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Dr SK Singh

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    आम में बढ़िया उत्पादन पाने के लिए जनवरी में अपनाएँ यह आसान तरीका
    आम में बढ़िया उत्पादन पाने के लिए जनवरी में अपनाएँ यह आसान तरीका

    By Dr SK Singh

    जनवरी का महीना आम की फसल के लिए बेहद अहम होता है। इसी समय मिली बग कीट जमीन से निकलकर पेड़ों पर चढ़ता है और फूल व फलों को नुकसान पहुँचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तने पर पॉलीथिन शीट बांधने जैसी सरल तकनीक अपनाकर किसान इस कीट को शुरुआत में ही रोक सकते हैं। यह तरीका कम लागत वाला, पर्यावरण के अनुकूल और उत्पादन बढ़ाने में बेहद असरदार है।

    जनवरी का महीना आम की फसल के लिए बेहद अहम होता है। इसी समय मिली बग कीट जमीन से निकलकर पेड़ों पर चढ़ता है और फूल व फलों को नुकसान पहुँचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तने पर पॉलीथिन शीट बांधने जैसी सरल तकनीक अपनाकर किसान इस कीट को शुरुआत में ही रोक सकते हैं। यह तरीका कम लागत वाला, पर्यावरण के अनुकूल और उत्पादन बढ़ाने में बेहद असरदार है।

    लौकी के फलों पर काले धब्बे क्यों बनते हैं? वैज्ञानिक सलाह से करें नुकसान पर नियंत्रण
    लौकी के फलों पर काले धब्बे क्यों बनते हैं? वैज्ञानिक सलाह से करें नुकसान पर नियंत्रण

    By Dr SK Singh

    लौकी की फ़सल पर काले धब्बे और फल सड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एन्थ्रेक्नोज और गमी स्टेम ब्लाइट जैसे फफूंद रोग पत्तियों, तनों और फलों को प्रभावित कर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा सकते हैं।

    लौकी की फ़सल पर काले धब्बे और फल सड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है। एन्थ्रेक्नोज और गमी स्टेम ब्लाइट जैसे फफूंद रोग पत्तियों, तनों और फलों को प्रभावित कर किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा सकते हैं।

    एक गलती… और जान पर बन सकती है: खाने योग्य और ज़हरीले मशरूम की सही पहचान क्यों ज़रूरी है?
    एक गलती… और जान पर बन सकती है: खाने योग्य और ज़हरीले मशरूम की सही पहचान क्यों ज़रूरी है?

    By Dr SK Singh

    मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।

    मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।

    मीलीबग को पेड़ तक पहुँचने से पहले रोकें; दिसंबर बनेगा उत्पादन बढ़ाने का महीना
    मीलीबग को पेड़ तक पहुँचने से पहले रोकें; दिसंबर बनेगा उत्पादन बढ़ाने का महीना

    By Dr SK Singh

    मीलीबग आम की फसल को 50–100% तक नुकसान पहुँचा सकता है, लेकिन दिसंबर में किया गया प्रबंधन इस खतरे को पूरी तरह रोक सकता है। सही समय पर कार्रवाई, बेहतर फूल और अधिक उत्पादन का रास्ता बनाती है।

    मीलीबग आम की फसल को 50–100% तक नुकसान पहुँचा सकता है, लेकिन दिसंबर में किया गया प्रबंधन इस खतरे को पूरी तरह रोक सकता है। सही समय पर कार्रवाई, बेहतर फूल और अधिक उत्पादन का रास्ता बनाती है।

    टमाटर के पौधे क्यों मुरझा जाते हैं? जानिए असली कारण और आसान समाधान
    टमाटर के पौधे क्यों मुरझा जाते हैं? जानिए असली कारण और आसान समाधान

    By Dr SK Singh

    टमाटर के पौधों का अचानक मुरझा जाना किसानों के लिए एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। यह केवल पानी की कमी नहीं, बल्कि कई बार मिट्टी जनित फफूंद, जीवाणु, कीट या मौसम के उतार-चढ़ाव का परिणाम होता है। सही पहचान, संतुलित सिंचाई, जैविक उपायों और प्रतिरोधक किस्मों के चयन से इस समस्या पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

    टमाटर के पौधों का अचानक मुरझा जाना किसानों के लिए एक आम लेकिन गंभीर समस्या है। यह केवल पानी की कमी नहीं, बल्कि कई बार मिट्टी जनित फफूंद, जीवाणु, कीट या मौसम के उतार-चढ़ाव का परिणाम होता है। सही पहचान, संतुलित सिंचाई, जैविक उपायों और प्रतिरोधक किस्मों के चयन से इस समस्या पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।

    पपीता किसान सावधान! बारिश में इस रोग से हो सकता है भारी नुकसान
    पपीता किसान सावधान! बारिश में इस रोग से हो सकता है भारी नुकसान

    By Dr SK Singh

    बारिश के मौसम में पपीते की फसल को कॉलर रॉट जैसे घातक रोग से बड़ा खतरा होता है। यह फफूंदजनित बीमारी पौधे के तने और जड़ों को सड़ा देती है, जिससे पूरी फसल नष्ट हो सकती है। जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के सरल वैज्ञानिक उपाय - ताकि फसल रहे सुरक्षित और किसान को न हो आर्थिक नुकसान।

    बारिश के मौसम में पपीते की फसल को कॉलर रॉट जैसे घातक रोग से बड़ा खतरा होता है। यह फफूंदजनित बीमारी पौधे के तने और जड़ों को सड़ा देती है, जिससे पूरी फसल नष्ट हो सकती है। जानिए इसके लक्षण, कारण और बचाव के सरल वैज्ञानिक उपाय - ताकि फसल रहे सुरक्षित और किसान को न हो आर्थिक नुकसान।

    फ़सलों से कीटों और रोगों को दूर रखेंगी आपके आसपास मिलने वाली ये दस पत्तियां
    फ़सलों से कीटों और रोगों को दूर रखेंगी आपके आसपास मिलने वाली ये दस पत्तियां

    By Dr SK Singh

    दशपर्णी जैविक खेती के क्षेत्र में एक प्रभावशाली और सुरक्षित उपाय साबित हो रहा है। यह न केवल कीटों और रोगों से बचाव करता है, बल्कि किसानों के लिए किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प भी है।

    दशपर्णी जैविक खेती के क्षेत्र में एक प्रभावशाली और सुरक्षित उपाय साबित हो रहा है। यह न केवल कीटों और रोगों से बचाव करता है, बल्कि किसानों के लिए किफायती और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प भी है।

    जीवामृत: फसलों की सेहत और ज़मीन की उर्वरता का जैविक समाधान
    जीवामृत: फसलों की सेहत और ज़मीन की उर्वरता का जैविक समाधान

    By Dr SK Singh

    जीवामृत एक देसी जैविक खाद और कीटनाशक है, जो देसी गाय के गोबर-गोमूत्र से तैयार होता है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है, फसलों को रोगमुक्त करता है और उत्पादन में वृद्धि लाता है। कम लागत में टिकाऊ खेती का यह समाधान किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

    जीवामृत एक देसी जैविक खाद और कीटनाशक है, जो देसी गाय के गोबर-गोमूत्र से तैयार होता है। यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है, फसलों को रोगमुक्त करता है और उत्पादन में वृद्धि लाता है। कम लागत में टिकाऊ खेती का यह समाधान किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

    केले की खेती से पहले हरी खाद का करें इस्तेमाल: मिट्टी की उर्वरता में बढ़ने के साथ घट जाएगी लागत
    केले की खेती से पहले हरी खाद का करें इस्तेमाल: मिट्टी की उर्वरता में बढ़ने के साथ घट जाएगी लागत

    By Dr SK Singh

    केले की खेती में अधिक उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता के लिए मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना ज़रूरी होता है। हरी खाद के इस्तेमाल से किसान अपनी मिट्टी को पोषक तत्वों से भरपूर बना सकते हैं, जिससे उन्हें लंबे समय तक फायदा होगा।

    केले की खेती में अधिक उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता के लिए मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना ज़रूरी होता है। हरी खाद के इस्तेमाल से किसान अपनी मिट्टी को पोषक तत्वों से भरपूर बना सकते हैं, जिससे उन्हें लंबे समय तक फायदा होगा।

    आम की फ़सल बर्बाद कर रहा है ये कीट, समय रहते कर सकते हैं बचाव
    आम की फ़सल बर्बाद कर रहा है ये कीट, समय रहते कर सकते हैं बचाव

    By Dr SK Singh

    आम के छोटे फलों (टिकोले) पर लाल पट्टी वाला छेदक (रेड बैंडेड बोरर) कीट से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ज़रूरी है कि बागों का नियमित निरीक्षण और समय प्रबंधन किया जाये।

    आम के छोटे फलों (टिकोले) पर लाल पट्टी वाला छेदक (रेड बैंडेड बोरर) कीट से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ज़रूरी है कि बागों का नियमित निरीक्षण और समय प्रबंधन किया जाये।

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