छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में भाजपा विधायक के काफिले पर नक्सली हमला, विधायक भीमा मंडावी समेत छः की मौत

हमला दंतेवाड़ा जिले के कुआंकोडा इलाके में उस वक्त हुआ जब विधायक का काफिला वहां से गुजर रहा था।

Update: 2019-04-09 12:32 GMT
हमले में क्षतिग्रस्त वाहन।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा में बीजेपी विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर मंगलवार दोपहर नक्सलियों ने हमला बोल दिया। नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर बीजेपी नेता के काफिले को निशाना बनाया। इस हमले में विधायक समेत पांच सुरक्षा जवानों शहीद हो गए।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमला दंतेवाड़ा जिले के कुआंकोडा इलाके में उस वक्त हुआ जब विधायक का काफिला यहां से गुजर रहा था। आईईडी ब्लास्ट करके नक्सलियों ने विधायक के काफिले में शामिल सुरक्षाबलों के एक वाहन को निशाना बनाया, जिसमें विधायक सहित पांच जवान गंभीर रूप से घायल होने के बाद शहीद हो गए। हमला इतना भयानक था कि रोड में भी गड्ढे हो गए, आदमियों के परखच्चे उड़ गए।






 विधायक एक बुलेटप्रुफ वाहन में सवार थे लेकिन धमाके में बुलेटप्रुफ वाहन का भी पता नहीं चला। वहीं इस हमले के बाद काफिले में शामिल अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। हमले के बाद सीआरपीएफ और राज्य पुलिस की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया। 

यह हमला चुनाव से ठीक दो दिन पहले हुआ है। 11 अप्रैल को यहां पर लोकसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले भी चुनावों से ऐन पहले नक्सली हमला कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी चुनाव से ठीक 24 घंटे पहले 11 नवंबर को नक्सलियों ने बीजापुर और कांकेर में हमला किया था। इस हमले में बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार शहीद हो गए थे। नक्सलियों ने एक के बाद एक 6 IED ब्लास्ट किया था।

बीजेपी विधायक भीमा मंडावी

30 अक्टूबर, 2018 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के अरनपुर में मीडियाकर्मियों पर नक्सलियों ने हमला बोल दिया था तब दूरदर्शन के एक कैमरामैन की मौत हो गई थी. जबकि मीडिया टीम की सुरक्षा में लगे दो जवान भी शहीद हो गए थे।

वहीं जुलाई 2018 में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बीएसएफ के जवानों पर हमला हुआ था, जिसमें बीएसएफ के 2 जवान शहीद हुए थे। जबकि 13 मार्च 2018 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन के जवानों पर हमला हुआ था, जिसमें सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद हुए थे। 

25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों ने कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला किया था। इस हादसे में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल और नंदकुमार पटेल समेत 25 लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले से छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की एक पूरी पीढ़ी समाप्त हो गई थी। 

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