By Mansi
देश में सुपारी की खेती के क्षेत्र में बड़ा इजाफा हुआ है, जबकि उत्पादन में गिरावट आई है। पिछले 5 वर्षों में, किसानों ने सुपारी की खेती का रकबा तीस प्रतिशत बढ़ाया है। इस कमी का मुख्य कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में कमी है। कर्नाटक इस क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है, और सरकार लीफ स्पॉट रोग से निपटने के लिए उपाय कर रही है।
देश में सुपारी की खेती के क्षेत्र में बड़ा इजाफा हुआ है, जबकि उत्पादन में गिरावट आई है। पिछले 5 वर्षों में, किसानों ने सुपारी की खेती का रकबा तीस प्रतिशत बढ़ाया है। इस कमी का मुख्य कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में कमी है। कर्नाटक इस क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है, और सरकार लीफ स्पॉट रोग से निपटने के लिए उपाय कर रही है।
By Gaon Connection
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण भारत के कृषि क्षेत्र पर असर पड़ रहा है। जटिल उर्वरकों के उत्पादन और आयात में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कच्चे माल की वैश्विक कीमतों में उछाल से उत्पादन और आयात मुश्किल हो गया है। सब्सिडी की दरें मौजूदा लागत के अनुरूप नहीं रह गई हैं। इससे खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसानों को पोषक तत्वों की उपलब्धता की चिंता है।
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण भारत के कृषि क्षेत्र पर असर पड़ रहा है। जटिल उर्वरकों के उत्पादन और आयात में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कच्चे माल की वैश्विक कीमतों में उछाल से उत्पादन और आयात मुश्किल हो गया है। सब्सिडी की दरें मौजूदा लागत के अनुरूप नहीं रह गई हैं। इससे खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसानों को पोषक तत्वों की उपलब्धता की चिंता है।
By Mansi
केंद्र सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु फसल भंडारण और कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ कर रही है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के आठ जिलों को सम्मिलित किया गया है। इस योजना के तहत सहकारी समितियों के माध्यम से भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
केंद्र सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु फसल भंडारण और कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ कर रही है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के आठ जिलों को सम्मिलित किया गया है। इस योजना के तहत सहकारी समितियों के माध्यम से भंडारण और प्रसंस्करण सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
By Gaon Connection
तमिलनाडु सरकार ने सुपर अल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने की घोषणा की है। राज्य के 12 जिलों के लिए विशेष आकस्मिक योजनाएं तैयार की गई हैं। किसानों को बेहतर सुविधाएँ देने हेतु आठ नए एकीकृत कृषि विस्तार केंद्र स्थापित होंगे। फसल प्रतियोगिता और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। यह बजट किसानों की आय बढ़ाने और फसल सुरक्षा को मजबूत करेगा।
तमिलनाडु सरकार ने सुपर अल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने की घोषणा की है। राज्य के 12 जिलों के लिए विशेष आकस्मिक योजनाएं तैयार की गई हैं। किसानों को बेहतर सुविधाएँ देने हेतु आठ नए एकीकृत कृषि विस्तार केंद्र स्थापित होंगे। फसल प्रतियोगिता और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार दिए जाएंगे। यह बजट किसानों की आय बढ़ाने और फसल सुरक्षा को मजबूत करेगा।
By Mansi
बच्चों और महिलाओं के लिए पोषण सेवाओं की पहुँच को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रैक किया जा रहा है। 'पोषण ट्रैकर' एप्लिकेशन का उपयोग कुपोषण की स्थिति और आंगनवाड़ी सेवाओं की नियमित निगरानी करने के लिए किया जा रहा है। यह ऐप बच्चों की वृद्धि और पोषण योजना की प्रगति को फॉलो करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।
बच्चों और महिलाओं के लिए पोषण सेवाओं की पहुँच को अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रैक किया जा रहा है। 'पोषण ट्रैकर' एप्लिकेशन का उपयोग कुपोषण की स्थिति और आंगनवाड़ी सेवाओं की नियमित निगरानी करने के लिए किया जा रहा है। यह ऐप बच्चों की वृद्धि और पोषण योजना की प्रगति को फॉलो करने का एक महत्वपूर्ण साधन है।
By Gaon Connection
बेहतर मानसून और खरीफ़ सीज़न में उड़द की बुआई बढ़ने से देश में उड़द की क़ीमतों में लगातार दूसरे सप्ताह नरमी दर्ज की गई है। दाल मिलों और व्यापारियों की कमज़ोर माँग, आयात बढ़ने की संभावना और नई फसल की अच्छी उम्मीद से बाज़ार पर दबाव बना हुआ है। कृषि मंत्रालय के अनुसार 3 अगस्त तक उड़द का औसत थोक भाव घटकर 8,638 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।
बेहतर मानसून और खरीफ़ सीज़न में उड़द की बुआई बढ़ने से देश में उड़द की क़ीमतों में लगातार दूसरे सप्ताह नरमी दर्ज की गई है। दाल मिलों और व्यापारियों की कमज़ोर माँग, आयात बढ़ने की संभावना और नई फसल की अच्छी उम्मीद से बाज़ार पर दबाव बना हुआ है। कृषि मंत्रालय के अनुसार 3 अगस्त तक उड़द का औसत थोक भाव घटकर 8,638 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है।
By Mansi
असम के नेपाल कुटी गाँव में बाढ़ ने कई परिवारों की ज़िंदगी तबाह कर दी। लोग रातभर टीन की छत पर बैठकर नाव का इंतज़ार करते रहे। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों में कीचड़ और तबाही के निशान रह गए। मवेशियों की मौत और लापता लोगों का दर्द ग्रामीणों को सता रहा है। राहत मिलने के बावजूद ज़िंदगी फिर से बसाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
असम के नेपाल कुटी गाँव में बाढ़ ने कई परिवारों की ज़िंदगी तबाह कर दी। लोग रातभर टीन की छत पर बैठकर नाव का इंतज़ार करते रहे। बाढ़ का पानी उतरने के बाद घरों में कीचड़ और तबाही के निशान रह गए। मवेशियों की मौत और लापता लोगों का दर्द ग्रामीणों को सता रहा है। राहत मिलने के बावजूद ज़िंदगी फिर से बसाना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
By Umang
देशभर में भारी बारिश से कई राज्यों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में गंगा, घाघरा और सरयू नदियाँ खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली और पंजाब में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। केरल, ओडिशा और गुजरात में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं।
देशभर में भारी बारिश से कई राज्यों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में गंगा, घाघरा और सरयू नदियाँ खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली और पंजाब में भी भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। केरल, ओडिशा और गुजरात में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं।
By Mansi
शिवसागर ज़िले में बाढ़ ने ना केवल घरों को, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। हर बारिश के बाद, लोग एक नए डर के साए में जीने को मजबूर हैं, जो कुछ ही पलों में उनकी दुनिया को उजाड़ देती है। यह बाढ़ सिर्फ भौतिक क्षति नहीं लाई, बल्कि उन गाँवों और सपनों को भी बहा ले गई है, जो वर्षों से अस्तित्व में थे।
शिवसागर ज़िले में बाढ़ ने ना केवल घरों को, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। हर बारिश के बाद, लोग एक नए डर के साए में जीने को मजबूर हैं, जो कुछ ही पलों में उनकी दुनिया को उजाड़ देती है। यह बाढ़ सिर्फ भौतिक क्षति नहीं लाई, बल्कि उन गाँवों और सपनों को भी बहा ले गई है, जो वर्षों से अस्तित्व में थे।
By Umang
मार्केटिंग वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने 4 अगस्त तक 571.14 लाख टन चावल की ख़रीद कर अपने कुल लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत हासिल कर लिया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। रबी सीज़न में चावल की सरकारी ख़रीद 18 प्रतिशत बढ़कर 86.71 लाख टन पहुँच गई है, जिसमें तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा का सबसे बड़ा योगदान रहा। कृषि मंत्रालय को इस वर्ष भी बेहतर चावल उत्पादन की उम्मीद है, जबकि नए विपणन वर्ष से पहले सरकार को मौजूदा भंडार के प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा।
मार्केटिंग वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने 4 अगस्त तक 571.14 लाख टन चावल की ख़रीद कर अपने कुल लक्ष्य का लगभग 99 प्रतिशत हासिल कर लिया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है। रबी सीज़न में चावल की सरकारी ख़रीद 18 प्रतिशत बढ़कर 86.71 लाख टन पहुँच गई है, जिसमें तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा का सबसे बड़ा योगदान रहा। कृषि मंत्रालय को इस वर्ष भी बेहतर चावल उत्पादन की उम्मीद है, जबकि नए विपणन वर्ष से पहले सरकार को मौजूदा भंडार के प्रबंधन पर भी ध्यान देना होगा।
By Mansi
By Gaon Connection
By Mansi
By Gaon Connection
By Mansi
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By Gaon Connection