेहतर मांस उत्पादन के लिए जानी जाती है। जानते हैं कैसे ये नस्ल कम लागत में किसानों की आमदनी बढ़ा सकती है।
अविशान भेड़ भारत में विकसित की गई एक ऐसी नस्ल, जो अपनी प्रजनन क्षमता और बेहतर मांस उत्पादन के लिए जानी जाती है। जानते हैं कैसे ये नस्ल कम लागत में किसानों की आमदनी बढ़ा सकती है।
By Divendra Singh
अरुणाचल प्रदेश के ज़ीरो में पहली बार रेनबो ट्राउट के ‘आईड ओवा’ की पायलट हैचिंग शुरू हुई है। यह कदम हिमाचल, कश्मीर, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में कोल्ड-वॉटर फिशरीज को मजबूत करने, किसानों की आमदनी बढ़ाने और आधुनिक एक्वाकल्चर को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अरुणाचल प्रदेश के ज़ीरो में पहली बार रेनबो ट्राउट के ‘आईड ओवा’ की पायलट हैचिंग शुरू हुई है। यह कदम हिमाचल, कश्मीर, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में कोल्ड-वॉटर फिशरीज को मजबूत करने, किसानों की आमदनी बढ़ाने और आधुनिक एक्वाकल्चर को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
By Divendra Singh
क्या आपको भी लगता है गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेना सुरक्षित नहीं है, या इसको लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे को मानसिक बीमारियाँ हो सकती हैं तो आप गलत है, ये हम नहीं कह रहे वैज्ञानिकों का अध्ययन कहता है।
क्या आपको भी लगता है गर्भावस्था में पैरासिटामोल लेना सुरक्षित नहीं है, या इसको लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे को मानसिक बीमारियाँ हो सकती हैं तो आप गलत है, ये हम नहीं कह रहे वैज्ञानिकों का अध्ययन कहता है।
By Divendra Singh
बिहार के जलभराव वाले गाँवों में ICAR द्वारा विकसित बकरी आधारित एकीकृत खेती प्रणाली किसानों के लिए नई उम्मीद बन रही है। इस मॉडल में बकरी पालन, मछली उत्पादन, फसल और बागवानी को जोड़कर एक ही खेत से सालभर आमदनी का रास्ता खोला गया है।
बिहार के जलभराव वाले गाँवों में ICAR द्वारा विकसित बकरी आधारित एकीकृत खेती प्रणाली किसानों के लिए नई उम्मीद बन रही है। इस मॉडल में बकरी पालन, मछली उत्पादन, फसल और बागवानी को जोड़कर एक ही खेत से सालभर आमदनी का रास्ता खोला गया है।
By Divendra Singh
कर्नाटक के एक किसान के खेत में लग कटहल का पेड़ आज पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है। ‘सिद्धू’ नाम की इस खास किस्म ने अपने तांबे-लाल गूदे, बेहतरीन स्वाद और उच्च पोषण मूल्य के दम पर राष्ट्रीय पहचान हासिल की।
कर्नाटक के एक किसान के खेत में लग कटहल का पेड़ आज पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है। ‘सिद्धू’ नाम की इस खास किस्म ने अपने तांबे-लाल गूदे, बेहतरीन स्वाद और उच्च पोषण मूल्य के दम पर राष्ट्रीय पहचान हासिल की।
By Divendra Singh
हिमालय की सर्दी बदल रही है। जहां कभी बर्फ की मोटी चादर ढकती थी, वहां अब सूखे पहाड़ और वीरान सेब बाग दिखाई दे रहे हैं। हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड के किसान बर्फ की कमी, घटते चिलिंग ऑवर और पानी संकट से जूझ रहे हैं।
हिमालय की सर्दी बदल रही है। जहां कभी बर्फ की मोटी चादर ढकती थी, वहां अब सूखे पहाड़ और वीरान सेब बाग दिखाई दे रहे हैं। हिमाचल, कश्मीर और उत्तराखंड के किसान बर्फ की कमी, घटते चिलिंग ऑवर और पानी संकट से जूझ रहे हैं।
By Divendra Singh
असम के लखीमपुर ज़िले के किसान जितुल बुरागोहेन ने दशकों तक पारंपरिक तरीकों से देसी लुइट भैंस नस्ल की आनुवंशिक शुद्धता और अस्तित्व को बचाए रखा। ब्रह्मपुत्र के तटों और टापुओं पर पलने वाली यह नस्ल बाढ़, कम संसाधन और कठिन परिस्थितियों में भी टिकने की क्षमता रखती है। उनके इसी समर्पण को राष्ट्रीय पहचान मिली है।
असम के लखीमपुर ज़िले के किसान जितुल बुरागोहेन ने दशकों तक पारंपरिक तरीकों से देसी लुइट भैंस नस्ल की आनुवंशिक शुद्धता और अस्तित्व को बचाए रखा। ब्रह्मपुत्र के तटों और टापुओं पर पलने वाली यह नस्ल बाढ़, कम संसाधन और कठिन परिस्थितियों में भी टिकने की क्षमता रखती है। उनके इसी समर्पण को राष्ट्रीय पहचान मिली है।