By Gaon Connection
कर्नाटक का बीवी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह किसानों को उन्नत खेती के तरीके सिखा रहा है। यह समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है। बीज बैंक और मोटे अनाज की खेती जैसे प्रयासों से लगभग 5000 किसान जुड़े हैं।
कर्नाटक का बीवी फातिमा महिला स्वयं सहायता समूह किसानों को उन्नत खेती के तरीके सिखा रहा है। यह समूह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आय बढ़ाने में मदद कर रहा है। बीज बैंक और मोटे अनाज की खेती जैसे प्रयासों से लगभग 5000 किसान जुड़े हैं।
By Gaon Connection
जम्मू-कश्मीर की रहने वाली शीतल देवी को 'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025' का खिताब से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बिना हाथों के होते हुए विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर सभी को प्रेरित किया है। उनकी मेहनत और साहस ने न केवल खेल में बल्कि समाज में भी एक नई उम्मीद जगाई है। पढ़िए शीतल देवी की कहानी।
जम्मू-कश्मीर की रहने वाली शीतल देवी को 'पैरा आर्चर ऑफ द ईयर 2025' का खिताब से सम्मानित किया गया है। उन्होंने बिना हाथों के होते हुए विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर सभी को प्रेरित किया है। उनकी मेहनत और साहस ने न केवल खेल में बल्कि समाज में भी एक नई उम्मीद जगाई है। पढ़िए शीतल देवी की कहानी।
राजस्थान के एक गाँव की एक महिला ने अपनी रसोई की अनोखी रेसिपीज़ को यूट्यूब पर साझा करना शुरू किया। देखते ही देखते यूट्यूब पर चर्चित हो गईं। आज कंटेन्ट क्रिएटर के साथ-साथ वो सफल उद्यमी भी हैं।
राजस्थान के एक गाँव की एक महिला ने अपनी रसोई की अनोखी रेसिपीज़ को यूट्यूब पर साझा करना शुरू किया। देखते ही देखते यूट्यूब पर चर्चित हो गईं। आज कंटेन्ट क्रिएटर के साथ-साथ वो सफल उद्यमी भी हैं।
By Gaon Connection
एक बच्चा जब गाँव में पढ़ाई कर रहा था तो उसके पिता ने सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव बनेगा। पिता के संघर्ष और बेटे के त्याग का नतीजा था कि गाँव से निकलकर पहले IIT फिर आईएएस बने। कुछ ऐसा ही सफर रहा पूर्व आईएएस और यूपी के मुख्य सचिव रह चुके डीएस मिश्रा का। ये कहानी है उनकी मेहनत और उनके पिता के संघर्षों की। गाँव के पेड़ की छांव में पढ़ाई करके एक युवा ने कैसे आईएएस की नौकरी पाई।
एक बच्चा जब गाँव में पढ़ाई कर रहा था तो उसके पिता ने सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव बनेगा। पिता के संघर्ष और बेटे के त्याग का नतीजा था कि गाँव से निकलकर पहले IIT फिर आईएएस बने। कुछ ऐसा ही सफर रहा पूर्व आईएएस और यूपी के मुख्य सचिव रह चुके डीएस मिश्रा का। ये कहानी है उनकी मेहनत और उनके पिता के संघर्षों की। गाँव के पेड़ की छांव में पढ़ाई करके एक युवा ने कैसे आईएएस की नौकरी पाई।
By Gaon Connection
तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में रहने वाला टोडा आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक कढ़ाई के जरिए संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलित जीवन की मिसाल पेश कर रहा है। सफेद कपड़े पर लाल और काले धागों से की जाने वाली यह महीन कढ़ाई सिर्फ कला नहीं, बल्कि उनकी पहचान, इतिहास और जीवन दर्शन का हिस्सा है। पीढ़ी दर पीढ़ी चलती यह परंपरा आज आजीविका का साधन भी बन रही है और सस्टेनेबल फैशन की दुनिया में एक प्रेरणा बनकर उभर रही है।
तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में रहने वाला टोडा आदिवासी समाज अपनी पारंपरिक कढ़ाई के जरिए संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलित जीवन की मिसाल पेश कर रहा है। सफेद कपड़े पर लाल और काले धागों से की जाने वाली यह महीन कढ़ाई सिर्फ कला नहीं, बल्कि उनकी पहचान, इतिहास और जीवन दर्शन का हिस्सा है। पीढ़ी दर पीढ़ी चलती यह परंपरा आज आजीविका का साधन भी बन रही है और सस्टेनेबल फैशन की दुनिया में एक प्रेरणा बनकर उभर रही है।
By Gaon Connection
प्रतापगढ़ के पूर्व सैनिक उत्कृष्ट पांडेय ने चंदन और हल्दी उगाकर अपनी किस्मत चमकाई। उन्होंने अपने गाँव में 'हर घर चंदन' की शुरुआत की, जिससे सैकड़ों किसान प्रेरित हुए और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह मॉडल अब गाँवों में खुशहाली ला रहा है।
प्रतापगढ़ के पूर्व सैनिक उत्कृष्ट पांडेय ने चंदन और हल्दी उगाकर अपनी किस्मत चमकाई। उन्होंने अपने गाँव में 'हर घर चंदन' की शुरुआत की, जिससे सैकड़ों किसान प्रेरित हुए और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। यह मॉडल अब गाँवों में खुशहाली ला रहा है।
By Gaon Connection
आदिवासी किसान सुंदरियाबाई ने उस समय देसी बीज बचाने की शुरुआत की, जब पूरा गाँव हाइब्रिड बीजों की ओर दौड़ रहा था। आज उनके पास 150 पारंपरिक किस्मों का बीज बैंक है, जो सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की खाद्य सुरक्षा और खेती की पहचान को भी सहेज रहा है।
आदिवासी किसान सुंदरियाबाई ने उस समय देसी बीज बचाने की शुरुआत की, जब पूरा गाँव हाइब्रिड बीजों की ओर दौड़ रहा था। आज उनके पास 150 पारंपरिक किस्मों का बीज बैंक है, जो सिर्फ अनाज नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की खाद्य सुरक्षा और खेती की पहचान को भी सहेज रहा है।
By Gaon Connection
राजस्थान के खटवा गाँव की रूबी पारिक ने पिता को खोने के बाद हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द को ताकत में बदला और जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, बीज बैंक और जैविक खेती की ट्रेनिंग देकर हज़ारों महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी।
राजस्थान के खटवा गाँव की रूबी पारिक ने पिता को खोने के बाद हार नहीं मानी। उन्होंने दर्द को ताकत में बदला और जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, बीज बैंक और जैविक खेती की ट्रेनिंग देकर हज़ारों महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले के मझगाँव में रहने वाली संजू कुशवाहा ने बकरी के दूध से साबुन बनाकर न सिर्फ़ एक नया उत्पाद खड़ा किया, बल्कि सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार और आत्मसम्मान भी दिया।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र ज़िले के मझगाँव में रहने वाली संजू कुशवाहा ने बकरी के दूध से साबुन बनाकर न सिर्फ़ एक नया उत्पाद खड़ा किया, बल्कि सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोज़गार और आत्मसम्मान भी दिया।
By Gaon Connection
राजस्थान के पिपलांत्री गाँव में बेटी का जन्म दुख नहीं, उत्सव है। यहाँ हर नवजात बेटी के नाम 111 पेड़ लगाए जाते हैं, ताकि धरती और समाज दोनों का भविष्य सुरक्षित हो।
राजस्थान के पिपलांत्री गाँव में बेटी का जन्म दुख नहीं, उत्सव है। यहाँ हर नवजात बेटी के नाम 111 पेड़ लगाए जाते हैं, ताकि धरती और समाज दोनों का भविष्य सुरक्षित हो।
By Gaon Connection
By
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection
By Gaon Connection