By Abhishek Pandey
नेपाल के रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाक़े में भारी तबाही मचाई है। 384 यात्रियों के लापता होने की प्रारंभिक सूचना है, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है।
नेपाल के रसुवा ज़िले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाक़े में भारी तबाही मचाई है। 384 यात्रियों के लापता होने की प्रारंभिक सूचना है, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान जारी है।
By Abhishek Pandey
पटना के गर्दनीबाग में BPSC TRE-4 की परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। छात्र PT-मेन व्यवस्था, निगेटिव मार्किंग हटाने और 100% डोमिसाइल की माँग कर रहे हैं। CM आवास के घेराव के लिए निकले छात्रों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद झड़प और लाठीचार्ज की स्थिति बनी।
पटना के गर्दनीबाग में BPSC TRE-4 की परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। छात्र PT-मेन व्यवस्था, निगेटिव मार्किंग हटाने और 100% डोमिसाइल की माँग कर रहे हैं। CM आवास के घेराव के लिए निकले छात्रों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ी। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद झड़प और लाठीचार्ज की स्थिति बनी।
By Abhishek Pandey
देश में चीनी की क़ीमतों को लेकर इंडियन शुगर एंड मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने कहा है कि चीनी की कोई कमी नहीं है। संगठन के मुताबिक़ सरकार की ओर से 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की मंज़ूरी के बाद क़ीमतों में नरमी आने लगी है। मिलों का नया पेराई सत्र अक्टूबर के मध्य से शुरू होने की उम्मीद है।
देश में चीनी की क़ीमतों को लेकर इंडियन शुगर एंड मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने कहा है कि चीनी की कोई कमी नहीं है। संगठन के मुताबिक़ सरकार की ओर से 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की मंज़ूरी के बाद क़ीमतों में नरमी आने लगी है। मिलों का नया पेराई सत्र अक्टूबर के मध्य से शुरू होने की उम्मीद है।
By Abhishek Pandey
नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) ने कमर्शियल हॉर्टिकल्चर और कोल्ड स्टोरेज योजनाओं की सब्सिडी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब मंत्री, सांसद, विधायक और कई श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों को सब्सिडी नहीं मिलेगी। साथ ही, एक परिवार से सिर्फ़ एक सदस्य ही NHB की वित्तीय सहायता ले सकेगा और सामान्य राज्यों में सब्सिडी 50% से घटाकर 35% कर दी गई है।
नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) ने कमर्शियल हॉर्टिकल्चर और कोल्ड स्टोरेज योजनाओं की सब्सिडी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब मंत्री, सांसद, विधायक और कई श्रेणियों के सरकारी कर्मचारियों को सब्सिडी नहीं मिलेगी। साथ ही, एक परिवार से सिर्फ़ एक सदस्य ही NHB की वित्तीय सहायता ले सकेगा और सामान्य राज्यों में सब्सिडी 50% से घटाकर 35% कर दी गई है।
By Mansi
महिला उद्यमियों को बड़े व्यवसायों में तब्दील करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई योजना शुरू की है। बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और गुजरात में चार नए इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। इस पहल के जरिए 600 से अधिक ग्रामीण उद्यमियों को विकास के पथ पर लाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और 'लखपति दीदी' अभियान को मजबूत बनाना है।
महिला उद्यमियों को बड़े व्यवसायों में तब्दील करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नई योजना शुरू की है। बिहार, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और गुजरात में चार नए इनक्यूबेटर्स स्थापित किए जाएंगे। इस पहल के जरिए 600 से अधिक ग्रामीण उद्यमियों को विकास के पथ पर लाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और 'लखपति दीदी' अभियान को मजबूत बनाना है।
By Gaon Connection
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन’ से जुड़े प्रदर्शन में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की माँग उठाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगों में आर्थिक स्थिति को सरकारी सहायता का आधार बनाना, ‘कोटे के भीतर कोटा’, आरक्षण पर श्वेत पत्र, उच्च शिक्षा में न्यूनतम अंक और EWS के लाभों का विस्तार शामिल है। आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू होकर सड़क तक पहुँचा है। प्रदर्शनकारी मेरिट और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की माँग पर ज़ोर दे रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन’ से जुड़े प्रदर्शन में आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की माँग उठाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगों में आर्थिक स्थिति को सरकारी सहायता का आधार बनाना, ‘कोटे के भीतर कोटा’, आरक्षण पर श्वेत पत्र, उच्च शिक्षा में न्यूनतम अंक और EWS के लाभों का विस्तार शामिल है। आंदोलन सोशल मीडिया से शुरू होकर सड़क तक पहुँचा है। प्रदर्शनकारी मेरिट और मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की माँग पर ज़ोर दे रहे हैं।
By Gaon Connection
उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, चीनी मिलों में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है, जबकि जून-जुलाई में 235 लाख क्विंटल चीनी बेची गई। ज़रूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने के लिए डीलरों और बड़े खरीदारों के स्टॉक की सीमा तय की है। अगले पेराई सत्र में 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, चीनी मिलों में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार उपलब्ध है, जबकि जून-जुलाई में 235 लाख क्विंटल चीनी बेची गई। ज़रूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने के लिए डीलरों और बड़े खरीदारों के स्टॉक की सीमा तय की है। अगले पेराई सत्र में 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है।
By Mansi
भारत में चीनी का उपभोग तेजी से बढ़ रहा है, जबकि शुरुआती भंडार क्षीण हो चुके हैं। गन्ने से एथेनॉल की मांग ने चीनी के उत्पादन को प्रभावित किया है। हालांकि भारत पिछले दस वर्षों से चीनी का बड़ा निर्यातक बना रहा है, अब आयात की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है। मौसमी उतार-चढ़ाव भी चीनी की उपलब्धता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।
भारत में चीनी का उपभोग तेजी से बढ़ रहा है, जबकि शुरुआती भंडार क्षीण हो चुके हैं। गन्ने से एथेनॉल की मांग ने चीनी के उत्पादन को प्रभावित किया है। हालांकि भारत पिछले दस वर्षों से चीनी का बड़ा निर्यातक बना रहा है, अब आयात की आवश्यकता उत्पन्न हो गई है। मौसमी उतार-चढ़ाव भी चीनी की उपलब्धता पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।
By Umang
त्योहारी सीज़न से पहले प्याज़ की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी ने आम लोगों के साथ छोटे दुकानदारों और सब्ज़ी विक्रेताओं की परेशानी बढ़ा दी है। 21 अगस्त को देश में प्याज़ की औसत खुदरा कीमत 40.79 रुपये किलो रही, जो एक महीने पहले 34.87 रुपये थी। सालाना आधार पर कीमत 42 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। कई शहरों में भाव 50-60 रुपये किलो तक पहुँच गया है। देरी से हुई बुआई और नई फसल की आवक में कमी से कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
त्योहारी सीज़न से पहले प्याज़ की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी ने आम लोगों के साथ छोटे दुकानदारों और सब्ज़ी विक्रेताओं की परेशानी बढ़ा दी है। 21 अगस्त को देश में प्याज़ की औसत खुदरा कीमत 40.79 रुपये किलो रही, जो एक महीने पहले 34.87 रुपये थी। सालाना आधार पर कीमत 42 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। कई शहरों में भाव 50-60 रुपये किलो तक पहुँच गया है। देरी से हुई बुआई और नई फसल की आवक में कमी से कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
By Dr SB Misra
प्राकृतिक आपदाओं पर नियंत्रण संभव नहीं, पर उनसे बचाव सीखना आवश्यक है। भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी जैसी प्राकृतिक विपदाओं से बचाव के उपाय विज्ञान सिखाता है। जल संकट एक प्राकृतिक और मानव-जनित आपदा है जिसे मनुष्य ने बढ़ाया है। वायु-जनित आपदाएँ और जलवायु परिवर्तन जीवनशैली में बदलाव की मांग करते हैं। वैश्विक संघर्ष और खाद्यान्न संकट जैसी मानव-जनित विपदाओं का समाधान मनुष्य को स्वयं खोजना होगा।
प्राकृतिक आपदाओं पर नियंत्रण संभव नहीं, पर उनसे बचाव सीखना आवश्यक है। भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी जैसी प्राकृतिक विपदाओं से बचाव के उपाय विज्ञान सिखाता है। जल संकट एक प्राकृतिक और मानव-जनित आपदा है जिसे मनुष्य ने बढ़ाया है। वायु-जनित आपदाएँ और जलवायु परिवर्तन जीवनशैली में बदलाव की मांग करते हैं। वैश्विक संघर्ष और खाद्यान्न संकट जैसी मानव-जनित विपदाओं का समाधान मनुष्य को स्वयं खोजना होगा।
By Abhishek Pandey
By Abhishek Pandey
By Abhishek Pandey
By Abhishek Pandey
By Mansi
By Gaon Connection
By Gaon Connection