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कृषि में सफलता पाने के लिए सही योजना और तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई किसान सब्सिडी को तुरंत मिलने वाले पैसे समझते हैं, जो कि गलत है। इसके अलावा, उपयुक्त खरीदारों की पहचान करना भी आवश्यक है ताकि वित्तीय घाटे से बचा जा सके। पहले वर्ष के लिए आवश्यक खर्च का सही आकलन करना और बैंक से संपर्क साधना सफलता की ओर पहला कदम है।
कृषि में सफलता पाने के लिए सही योजना और तैयारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। कई किसान सब्सिडी को तुरंत मिलने वाले पैसे समझते हैं, जो कि गलत है। इसके अलावा, उपयुक्त खरीदारों की पहचान करना भी आवश्यक है ताकि वित्तीय घाटे से बचा जा सके। पहले वर्ष के लिए आवश्यक खर्च का सही आकलन करना और बैंक से संपर्क साधना सफलता की ओर पहला कदम है।
By Mansi
री-भोई ज़िले, मेघालय में रुसुला ग्रिसियोपुरपुराटा नामक एक नवोदित मशरूम प्रजाति का पता चला है। इसकी पहचान वैज्ञानिकों ने डीएनए तकनीक और उसके विशिष्ट स्वरूप का गहन अध्ययन करके की है। यह महत्वपूर्ण नमूना एक साल के पेड़ के नीचे पाया गया था और इसे शोध हेतु संरक्षित किया गया है।
री-भोई ज़िले, मेघालय में रुसुला ग्रिसियोपुरपुराटा नामक एक नवोदित मशरूम प्रजाति का पता चला है। इसकी पहचान वैज्ञानिकों ने डीएनए तकनीक और उसके विशिष्ट स्वरूप का गहन अध्ययन करके की है। यह महत्वपूर्ण नमूना एक साल के पेड़ के नीचे पाया गया था और इसे शोध हेतु संरक्षित किया गया है।
By Mansi
उत्तर प्रदेश मशरूम उत्पादन में देश का सबसे बड़ा राज्य बनकर उभरा है। सरकार किसानों को सब्सिडी और प्रशिक्षण देकर इस खेती को बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने लगभग 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम का उत्पादन किया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 40 से 50% तक अनुदान दिया जाता है। यह खेती महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।
उत्तर प्रदेश मशरूम उत्पादन में देश का सबसे बड़ा राज्य बनकर उभरा है। सरकार किसानों को सब्सिडी और प्रशिक्षण देकर इस खेती को बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने लगभग 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम का उत्पादन किया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 40 से 50% तक अनुदान दिया जाता है। यह खेती महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।
By Gaon Connection
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
By Divendra Singh
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।
By Dr SK Singh
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
By Anil Chaudhary
By Preeti Nahar
उत्तर प्रदेश के मोहान में एक किसान ने अटल बिहारी वाजपेयी मशरूम की खेती में महारत हासिल कर ली है। उन्होंने साझा किया कि कैसे साधारण झोपड़ियों में बटन मशरूम की प्रभावी खेती की जा सकती है। इस विधि में भूसा तैयार करने से लेकर स्पानिंग और केसिंग की प्रक्रियाओं को समझाने में उन्होंने बहुत प्रयास किया है।
उत्तर प्रदेश के मोहान में एक किसान ने अटल बिहारी वाजपेयी मशरूम की खेती में महारत हासिल कर ली है। उन्होंने साझा किया कि कैसे साधारण झोपड़ियों में बटन मशरूम की प्रभावी खेती की जा सकती है। इस विधि में भूसा तैयार करने से लेकर स्पानिंग और केसिंग की प्रक्रियाओं को समझाने में उन्होंने बहुत प्रयास किया है।
By Divendra Singh
बिहार के राजेश कुमार सिंह मशरूम उत्पादन की ऐसी विधि विकसित की है, जिससे आसानी से कोई भी अपने घर में मशरूम की खेती कर सकता है।
बिहार के राजेश कुमार सिंह मशरूम उत्पादन की ऐसी विधि विकसित की है, जिससे आसानी से कोई भी अपने घर में मशरूम की खेती कर सकता है।
By Divendra Singh
तीन दिन के ऑनलाइन प्रशिक्षण में मशरूम की खेती से लेकर बाजार में बेचने तक की जानकारी दी जाएगी, साथ ही मशरूम की खेती को लेकर चल रही सरकारी योजनाओं की भी जानकारी मिलेगी।
तीन दिन के ऑनलाइन प्रशिक्षण में मशरूम की खेती से लेकर बाजार में बेचने तक की जानकारी दी जाएगी, साथ ही मशरूम की खेती को लेकर चल रही सरकारी योजनाओं की भी जानकारी मिलेगी।