By Mansi
री-भोई ज़िले, मेघालय में रुसुला ग्रिसियोपुरपुराटा नामक एक नवोदित मशरूम प्रजाति का पता चला है। इसकी पहचान वैज्ञानिकों ने डीएनए तकनीक और उसके विशिष्ट स्वरूप का गहन अध्ययन करके की है। यह महत्वपूर्ण नमूना एक साल के पेड़ के नीचे पाया गया था और इसे शोध हेतु संरक्षित किया गया है।
री-भोई ज़िले, मेघालय में रुसुला ग्रिसियोपुरपुराटा नामक एक नवोदित मशरूम प्रजाति का पता चला है। इसकी पहचान वैज्ञानिकों ने डीएनए तकनीक और उसके विशिष्ट स्वरूप का गहन अध्ययन करके की है। यह महत्वपूर्ण नमूना एक साल के पेड़ के नीचे पाया गया था और इसे शोध हेतु संरक्षित किया गया है।
By Mansi
उत्तर प्रदेश मशरूम उत्पादन में देश का सबसे बड़ा राज्य बनकर उभरा है। सरकार किसानों को सब्सिडी और प्रशिक्षण देकर इस खेती को बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने लगभग 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम का उत्पादन किया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 40 से 50% तक अनुदान दिया जाता है। यह खेती महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।
उत्तर प्रदेश मशरूम उत्पादन में देश का सबसे बड़ा राज्य बनकर उभरा है। सरकार किसानों को सब्सिडी और प्रशिक्षण देकर इस खेती को बढ़ावा दे रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने लगभग 51 हजार मीट्रिक टन मशरूम का उत्पादन किया। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 40 से 50% तक अनुदान दिया जाता है। यह खेती महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार का एक प्रभावी माध्यम बन रही है।
By Umang
केंद्र सरकार स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चला रही है। इस योजना के तहत ₹50 हजार से ₹20 लाख तक का बिज़नेस लोन बिना किसी गिरवी के दिया जाता है। यह लोन किराना दुकान, मेडिकल स्टोर और डेयरी जैसे अनेक व्यवसायों के लिए उपलब्ध है। आवेदन सरकारी और निजी बैंकों के साथ ऑनलाइन पोर्टलों पर भी किया जा सकता है।
केंद्र सरकार स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना चला रही है। इस योजना के तहत ₹50 हजार से ₹20 लाख तक का बिज़नेस लोन बिना किसी गिरवी के दिया जाता है। यह लोन किराना दुकान, मेडिकल स्टोर और डेयरी जैसे अनेक व्यवसायों के लिए उपलब्ध है। आवेदन सरकारी और निजी बैंकों के साथ ऑनलाइन पोर्टलों पर भी किया जा सकता है।
By Mansi
देश की कृषि व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2025 में कृषि क्षेत्र के कुल कार्यबल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं का है। खेती, पशुपालन, बागवानी और कृषि आधारित उद्यमों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। जानिए सरकार ने संसद में क्या जानकारी दी और महिला किसानों के सामने अब भी कौन-सी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
देश की कृषि व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2025 में कृषि क्षेत्र के कुल कार्यबल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं का है। खेती, पशुपालन, बागवानी और कृषि आधारित उद्यमों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है। जानिए सरकार ने संसद में क्या जानकारी दी और महिला किसानों के सामने अब भी कौन-सी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
By Gaon Connection
पंजाब सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य योजना के तहत मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने पर किसानों को अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। राज्य के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि करीब 2 लाख रुपये की लागत वाली इस इकाई पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। किसान ज़िला बागवानी अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी देगी।
पंजाब सरकार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य योजना के तहत मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने पर किसानों को अधिकतम 80,000 रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। राज्य के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने बताया कि करीब 2 लाख रुपये की लागत वाली इस इकाई पर 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। किसान ज़िला बागवानी अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता भी देगी।
By Gaon Connection
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
बिहार सरकार ने वर्ष 2025–26 के लिए किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मशरूम किट और मशरूम झोपड़ी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पैडी, ऑयेस्टर, बटन और बकेट मशरूम किट पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
By Gaon Connection
केंद्र और मेघालय सरकार ने 175.45 करोड़ रुपये की लागत से 'मिशन गोल्डन स्पाइस' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य जीआई टैग प्राप्त लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक बाज़ार में नई पहचान दिलाना है। इस परियोजना के तहत खेती का विस्तार, प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्यात को बढ़ावा और किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। मिशन से 17,500 से अधिक किसान परिवारों और 3,000 से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
केंद्र और मेघालय सरकार ने 175.45 करोड़ रुपये की लागत से 'मिशन गोल्डन स्पाइस' शुरू किया है, जिसका उद्देश्य जीआई टैग प्राप्त लाकाडोंग हल्दी को वैश्विक बाज़ार में नई पहचान दिलाना है। इस परियोजना के तहत खेती का विस्तार, प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्यात को बढ़ावा और किसानों की आय बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। मिशन से 17,500 से अधिक किसान परिवारों और 3,000 से अधिक महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
By Divendra Singh
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नागालैंड सेंटर के वैज्ञानिकों के प्रयासों से नागालैंड मशरूम उत्पादक राज्यों में शामिल हो रहा है।
By Dr SK Singh
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
मशरूम पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत पहचान जानलेवा साबित हो सकती है। प्रकृति में पाए जाने वाले कई मशरूम अत्यंत विषैले होते हैं, जिनमें से कुछ देखने में बिल्कुल खाने योग्य जैसे लगते हैं। ज़हरीले और खाने योग्य मशरूम में अंतर कैसे करें, किन मिथकों से बचें, वैज्ञानिक पहचान के तरीके क्या हैं और गलती होने पर क्या करना चाहिए। यह जानकारी किसानों, जंगल से मशरूम चुनने वालों और आम लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है।
By Anil Chaudhary