बिना किसी गिरवी के ₹20 लाख तक का बिज़नेस लोन दे रही सरकार, शुरू करें ये कारोबार; जानें पात्रता, ब्याज दर और आवेदन प्रक्रिया
बिना किसी गिरवी के ₹20 लाख तक का बिज़नेस लोन दे रही सरकार, शुरू करें ये कारोबार; जानें पात्रता, ब्याज दर और आवेदन प्रक्रिया

By Umang

केंद्र सरकार स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चला रही है। इस योजना के तहत ₹50 हजार से ₹20 लाख तक का बिज़नेस लोन बिना किसी गिरवी के दिया जाता है। यह लोन किराना दुकान, मेडिकल स्टोर और डेयरी जैसे अनेक व्यवसायों के लिए उपलब्ध है। आवेदन सरकारी और निजी बैंकों के साथ ऑनलाइन पोर्टलों पर भी किया जा सकता है।

केंद्र सरकार स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चला रही है। इस योजना के तहत ₹50 हजार से ₹20 लाख तक का बिज़नेस लोन बिना किसी गिरवी के दिया जाता है। यह लोन किराना दुकान, मेडिकल स्टोर और डेयरी जैसे अनेक व्यवसायों के लिए उपलब्ध है। आवेदन सरकारी और निजी बैंकों के साथ ऑनलाइन पोर्टलों पर भी किया जा सकता है।

शुरु करें मशरूम की खेती! पंजाब सरकार दे रही ₹80 हजार तक की सब्सिडी, सिर्फ 1800 वर्ग फुट में लग सकती है यूनिट
शुरु करें मशरूम की खेती! पंजाब सरकार दे रही ₹80 हजार तक की सब्सिडी, सिर्फ 1800 वर्ग फुट में लग सकती है यूनिट

By Gaon Connection

पंजाब सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य योजना के तहत मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने पर किसानों को अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। राज्य के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि करीब 2 लाख रुपये की लागत वाली इस इकाई पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। किसान ज़िला बागवानी अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी देगी।

पंजाब सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य योजना के तहत मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने पर किसानों को अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। राज्य के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि करीब 2 लाख रुपये की लागत वाली इस इकाई पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। किसान ज़िला बागवानी अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी देगी।

विदेशी बाज़ारों तक पहुँचेगी मेघालय की लाकाडोंग हल्दी, ₹175 करोड़ का मिशन गोल्डन स्पाइस लॉन्च; निर्यात पर रहेगा फ़ोकस
विदेशी बाज़ारों तक पहुँचेगी मेघालय की लाकाडोंग हल्दी, ₹175 करोड़ का मिशन गोल्डन स्पाइस लॉन्च; निर्यात पर रहेगा फ़ोकस

By Gaon Connection

केंद्र और मेघालय सरकार ने 175.45 करोड़ रुपये की लागत से 'मिशन गोल्डन स्पाइस' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य जीआई टैग प्राप्त लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक बाज़ार में नई पहचान दिलाना है। इस परियोजना के तहत खेती का विस्तार, प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्यात को बढ़ावा और किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। मिशन से 17,500 से अधिक किसान परिवारों और 3,000 से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

केंद्र और मेघालय सरकार ने 175.45 करोड़ रुपये की लागत से 'मिशन गोल्डन स्पाइस' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य जीआई टैग प्राप्त लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक बाज़ार में नई पहचान दिलाना है। इस परियोजना के तहत खेती का विस्तार, प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्यात को बढ़ावा और किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। मिशन से 17,500 से अधिक किसान परिवारों और 3,000 से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

झारखंड में धान बुवाई पर संकट: कम बारिश से किसान चिंतित, खरीफ मौसम पर मंडराया ख़तरा
झारखंड में धान बुवाई पर संकट: कम बारिश से किसान चिंतित, खरीफ मौसम पर मंडराया ख़तरा

By Preeti Nahar

झारखंड के किसान खरीफ मौसम में धान की बुवाई को लेकर काफी चिंतित हैं, क्योंकि जून में बारिश में 60% की कमी आई है। कई जिलों में नर्सरी के सूखने का खतरा बढ़ गया है। मानसून की धीमी गति और एल नीनो के प्रभाव के चलते, सरकार वैकल्पिक फसलों का समर्थन कर रही है और किसानों के लिए राहत पैकेज की मांग कर रही है।

झारखंड के किसान खरीफ मौसम में धान की बुवाई को लेकर काफी चिंतित हैं, क्योंकि जून में बारिश में 60% की कमी आई है। कई जिलों में नर्सरी के सूखने का खतरा बढ़ गया है। मानसून की धीमी गति और एल नीनो के प्रभाव के चलते, सरकार वैकल्पिक फसलों का समर्थन कर रही है और किसानों के लिए राहत पैकेज की मांग कर रही है।

कम पानी-कम रसायन और ज्यादा मुनाफे का दावा करती ये खेती, जानिए विश्व पर्यावरण दिवस पर क्यों हो रही है चर्चा?
कम पानी-कम रसायन और ज्यादा मुनाफे का दावा करती ये खेती, जानिए विश्व पर्यावरण दिवस पर क्यों हो रही है चर्चा?

By Gaon Connection

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जब पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, तब खेती को भी इस चर्चा का हिस्सा बनाना जरूरी है। एकीकृत कृषि प्रणाली जैसे मॉडल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, बल्कि जल, मिट्टी और जैव विविधता के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। जानिए इस तरह की खेती से कैसे आप पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं साथ ही सुरक्षित खेती को कमाई का जरिया भी बना सकते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जब पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण की बात कर रही है, तब खेती को भी इस चर्चा का हिस्सा बनाना जरूरी है। एकीकृत कृषि प्रणाली जैसे मॉडल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, बल्कि जल, मिट्टी और जैव विविधता के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। जानिए इस तरह की खेती से कैसे आप पर्यावरण को सुरक्षित रख सकते हैं साथ ही सुरक्षित खेती को कमाई का जरिया भी बना सकते हैं।

90% तक अनुदान के साथ मशरूम की खेती: जानिए क्या है बिहार सरकार की नई योजना?
90% तक अनुदान के साथ मशरूम की खेती: जानिए क्या है बिहार सरकार की नई योजना?

By Gaon Connection

बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

'क्या मैं खाना हूं या दोस्त?', पेटा इंडिया ने लॉन्च की इंसानों से बात करने वाली AI Goat ‘आवाज़’, लोगों से कर रही यह अपील
'क्या मैं खाना हूं या दोस्त?', पेटा इंडिया ने लॉन्च की इंसानों से बात करने वाली AI Goat ‘आवाज़’, लोगों से कर रही यह अपील

By Gaon Connection

पेटा इंडिया ने शाकाहार और वीगन जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए 'आवाज़' नाम की एक एआई रोबोट बकरी लॉन्च की है। यह रोबोट लोगों से बातचीत कर उन्हें पशु हत्या के खिलाफ जागरूक करेगी। 'आवाज़' कॉलेज और शहरों में जाकर लोगों को पशु-मुक्त खाद्य विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

पेटा इंडिया ने शाकाहार और वीगन जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए 'आवाज़' नाम की एक एआई रोबोट बकरी लॉन्च की है। यह रोबोट लोगों से बातचीत कर उन्हें पशु हत्या के खिलाफ जागरूक करेगी। 'आवाज़' कॉलेज और शहरों में जाकर लोगों को पशु-मुक्त खाद्य विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

नागालैंड के किसानों को भा रही मशरूम की खेती
नागालैंड के किसानों को भा रही मशरूम की खेती

By Divendra Singh

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।

एक गलती… और जान पर बन सकती है: खाने योग्य और ज़हरीले मशरूम की सही पहचान क्यों ज़रूरी है?
एक गलती… और जान पर बन सकती है: खाने योग्य और ज़हरीले मशरूम की सही पहचान क्यों ज़रूरी है?

By Dr SK Singh

मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।

मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।

Button Mushroom Farming: उत्तर प्रदेश के किसान अटल बिहारी वाजपेयी से जानें बटन मशरूम उगाने का पूरा गणित
Button Mushroom Farming: उत्तर प्रदेश के किसान अटल बिहारी वाजपेयी से जानें बटन मशरूम उगाने का पूरा गणित

By Preeti Nahar

उत्तर प्रदेश के मोहान में एक किसान ने अटल बिहारी वाजपेयी मशरूम की खेती में महारत हासिल कर ली है। उन्होंने साझा किया कि कैसे साधारण झोपड़ियों में बटन मशरूम की प्रभावी खेती की जा सकती है। इस विधि में भूसा तैयार करने से लेकर स्पानिंग और केसिंग की प्रक्रियाओं को समझाने में उन्होंने बहुत प्रयास किया है।

उत्तर प्रदेश के मोहान में एक किसान ने अटल बिहारी वाजपेयी मशरूम की खेती में महारत हासिल कर ली है। उन्होंने साझा किया कि कैसे साधारण झोपड़ियों में बटन मशरूम की प्रभावी खेती की जा सकती है। इस विधि में भूसा तैयार करने से लेकर स्पानिंग और केसिंग की प्रक्रियाओं को समझाने में उन्होंने बहुत प्रयास किया है।